एशियन गेम्स 2026 में भारत की नई पीढ़ी और अनुभव का संगम, मेराज अहमद खान से वैभव सूर्यवंशी तक
50 साल के अनुभवी मेराज अहमद खान से लेकर युवा वैभव सूर्यवंशी तक, एशियन गेम्स में भारत की नजर रिकॉर्ड प्रदर्शन पर

### Asian Games 2026 में भारत की नई पीढ़ी और अनुभव का संगम, मेराज अहमद खान से वैभव सूर्यवंशी तक
आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल की तस्वीर इस बार बेहद खास नजर आने वाली है। इस टीम में जहां 50 साल के अनुभवी निशानेबाज मेराज अहमद खान जैसे खिलाड़ी शामिल हैं, वहीं युवा प्रतिभाएं भी भारत की उम्मीदों को नई ऊंचाई देने के लिए तैयार हैं। अनुभव और युवा जोश का यह मेल भारतीय दल को खास बनाता है।
भारत ने हांगझोउ एशियन गेम्स 2023 में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 107 पदक जीते थे। यह एशियन गेम्स के इतिहास में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। अब आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों की कोशिश इस रिकॉर्ड को और बेहतर करने की होगी।
### मेराज अहमद खान पर रहेंगी नजरें
भारतीय निशानेबाजी दल में मेराज अहमद खान सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं। करीब तीन दशक से अधिक समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय मेराज के पास बड़े टूर्नामेंट का लंबा अनुभव है।
एशियन गेम्स से पहले शॉटगन खिलाड़ियों का प्रैक्टिस कैंप भी चल रहा है। यह कैंप 14 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें ट्रैप और स्कीट के छह-छह निशानेबाज हिस्सा ले रहे हैं। इस कैंप के जरिए खिलाड़ियों की तैयारियों को अंतिम रूप देने की कोशिश की जा रही है।
मेराज जैसे अनुभवी खिलाड़ी युवा निशानेबाजों के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। बड़े मंच पर दबाव से निपटने और प्रतियोगिता के दौरान रणनीति बनाने में उनका अनुभव टीम के काम आ सकता है।
### युवा खिलाड़ियों से भी बड़ी उम्मीदें
भारतीय दल में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा प्रतिभाओं की मौजूदगी भी चर्चा में है। युवा खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने और देश के लिए पदक जीतने के लक्ष्य के साथ उतरेंगे।
भारतीय खेलों में पिछले कुछ वर्षों में युवाओं के प्रदर्शन में लगातार सुधार देखने को मिला है। ऐसे में आइची-नागोया एशियन गेम्स में भी युवा खिलाड़ियों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
### 107 पदकों के रिकॉर्ड को बेहतर करने की चुनौती
हांगझोउ एशियन गेम्स 2023 में भारत ने 107 पदक जीतकर इतिहास रचा था। भारत ने पहली बार एशियन गेम्स के किसी संस्करण में 100 से ज्यादा पदक हासिल किए थे। इस प्रदर्शन ने भारतीय खेलों में नई उम्मीद पैदा की।
अब 2026 के एशियन गेम्स में भारतीय दल के सामने उस प्रदर्शन को दोहराने या उससे आगे निकलने की चुनौती होगी। इसके लिए निशानेबाजी, एथलेटिक्स, कुश्ती, बैडमिंटन, मुक्केबाजी और अन्य खेलों में खिलाड़ियों से मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
### एशियन गेम्स से पहले तैयारियां तेज
आइची-नागोया एशियन गेम्स से पहले भारतीय खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और तैयारी का दौर तेज हो गया है। शॉटगन टीम का कैंप भी इसी तैयारी का हिस्सा है। खिलाड़ियों का लक्ष्य प्रतियोगिता से पहले अपनी तकनीक, फिटनेस और मानसिक तैयारी को मजबूत करना है।
मेराज अहमद खान जैसे अनुभवी खिलाड़ी और युवा प्रतिभाओं का यह संयोजन भारत के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। अब सभी की नजरें एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेंगी और यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत 2023 के 107 पदकों के रिकॉर्ड को कितना आगे ले जा पाता है।



