
**एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली।** सनी देओल की बहुप्रतीक्षित फिल्म **‘बंटवारा 1947’** सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म को लेकर रिलीज से पहले काफी चर्चा थी, लेकिन पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर इसे उम्मीद के मुताबिक शुरुआत नहीं मिली। राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी इस फिल्म को इमरान हाशमी की **‘आवारापन 2’** से भी कड़ी टक्कर मिली है।
फिल्म में सनी देओल के साथ कई बड़े कलाकार नजर आए हैं। बड़े स्तर पर प्रमोशन और स्टार कास्ट के बावजूद शुरुआती दिन सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या उम्मीद से कम रही।
### पहले दिन 5.75 करोड़ का नेट कलेक्शन
शुरुआती ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘बंटवारा 1947’ ने पहले दिन भारतीय बॉक्स ऑफिस पर करीब **5.75 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन** किया। वहीं भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन लगभग **6.84 करोड़ रुपये** बताया गया।
विदेशी बाजार में भी फिल्म की शुरुआत सीमित रही और ओवरसीज कलेक्शन करीब **1.5 करोड़ रुपये** बताया गया। इस तरह पहले दिन फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन लगभग **8.34 करोड़ रुपये** रहा।
फिल्म को क्रिटिक्स से सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिलने की बात सामने आई है, लेकिन शुरुआती दिन इसका असर टिकट खिड़की पर बड़े कलेक्शन के रूप में दिखाई नहीं दिया।
### क्या ‘Awarapan 2’ से क्लैश पड़ा भारी?
‘बंटवारा 1947’ के सामने सबसे बड़ी चुनौती इमरान हाशमी की **‘आवारापन 2’** रही। दोनों फिल्में एक ही समय सिनेमाघरों में रिलीज हुईं, जिसके चलते दर्शकों और स्क्रीन के लिए सीधी टक्कर देखने को मिली।
शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक ‘आवारापन 2’ ने पहले दिन भारत में करीब **21 करोड़ रुपये** का नेट कलेक्शन किया, जबकि इसका वर्ल्डवाइड कलेक्शन 27 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया। इन आंकड़ों के आधार पर पहले दिन इमरान हाशमी की फिल्म सनी देओल की ‘बंटवारा 1947’ से काफी आगे रही।
अब फिल्म के लिए आने वाले दिनों की कमाई बेहद महत्वपूर्ण होगी। छुट्टियों और वीकेंड का फायदा मिलने पर इसके कलेक्शन में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
### क्या है ‘बंटवारा 1947’ की कहानी?
राजकुमार संतोषी निर्देशित ‘बंटवारा 1947’ की कहानी भारत-पाकिस्तान विभाजन की पृष्ठभूमि से जुड़ी है। फिल्म को असगर वजाहत के चर्चित नाटक **‘जिस लाहौर नहीं वेख्या, वो जन्म्या ही नहीं’** पर आधारित बताया गया है।
कहानी पाकिस्तान में रहने वाली एक बुजुर्ग हिंदू महिला के इर्द-गिर्द घूमती है, जो विभाजन के बाद भी अपना घर छोड़ने के लिए तैयार नहीं होती। फिल्म में सनी देओल एक मुस्लिम किरदार में दिखाई देते हैं, जो बुजुर्ग महिला की सुरक्षा के लिए खड़ा होता है। शबाना आजमी भी फिल्म में महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आती हैं।
### अब वीकेंड पर टिकी नजरें
पहले दिन की धीमी शुरुआत के बाद अब ‘बंटवारा 1947’ के लिए वीकेंड बेहद अहम माना जा रहा है। फिल्म को वर्ड ऑफ माउथ का फायदा मिलता है तो इसकी कमाई में तेजी आ सकती है। दूसरी तरफ ‘आवारापन 2’ से मिल रही कड़ी प्रतिस्पर्धा इसके बॉक्स ऑफिस सफर को प्रभावित कर सकती है।
अब देखना होगा कि सनी देओल की ‘बंटवारा 1947’ आने वाले दिनों में रफ्तार पकड़ती है या इमरान हाशमी की ‘आवारापन 2’ बॉक्स ऑफिस की इस टक्कर में अपनी बढ़त कायम रखती है।
**नोट:** बॉक्स ऑफिस आंकड़े शुरुआती ट्रेड रिपोर्ट्स पर आधारित हैं। अंतिम आधिकारिक आंकड़ों में अंतर संभव है।


