Punjab News: गुलजार सिंह तूर वणजारा और परविंदर सिंह झोटा के परिवारों को CRPF सुरक्षा
पंजाब में गुलजार सिंह तूर वणजारा और परविंदर सिंह झोटा के परिवारों को केंद्र सरकार ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की सुरक्षा देने का फैसला किया है। नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद परिवार की मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक विवाद तेज हो गया था।

# Punjab News: परविंदर सिंह झोटा और गुलजार सिंह तूर वणजारा के परिवारों को CRPF सुरक्षा, केंद्र सरकार का फैसला
**पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा और गुलजार सिंह तूर वणजारा के परिवारों की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केंद्र ने दोनों परिवारों को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की सुरक्षा मुहैया कराने का निर्णय लिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद पंजाब में विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक विवाद तेज हो गया था।**
## दोनों परिवारों को मिलेगी CRPF सुरक्षा
पंजाब में गुलजार सिंह तूर वणजारा और परविंदर सिंह झोटा के परिवारों को केंद्र सरकार की ओर से सीआरपीएफ सुरक्षा देने का फैसला किया गया है। इस कदम को दोनों परिवारों की सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में सुरक्षा व्यवस्था के तहत तैनात किए जाने वाले जवानों की संख्या और सुरक्षा शुरू होने की विस्तृत समय-सारिणी का उल्लेख नहीं है।
## नशे के खिलाफ आवाज उठाने के लिए चर्चा में आए थे परविंदर सिंह झोटा
परविंदर सिंह झोटा पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जाने जाते थे। वह मेडिकल स्टोरों पर कथित तौर पर नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री का विरोध कर रहे थे। इसी वजह से उनका नाम नशे के खिलाफ चल रही मुहिम से जुड़ा रहा।
13 अगस्त को उनकी हत्या के बाद यह मामला चर्चा में आया और उनके परिवार की मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। घटना ने पंजाब में नशे की समस्या और अवैध रूप से नशीले पदार्थों की बिक्री पर कार्रवाई को लेकर भी सवाल खड़े किए।
## परिवार की मांगों को लेकर जारी रहा विरोध प्रदर्शन
परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद परिवार की मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ। परिवार की प्रमुख मांगों में मुख्यमंत्री से जुड़े मुद्दे भी शामिल बताए गए। इस मामले को लेकर राज्य में राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई और अलग-अलग पक्षों की प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
परिवार की मांगों और विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार की ओर से सुरक्षा मुहैया कराने का फैसला अहम माना जा रहा है। हालांकि, सुरक्षा देने के फैसले से परिवार की अन्य मांगों पर क्या असर पड़ेगा, यह स्पष्ट नहीं है।
## पंजाब में नशे का मुद्दा फिर चर्चा में
पंजाब में नशे की समस्या लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय रही है। नशे की अवैध बिक्री और इसके नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की मांग समय-समय पर उठती रही है।
परविंदर सिंह झोटा से जुड़ा मामला भी इसी मुद्दे के बीच सामने आया। मेडिकल स्टोरों पर कथित अवैध बिक्री का विरोध करने और बाद में उनकी हत्या की घटना ने मामले को और संवेदनशील बना दिया।
## सुरक्षा के फैसले पर टिकी निगाहें
गुलजार सिंह तूर वणजारा और परविंदर सिंह झोटा के परिवारों को सीआरपीएफ सुरक्षा देने के केंद्र सरकार के फैसले के बाद अब सुरक्षा व्यवस्था के क्रियान्वयन पर नजर रहेगी। साथ ही, परविंदर सिंह झोटा की हत्या से जुड़े मामले और परिवार की मांगों को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, यह भी महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल, केंद्र सरकार के इस फैसले से दोनों परिवारों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया है। पंजाब में नशे के खिलाफ कार्रवाई और इस मामले से जुड़ी मांगों पर आगे की स्थिति पर भी सबकी निगाहें रहेंगी।


