चित्रकूट में सांप के काटने से युवक की मौत, NHRC ने सभी राज्यों को भेजा नोटिस
चित्रकूट में जहरीले सांप के काटने के बाद समय पर एंटी-स्नेक वेनम न मिलने के आरोप में युवक की मौत के मामले को NHRC ने गंभीरता से लिया है. आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अस्पतालों में स्नेक बाइट के इलाज की व्यवस्था पर रिपोर्ट मांगी है.

# चित्रकूट में सांप के काटने से युवक की मौत, NHRC ने सभी राज्यों को भेजा नोटिस
**चित्रकूट:** उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में जहरीले सांप के काटने के बाद एक युवक की मौत के मामले ने सरकारी अस्पतालों में स्नेक बाइट के इलाज की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को नोटिस जारी किया है।
आयोग ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से यह जानकारी मांगी है कि सरकारी अस्पतालों में सांप के काटने के मामलों से निपटने के लिए क्या व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं और मरीजों को समय पर इलाज मुहैया कराने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
## जहरीले सांप ने युवक को काटा
मामला चित्रकूट के खांडेहा गांव का बताया जा रहा है। यहां एक युवक को जहरीले सांप ने काट लिया था। सांप के काटने के बाद परिजन युवक को इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।
आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद युवक को समय पर जरूरी इलाज और एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध नहीं हो सका। इलाज में देरी के बीच युवक की हालत बिगड़ती गई और उसकी मौत हो गई।
इस घटना के बाद सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पतालों में सांप के काटने के मामलों के इलाज को लेकर सवाल उठने लगे।
## NHRC ने मामले को लिया गंभीरता से
घटना की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस मामले पर संज्ञान लिया है। NHRC ने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को नोटिस भेजकर सरकारी अस्पतालों में स्नेक बाइट के इलाज की उपलब्धता और व्यवस्था के बारे में जानकारी मांगी है।
आयोग का उद्देश्य यह पता लगाना है कि सांप के काटने के बाद मरीजों को समय पर जरूरी चिकित्सा सुविधा मिल रही है या नहीं और अस्पतालों में एंटी-स्नेक वेनम समेत आवश्यक संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं या नहीं।
## NHRC ने मांगी दो हफ्ते में रिपोर्ट
NHRC सदस्य प्रियंक कानूनगो की ओर से जारी कार्रवाई के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से रिपोर्ट मांगी गई है। आयोग ने संबंधित अधिकारियों से निर्धारित समय में जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है।
रिपोर्ट के जरिए यह जानकारी जुटाई जाएगी कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में स्नेक बाइट के इलाज के लिए क्या प्रोटोकॉल और संसाधन मौजूद हैं। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि गंभीर स्थिति में मरीजों को तत्काल इलाज और जरूरत पड़ने पर उच्च चिकित्सा केंद्र तक पहुंचाने की व्यवस्था कैसी है।
## समय पर इलाज से बच सकती है जान
सांप के काटने के कई मामलों में समय पर उचित चिकित्सा उपचार मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है। खासकर जहरीले सांप के काटने पर जल्द से जल्द चिकित्सा सहायता और आवश्यक एंटी-स्नेक वेनम बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है।
चित्रकूट की घटना ने ग्रामीण और सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में इस तरह की आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों पर ध्यान खींचा है। दूरदराज के इलाकों में अस्पतालों तक पहुंच और जरूरी दवाओं की उपलब्धता मरीज की स्थिति के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।
## सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था पर उठे सवाल
इस मामले के बाद सरकारी अस्पतालों में एंटी-स्नेक वेनम की उपलब्धता और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है। NHRC के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस भेजने से यह मुद्दा अब व्यापक स्तर पर सामने आया है।
अब राज्यों की ओर से भेजी जाने वाली रिपोर्ट के आधार पर यह तस्वीर साफ होगी कि सरकारी अस्पतालों में सांप के काटने के मामलों के इलाज के लिए किस तरह की व्यवस्था मौजूद है और इसमें सुधार की जरूरत कहां है।
फिलहाल चित्रकूट के इस मामले में NHRC की कार्रवाई के बाद संबंधित स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और अस्पतालों की तैयारियों पर निगाहें टिकी हुई हैं।



