Thane AWS Data Center Protest: Amazon प्रोजेक्ट पर क्यों नाराज हैं लोग?
Protest held under the banner of 'Wake Up Thanekar', locals raise concerns over setting up the project in a densely populated area

ठाणे में Amazon AWS डेटा सेंटर का विरोध, स्थानीय लोगों ने उठाए पर्यावरण और संसाधनों से जुड़े सवाल
महाराष्ट्र के ठाणे में प्रस्तावित Amazon Web Services (AWS) डेटा सेंटर को लेकर स्थानीय लोगों का विरोध लगातार जारी है। घनी आबादी वाले इलाके में इस बड़े प्रोजेक्ट को स्थापित किए जाने को लेकर नागरिकों ने चिंता जताई है। ‘वेक अप ठाणेकर’ (Wake Up Thanekar – WUT) समूह के बैनर तले स्थानीय लोग प्रदर्शन कर रहे हैं और प्रशासन से अपनी आपत्तियों पर ध्यान देने की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे डेटा सेंटर जैसी तकनीकी परियोजनाओं के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन उनका विरोध इस बात को लेकर है कि इसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में बनाया जा रहा है, जहां पहले से ही बुनियादी सुविधाओं पर दबाव है।
पर्यावरण को लेकर जताई चिंता
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इतने बड़े डेटा सेंटर के संचालन से पर्यावरण पर असर पड़ सकता है। डेटा सेंटर को लगातार चलाने के लिए बड़ी मात्रा में बिजली और कूलिंग सिस्टम की जरूरत होती है, जिससे ऊर्जा खपत बढ़ने की संभावना है।
लोगों ने आशंका जताई है कि इससे इलाके के तापमान, प्रदूषण और आसपास के पर्यावरण पर प्रभाव पड़ सकता है।
बिजली और पानी की खपत पर सवाल
प्रदर्शन कर रहे नागरिकों ने डेटा सेंटर की भारी बिजली और पानी की जरूरत को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ठाणे जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में पहले से ही बिजली और पानी की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में इतने बड़े प्रोजेक्ट के आने से आम नागरिकों को भविष्य में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
शोर प्रदूषण को लेकर भी चिंता
निवासियों ने डेटा सेंटर से निकलने वाले शोर को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि घनी आबादी के बीच मशीनों और कूलिंग सिस्टम के लगातार संचालन से आसपास रहने वाले लोगों पर असर पड़ सकता है।
उन्होंने मांग की है कि प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले स्थानीय पर्यावरण और नागरिक सुविधाओं से जुड़े सभी पहलुओं की गहन समीक्षा की जाए।
स्थानीय लोगों की मांग क्या है?
‘वेक अप ठाणेकर’ समूह से जुड़े लोगों का कहना है कि वे विकास और तकनीकी निवेश का विरोध नहीं कर रहे हैं। उनकी मांग सिर्फ इतनी है कि ऐसे बड़े प्रोजेक्ट के लिए उपयुक्त स्थान चुना जाए, जहां आम लोगों की जिंदगी और पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव कम हो।
स्थानीय निवासी अनुराधा रोडे समेत कई लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि नागरिकों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया जाए।
प्रशासन और कंपनी की भूमिका पर नजर
अब इस मामले में प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया का इंतजार है। डेटा सेंटर परियोजना को लेकर आगे की कार्रवाई स्थानीय आपत्तियों, नियमों और पर्यावरणीय मानकों के आधार पर तय की जाएगी।
निष्कर्ष:
ठाणे में Amazon AWS डेटा सेंटर को लेकर विवाद विकास बनाम पर्यावरण और स्थानीय सुविधाओं के संतुलन का मुद्दा बन गया है। जहां एक ओर यह परियोजना डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा दे सकती है, वहीं स्थानीय लोग इसके प्रभावों को लेकर अपनी चिंताएं सामने रख रहे हैं।

