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कश्मीर की गुरेज घाटी में सीजन की पहली बर्फबारी, काबुल गली हुई सफेद

जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा की गुरेज घाटी में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। तुलैल घाटी की ऊंचाई वाले काबुल गली इलाके में बर्फ गिरने से पहाड़ सफेद चादर से ढक गए और घाटी में मौसम ने सर्दी की दस्तक दे दी।

# कश्मीर की गुरेज घाटी में सीजन की पहली बर्फबारी, काबुल गली हुई सफेद

**जम्मू-कश्मीर के उत्तर कश्मीर स्थित बांदीपोरा की गुरेज घाटी में सीजन की पहली बर्फबारी देखने को मिली है। गुरेज की खूबसूरत तुलैल घाटी में स्थित काबुल गली में बर्फबारी के बाद ऊंचे पहाड़ी इलाके सफेद चादर से ढक गए। मौसम में आए इस बदलाव के साथ इलाके में ठंड बढ़ने लगी है।**

## काबुल गली में हुई पहली बर्फबारी

गुरेज घाटी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में शामिल काबुल गली में मौसम की शुरुआत में ही बर्फबारी हुई है। काबुल गली तुलैल घाटी के ऊपरी हिस्से में स्थित है और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश की सीमा के करीब है। यहां की ऊंचाई अधिक होने के कारण मौसम में बदलाव का असर मैदानी इलाकों की तुलना में जल्दी दिखाई देता है।

पहली बर्फबारी के बाद काबुल गली और आसपास के पहाड़ी इलाकों का नजारा बेहद खूबसूरत हो गया। बर्फ की सफेद परत ने पहाड़ों और आसपास के भू-दृश्य को पूरी तरह बदल दिया है।

## गुरेज घाटी में बदला मौसम

गुरेज घाटी उत्तर कश्मीर के बांदीपोरा जिले में स्थित एक ऊंचाई वाला इलाका है। यह घाटी हिमालयी क्षेत्र में करीब 8,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और बर्फ से ढके पहाड़ों से घिरी हुई है।

गुरेज घाटी को कश्मीर के प्रमुख प्राकृतिक पर्यटन स्थलों में गिना जाता है। यहां से होकर किशनगंगा नदी बहती है और दावर इस क्षेत्र का प्रमुख कस्बा है। घाटी की प्राकृतिक सुंदरता और ऊंचे पहाड़ इसे पर्यटकों के बीच खास बनाते हैं।

## तुलैल घाटी में भी सर्दी की दस्तक

गुरेज के साथ लगी तुलैल घाटी अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जानी जाती है। यह इलाका गुरेज के दावर से आगे स्थित है और अपेक्षाकृत कम पर्यटन गतिविधियों के कारण शांत और प्राकृतिक स्वरूप में दिखाई देता है।

काबुल गली में हुई बर्फबारी को इलाके में सर्द मौसम की शुरुआती दस्तक के तौर पर देखा जा रहा है। ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान गिरने के साथ आने वाले दिनों में मौसम और ठंडा होने की संभावना रहती है।

## लद्दाख सीमा के करीब है काबुल गली

काबुल गली गुरेज क्षेत्र के ऊंचाई वाले हिस्सों में स्थित है और लद्दाख की सीमा के करीब है। तुलैल घाटी से होकर जाने वाले ऊंचे दर्रे और पहाड़ी इलाके सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं।

तुलैल घाटी और गुरेज क्षेत्र सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण लंबे समय तक बाकी इलाकों से कट जाते हैं। गुरेज को कश्मीर घाटी से जोड़ने वाला राजदान दर्रा भी सर्दियों में बर्फबारी के कारण यातायात के लिए बंद हो सकता है।

## बर्फबारी से बढ़ी ठंड

सीजन की पहली बर्फबारी के साथ गुरेज घाटी और आसपास के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है। स्थानीय लोगों के लिए यह मौसम बदलाव सर्दियों की तैयारियों की शुरुआत का संकेत भी है।

गुरेज घाटी में बर्फबारी का मौसम आमतौर पर यहां के जनजीवन और सड़क संपर्क को प्रभावित करता है। भारी बर्फबारी के दौरान राजदान दर्रे के बंद होने से घाटी का संपर्क प्रभावित हो सकता है।

## पर्यटकों के लिए आकर्षण बना गुरेज

गुरेज घाटी अपनी प्राकृतिक सुंदरता, ऊंचे पहाड़ों, हरे-भरे मैदानों और किशनगंगा नदी के कारण पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है। पहली बर्फबारी के बाद यहां का दृश्य और भी आकर्षक हो गया है।

हालांकि, ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम तेजी से बदल सकता है। ऐसे में पर्यटकों और स्थानीय लोगों को यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी जाती है।

### पहली बर्फबारी ने बदला घाटी का रंग

काबुल गली में हुई सीजन की पहली बर्फबारी ने गुरेज घाटी में सर्दियों के आगमन का संकेत दे दिया है। बर्फ से ढके पहाड़ों और सफेद चादर में लिपटी तुलैल घाटी का नजारा लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। आने वाले दिनों में ऊंचाई वाले अन्य इलाकों में भी बर्फबारी देखने को मिल सकती है।

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