Badrinath Yatra: जोशीमठ से मारवाड़ी तक 7 KM लंबा जाम, हजारों श्रद्धालु फंसे
बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब जाने वाले हजारों श्रद्धालु जोशीमठ से मारवाड़ी के बीच करीब 7 किलोमीटर लंबे जाम में फंसे, संकरे हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार से यात्री परेशान।

# Badrinath Yatra: जोशीमठ से मारवाड़ी तक 7 KM लंबा जाम, हजारों श्रद्धालु फंसे
**सबटाइटल:** बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं को शुक्रवार को भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा। संकरे हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार के कारण यात्रियों को काफी परेशानी हुई।
उत्तराखंड में बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब की यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं को शुक्रवार को रास्ते में भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा। जोशीमठ से मारवाड़ी के बीच बड़ी संख्या में वाहन जमा होने से सड़क पर लंबी कतार लग गई। इस मार्ग पर एक साथ बड़ी संख्या में वाहनों के पहुंचने से यातायात प्रभावित हुआ और हजारों श्रद्धालु काफी देर तक रास्ते में फंसे रहे।
बद्रीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब जाने वाले यात्रियों के लिए जोशीमठ से आगे का रास्ता पहाड़ी और कई जगह संकरा है। ऐसे में जब एक साथ बड़ी संख्या में वाहन इस मार्ग पर पहुंचते हैं तो यातायात की रफ्तार धीमी हो जाती है। शुक्रवार को भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला।
## जोशीमठ से मारवाड़ी तक वाहनों की लंबी कतार
जानकारी के मुताबिक, जोशीमठ से मारवाड़ी के बीच करीब 7 किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई। इसमें बद्रीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं के वाहन भी शामिल थे। कई यात्री काफी देर तक अपनी गाड़ियों में ही फंसे रहे।
यात्रियों के लिए परेशानी इसलिए भी बढ़ गई क्योंकि पहाड़ी मार्ग पर लंबे समय तक वाहन एक जगह खड़े रहने से आगे बढ़ने का मौका नहीं मिल रहा था। सड़क के संकरे हिस्सों में वाहनों का दबाव बढ़ने के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।
## बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब जाने वालों की बढ़ी परेशानी
इस समय बद्रीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की यात्रा के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। मौसम में सुधार के बाद कई मार्गों पर यात्रा गतिविधियां बढ़ी हैं। सितंबर के अंत में बारिश और भूस्खलन के कारण यात्रा मार्ग प्रभावित हुए थे, जिसके बाद यात्रा दोबारा शुरू होने पर कई जगह वाहनों का दबाव बढ़ा।
चमोली में इससे पहले भी बद्रीनाथ हाईवे पर यातायात प्रभावित होने की घटनाएं सामने आती रही हैं। सितंबर में पर्थाडीप के पास भूस्खलन के कारण हाईवे करीब छह घंटे तक बंद रहा था और करीब 500 तीर्थयात्री फंस गए थे।
## बारिश के बाद पहले भी बन चुके हैं जाम जैसे हालात
पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान सड़क पर मलबा और पत्थर आने से यातायात प्रभावित होने का खतरा बना रहता है। बद्रीनाथ हाईवे पर इससे पहले बारिश के कारण कई जगह वाहनों की लंबी कतारें लग चुकी हैं। जुलाई में सिरोबगड़ के पास मलबा और पत्थर आने से हाईवे बंद हो गया था और दोनों तरफ करीब 5 किलोमीटर तक वाहनों की लाइन लग गई थी।
ऐसे हालात में प्रशासन और पुलिस को यातायात नियंत्रित करने के लिए वाहनों को अलग-अलग समय पर आगे भेजना पड़ता है। चमोली पुलिस पहले भी बद्रीनाथ हाईवे पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गेट सिस्टम का इस्तेमाल कर चुकी है। इस व्यवस्था के तहत वाहनों को निर्धारित अंतराल पर आगे रवाना किया जाता है, ताकि पहाड़ी मार्ग पर एक साथ ज्यादा वाहनों का दबाव न बने।
## यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह
बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को पहाड़ी मार्ग की स्थिति और मौसम को ध्यान में रखकर यात्रा करने की सलाह दी जाती है। बारिश के दौरान भूस्खलन और सड़क पर मलबा आने की वजह से अचानक यातायात बाधित हो सकता है।
फिलहाल जोशीमठ से मारवाड़ी के बीच लगे जाम के कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन की कोशिश है कि वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करते हुए यातायात व्यवस्था को सामान्य रखा जाए और श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा सके।

