गुरु पूर्णिमा महोत्सव परम तपस्वी संत त्यागी जी की पवित्र तपोभूमि ज्ञान तीर्थ विलायत कला कटनी*

त्यागीजी आश्रम में गुरु पूर्णिमा पर त्यागी महाराज जी का परोपकारी संदेश उपस्थित रहे लखनऊ से महामंडलेश्वर अमरेश्वरानंद जी , आगरा से राजीव तिवारी जी , प्रतापगढ़ उत्तर प्रदेश से दिवाकर द्विवेदी जी
कटनी। कटनी जिले के बड़वारा तहसील क्षेत्र स्थित त्यागी जी आश्रम विश्व कल्याण परिवार ज्ञान तीर्थ स्वर्ग नगरी तीर्थ धाम विलायत कला कटनी में गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व बड़े उत्साह और परोपकार की भावना के साथ मनाया गया। स्वर्ग नगरी तीर्थ धाम के संस्थापक, पूजनीय श्री त्यागी महाराज जी के प्रति श्रद्धा रखने वाले भक्तों का तांता सुबह से ही आश्रम में लगा रहा। इस वर्ष भी गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आश्रम ने समाज के जरूरतमंद तबके के लिए अपनी करुणा का हाथ बढ़ाया।
हर साल की तरह इस वर्ष भी गुरु पूर्णिमा पर बड़ी संख्या मे जरूरतमंद व्यक्तियों को छाते, किसानों को जूते और सभी छात्र उनके माता पिता दादा दादी लंच बॉक्स एवं पेन पेंसिल और प्रसाद भेंट किए गए। यह पहल परम तपस्वी संत त्यागी महाराज जी के ‘सेवा परमो धर्म:’ के सिद्धांत के साथ लोग लोक मंगल ही परम लक्ष्य को दर्शाती है, जहाँ वे लगातार मानव मै देवत्व जगाने धरती पर स्वर्ग सजाने समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए सदा प्रयासरत रहते हैं। अपना पेट काट कर सामग्री वितरण के साथ-साथ, आश्रम में रामायण पाठ और वृक्षारोपण जैसे पुण्य कार्य भी आयोजित किए गए, जो आध्यात्मिक और पर्यावरणीय चेतना का संचार करते हैं।
गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर, परम तपस्वी संत त्यागी महाराज जी ज्ञान तीर्थ का सम्मान चंदिया महाविद्यालय तक भी साथ रहे प्रयाग से महामंडलेश्वर अमरेश्वरानंद जी, आगरा राजीव तिवारी जी,पंडित वैभव विश्वाश तिवारीजी , अंकुर जी ,जहाँ महाविद्यालय के छात्र छात्राओं प्राचार्य व स्टाफ सहित समाजसेवियों ने उनका पूरे सम्मान के साथ पूजन और स्वागत किया। अपने संबोधन में, त्यागी महाराज जी ने सैकड़ों छात्राओं को गुरु के महत्व पर प्रकाश डालते हुए गुरु पूर्णिमा का वास्तविक अर्थ समझाया। उन्होंने कहा कि “प्रत्येक छात्रा और व्यक्ति के जीवन में गुरु की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। गुरु के बिना मंजिल मिलना मुश्किल है।” महाराज जी ने इस बात पर जोर दिया कि “गुरु का आदर और सम्मान अवश्य करना चाहिए, क्योंकि गुरु ही एकमात्र वह साधन है जो हमें हमारी मंजिल तक पहुंचा सकता है।” उन्होंने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व और गुरु के मार्गदर्शन के बिना जीवन में आने वाली कठिनाइयों को समझाया, जिससे छात्राओं को गुरु की महिमा का गहरा बोध हुआ। उपस्थित सभी छात्र छात्रों स्टाफ को त्यागीजी विश्व कल्याण परिवार द्वारा उपहार भी भेंट किए प्राचार्य अनिरुद्ध तिवारी जी, समाजसेवी विनोद शुक्ला जी , राघव अग्रवाल जी सूर्या टेंट चंदिया ।
सेवार्थ समर्पित।
कर्मयोगी प्रकृति पुत्र त्यागीजी आश्रम विश्व कल्याण परिवार ज्ञान तीर्थ स्वर्ग धाम विलायत कला कटनी मध्य प्रदेश भारत 7566239315