कलेक्टर ने पेट्रोल-डीजल व एलपीजी उपलब्धता एवं वितरण की समीक्षा कर दिए निर्देश*
*कलेक्टर ने पेट्रोल-डीजल व एलपीजी उपलब्धता एवं वितरण की समीक्षा कर दिए निर्देश* 
रिपोर्टर -एम पी सी जी Sky इंडिया टीवी से एमपी हेड मोहम्मद शमीम अहमद खान की रिपोर्ट
पन्ना कलेक्टर ऊषा परमार ने शनिवार को पन्ना शहर सहित जिले के 76 पेट्रोल पंपों में पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता, स्टॉक की स्थिति तथा सुचारू रूप से आपूर्ति व वितरण व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की और आमजनों को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। वर्चुअल बैठक में एसडीएम एवं तहसीलदार, जनपद पंचायत सीईओ सहित खाद्य विभाग के अधिकारी एवं ऑयल कंपनियों के सेल्स मैनेजर व प्रतिनिधि भी शामिल हुए। इस मौके पर जिला कलेक्टर द्वारा वर्तमान में सप्लाई व्यवस्था की जानकारी प्राप्त कर कालाबाजारी रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने एवं सतत मॉनिटरिंग व जांच के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि सभी ऑयल कंपनी, डिपो एवं पंप पर नियमित अंतराल पर नया स्टॉक पहुंच रहा है। इसलिए प्रति दिवस मांग अनुसार आपूर्ति का प्रयास किया जाए।
जिला कलेक्टर ने कहा कि संभवतः कुछ स्थानों पर ग्राहकों की अधिक संख्या के कारण बिक्री बढ़ने से ड्राय पंप जैसे हालात बने, लेकिन कंपनी के डिपो से लगातार पूर्ति के कारण अब उपभोक्ताओं को समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। शासन स्तर से भी बढ़ी मांग को पूरा करने के लिए समस्त सप्लाई लोकेशन पर ज्यादा समय तक काम करने एवं मांग को पूरा कर स्थिति को सामान्य बनाने के निर्देश जारी किए गए हैं। कलेक्टर श्रीमती परमार ने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों की निर्बाध आपूर्ति के उद्देश्य से सभी आवश्यक कार्यवाही की जाए तथा अपने स्तर पर उपभोक्ताओं से पेट्रोल व डीजल का संग्रहण न कर स्वयं की जरूरत अनुसार ही क्रय की अपील भी करें। सभी पंप पर रजिस्टर रखवाकर रिकार्ड कीपिंग व्यवस्था शुरू कराने तथा किसी भी सूचना पर त्वरित कार्यवाही के निर्देश सहित सीसीटीवी कैमरे से व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए भी कहा। बैठक में जानकारी दी गई कि अद्यतन स्थिति अनुसार 30 पेट्रोल पंप पर तात्कालिक रूप से पेट्रोल व डीजल की आवश्यकता है। इस पर अविलंब आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त 10 दिवसीय कुआंताल मेला के दृष्टिगत भी संबंधित पेट्रोल पंप के 24 घंटे संचालन, समन्वय के साथ कार्य करने, पंप ऑपरेटर को बॉटल में पेट्रोल न देने के लिए निर्देशित करने, बड़े ग्रामों में पटवारी तथा सचिव के माध्यम से निगरानी, आपातकालीन सेवाओं के लिए न्यूनतम स्टॉक की उपलब्धता बनाए रखने तथा कानून व्यवस्था नियंत्रण के मद्देनजर भी जरूरी निर्देश दिए गए। जिला कलेक्टर द्वारा गैस एजेंसीवार एलपीजी गैस सिलेंडर वितरण की भी समीक्षा की गई।
