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नागरिक सुरक्षा के संबंध में हुई बैठक* *कार्ययोजना बनाने एवं वालंटियर्स के प्रशिक्षण के दिए निर्देश*

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*पन्ना कलेक्टर के कार्यालय सभागार कक्षा मैं नागरिक सुरक्षा को लेकर आयोजित हुई बैठक*

*रिपोर्टर- Sky इंडिया टीवी से एमपी हेड मोहम्मद शमीम अहमद खान की रिपोर्ट*

देश की वर्तमान परिस्थितियों के मद्देनजर एवं शासन से जारी निर्देशों के परिपालन में मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय के सभागार में नागरिक सुरक्षा से संबंधित आवश्यक तैयारियों एवं आगामी कार्ययोजना की रूपरेखा के संबंध में बैठक हुई। इस मौके पर कलेक्टर सुरेश कुमार, पुलिस अधीक्षक साईं कृष्ण एस थोटा, जिला पंचायत सीईओ उमराव सिंह मरावी, अपर कलेक्टर नीलाम्बर मिश्र, जिला सेनानी होमगार्ड शालिवाहन पाण्डेय सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में संपन्न हुई बैठक में स्थानीय स्तर पर विभिन्न विभागों के समन्वय से आवश्यक तैयारियों के संबंध में विचार विमर्श किया गया। बताया गया कि जिले में किसी भी संभावित आकस्मिक घटना पर नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। असामाजिक तत्वों के क्रियाकलाप तथा महत्वपूर्ण भवनों एवं परिसर के बचाव के लिए भी निगरानी की जाना है। कलेक्टर श्री कुमार ने कहा कि युद्ध की स्थिति के अतिरिक्त शांतिकाल में भी नागरिक सुरक्षा के उपाय और प्रयास जरूरी हैं। वर्तमान में इस दायित्व का निर्वहन विभागीय स्तर पर समन्वित प्रयासों से किया जाना आवश्यक है। इसलिए संबंधित विभागों द्वारा किसी भी घटना से बचाव का प्लान तैयार किया जाए। जिले की आपदा प्रबंधन कार्ययोजना के मूल स्वरूप में ही कुछ परिवर्तन कर आकस्मिक घटना की चुनौतियों से निपटने के लिए नागरिक सुरक्षा के उपाय किए जाएं।
कलेक्टर ने कहा कि इस दौरान राहत एवं बचाव कार्य के लिए 12 प्रकार की टीम गठित होगी। संभावित घटना के पूर्व राज्य स्तर से येलो अलर्ट जारी होगा। साथ ही दुर्घटना घटित होने के बाद लो एवं हाई फ्रीक्वेंसी पर दो मिनिट के लिए रेड अलर्ट जारी होने का सायरन बजेगा। स्थिति सामान्य होने का संकेत एक समान आवाज से बजने वाले ग्रीन सिग्नल अलर्ट के सायरन से मिलेगा। बैठक में रात्रि में संभावित आपातकालीन स्थिति में ब्लैकआउट कार्यवाही की जानकारी भी दी गई। जिला कलेक्टर ने इस संबंध में जिला स्तर पर वालेंटियर्स का प्रशिक्षण कराने के निर्देश भी दिए। विकासखंड स्तर पर भी 14 मई से वॉलिंटियर का प्रशिक्षण शुरू होगा। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत से न्यूनतम दो-दो और नगरीय क्षेत्र के वार्डों से 2 से 5 वालेंटियर की नियुक्ति की जा सकेगी। उन्होंने किसी भी संभावित आपदा के पूर्व प्रमाणित सूचना व संकेतकों की पहचान को जरूरी बताया। साथ ही कहा कि इसके लिए प्रथमतः सभी एसडीएम व थाना प्रभारी समन्वय कर आवश्यकता मुताबिक डीजे का चिन्हांकन भी कर लें। साथ ही कंट्रोल रूम का गठन कर कर्मचारी भी तैनात करें। उन्होंने भारत सरकार द्वारा वालेंटियर पंजीयन के लिए विकसित होने वाले पोर्टल की जानकारी देते हुए कम्युनिकेशन प्लान को प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए। साथ ही महत्वपूर्ण फोन नंबर की उपलब्धता सहित स्कूल एवं अन्य शासकीय विभागों के बड़े भवनों को आश्रय स्थल के रूम में विकसित करने के लिए तत्काल इनका चिन्हांकन कर राहत शाखा में जानकारी भेजने के लिए कहा।
कलेक्टर ने एनएमडीसी, जेके सीमेंट और नगरीय क्षेत्रों के वाटर ट्रीटमेंट प्लान जैसे संवेदनशील स्थानों की मैपिंग कर समस्त सुरक्षा वाहनों को अलर्ट मोड में रखने तथा मॉकड्रिल व्यवस्था के लिए भी निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि अवांछित ड्रोन फ्लाई न हो। किसी भी आपात स्थिति की सूचना पर तत्काल कार्यवाही करें। इस दौरान निर्धारित एसओपी का पालन सुनिश्चित कर सुरक्षा की दृष्टि से एक्सप्लोसिव स्टोर एवं शस्त्रागार के निरीक्षण, घर में बचाव की तैयारी के बारे में लोगों को जागरूक करने तथा विभिन्न संचार माध्यमों के माध्यम से जागरूकता गतिविधियों के आयोजन के संबंध में भी चर्चा की गई। जिला कलेक्टर ने गत दिवस जारी तीन प्रतिबंधात्मक आदेशों की जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी अफवाह पर हमेशा सजग रहें।
पुलिस अधीक्षक ने नागरिक सुरक्षा के संबंध में वालेंटियर्स की भूमिका के बारे में जानकारी दी। साथ ही कहा कि सोशल मीडिया पर किसी भी भड़काउ संदेश पर ध्यान न दें एवं न ही इनका प्रेषण करें। इन्हें हतोत्साहित कर साइबर क्राइम की घटना से भी अलर्ट रहें। इसके अलावा जिम्मेदार नागरिक बनकर अवांछित मैसेज एवं लिंक पर भी प्रतिक्रिया न दें। सावधानीपूर्वक सुरक्षा उपायों का पालन करें। उन्होंने सभी एसडीएम एवं तहसीलदार को एसडीओपी एवं थाना प्रभारी के साथ बैठक कर जागरूकता अभियान के कार्यक्रमों में पुलिस को भी सहभागी बनाने की बात कही। साथ ही सायरन की लोकेशन पर नजर रखने तथा बलवा सामग्री के साथ सभी वाहन तैयार रखने के लिए कहा। प्रत्येक वाहन में सही माइक सिस्टम और फर्स्ट एड किट की उपलब्धता के निर्देश भी दिए।

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