ग्राम पंचायत को आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बनाने के लिए बनाएं कार्ययोजना: मंत्री श्री पटेल*

*अधिकारों के प्रति सजग रहकर कर्त्तव्यों का बेहतर निर्वहन करें सरपंच*
*जल गंगा संवर्धन अभियान के कार्यक्रम एवं पंच सरपंच सम्मेलन में शामिल हुए पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री*
*निर्माणाधीन अटल ग्राम सेवा सदन बिलखुरा का किया निरीक्षण*
संवाददाता- Sky इंडिया टीवी से एमपी हेड मोहम्मद शमीम अहमद खान की रिपोर्ट
जल गंगा सर्वधन अभियान के कार्यक्रम एवं पंच सरपंच सम्मेलन में शामिल होकर पंचायत एवं ग्राम विकास श्रम मंत्री पहलाद सिंह पटेल ने कहा की
त्रि-स्तरीय पंचायत राज व्यवस्था को प्रभावी एवं उद्देश्यपरक बनाने की दिशा में जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें। सभी जनहितैषी विकास कार्यों की उपयोगिता भी निरंतर बनी रहे। ग्राम पंचायतें स्वयं विकास की कार्ययोजना तैयार कर तरक्की की दिशा में आगे बढ़ें। पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने यह बात पन्ना विकासखंड की ग्राम पंचायत इटवांखास के बंदरखोह में शुक्रवार को आयोजित पंच-सरपंच सम्मेलन एवं जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत नदी पूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों में स्वयं का पंचायत भवन और वैवाहिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों के लिए सामुदायिक भवन का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही पांच हजार से अधिक आबादी वाली ग्राम पंचायतों में 2 सामुदायिक भवन की स्वीकृति भी मिलेगी। कैबिनेट मंत्री श्री पटेल ने कहा कि सभी सरपंच अपने अधिकारों के साथ कर्त्तव्यों के प्रति भी जागरूक रहकर जिम्मेदार बनें। पंचायत के सभी विकास कार्यों को समय पर पूर्ण कराएं। ग्राम विकास की बेहतर कार्ययोजना तैयार कर क्रियान्वयन कराएं। मंत्री ने जानकारी दी कि नवीन प्रावधान अनुसार अब तीन मंजिला पंचायत भवनों का निर्माण भी कराया जा सकेगा। सरपंचों को 25 लाख रुपए तक के वित्तीय अधिकार प्रदान किए गए हैं। भविष्य में जिला और जनपद पंचायत के भवन भी आगामी 50 वर्ष की आवश्यकताओं के मुताबिक तैयार किए जाएंगे। यहां रिकार्ड रूम का भी बेहतर तरीके से संधारण हो सकेगा। वर्ष 2026 तक आवास प्लस योजना में सर्वे के माध्यम से आवास से वंचित सभी ग्रामीण परिवारों को स्वयं के पक्के आवास की सुविधा भी मिलेगी। उन्होंने सभी सरपंच और पंचायत प्रतिनिधियों से विकास कार्यों के लिए तेजी के साथ काम करने की आदत विकसित करने की सलाह भी दी। साथ ही पंचायत को आवंटित राशि का सदुपयोग करने की नसीहत देते हुए आगामी एक अप्रैल 2026 से 16वें वित्त आयोग से मिलने वाली राशि से विकास कार्यों के लिए कार्ययोजना बनाने के लिए भी कहा।
मंत्री ने संबल योजना को लाभकारी बताते हुए कहा कि इस माह के अंत तक गत वित्तीय वर्ष के समस्त प्रकरणों में राशि का भुगतान हो जाएगा। आगामी दिनों में 15 से 20 दिवस की तय समय सीमा में हितग्राहियों को संबल योजना का लाभ मिल सकेगा। इस अवसर पर सरपंचों के अधिकार हनन नहीं होने का भरोसा भी दिया। पंचायत भवनों में क्रमशः ई-ऑफिस व्यवस्था के क्रियान्वयन की बात भी कही। उन्होंने भ्रमण कर ग्रामीण क्षेत्र की प्राथमिकता वाले विकास कार्यों की रिपोर्ट बनाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि पंचायत स्तर पर आगामी 30 मई तक शासकीय जमीन की फेंसिंग व सुरक्षा सुनिश्चित करने पर ही पौधरोपण की स्वीकृति मिलेगी। कार्यक्रम में उन्होंने समस्त जनप्रतिनिधियों से जनकल्याण और विकास कार्यों के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया।
*पंचमुखी हनुमान के किए दर्शन, सेल्फी स्टैण्ड पर फोटो खिंचवाई*
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री ने जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत बंदरखोह में प्राचीन बाघिन नदी के उद्गम स्थल पर पूजन अर्चन भी किया। साथ ही नदी के स्वच्छ जल को कलश में अर्पण कर आमजनों से जल गंगा संवर्धन अभियान में शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने जनप्रतिनिधि और अधिकारियों के साथ सेल्फी स्टैंड पर फोटो भी खिंचवाई। मंत्री श्री पटेल ने बंदरखोह के पंचमुखी हनुमान के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और क्षेत्रवासियों के सुख एवं समृद्धि की कामना की। मंत्री ने कहा कि नदियों का उद्गम स्थल ऊर्जा का केंद्र होता है। इसका वर्णन हमारे धार्मिक ग्रंथों और उपनिषद एवं पुराण में भी मिलता है। उन्होंने कहा कि वृक्ष और नदियों का संगम भी जीवन का स्त्रोत है। मंत्री ने स्वयं के पवित्र नर्मदा नदी की पद यात्रा के संस्मरण साझा करते हुए आमजनों से प्रदेशव्यापी जल गंगा संवर्धन अभियान में सहभागिता की अपील की। साथ ही कहा कि स्वच्छ एवं बेहतर पर्यावरण के लिए हमें प्राचीन जल संरचनाओं सहित पौध रक्षा का प्रण लेना होगा। आज पर्यावरण का पैमाना बदल रहा है। किसी तकनीक के जरिए तापमान में बढ़ोत्तरी पर रोकथाम संभव नहीं है, बल्कि पर्यावरण की रक्षा के लिए हमें अपनी जड़ों से जुड़कर प्राकृतिक रूप से मौजूद संसाधनों और जल स्रोतों की रक्षा का संकल्प लेना चाहिए। पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन के लिए हमें अपनी जीवनशैली में भी परिवर्तन लाना जरूरी है। साथ ही पौधरोपण के उपरांत पौधों की आजीवन रक्षा का संकल्प भी लें। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिवेश में छोटी नदियों को बारहमासी रखकर ही बड़ी नदियों को निरंतर जीवंत रख सकेंगे। उन्होंने नदियों के उद्गम को सदैव समृद्ध बनाए रखने के उद्देश्य से वर्षा जल पर निर्भरता कम कर निर्माणाधीन जल परियोजनाओं के लिए जल स्रोतों की निरंतर उपलब्धता की उचित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा जल स्रोतों के किनारे उपयुक्त पौधों के रोपण की सलाह भी दी। सर्वसमाज एवं जनसहभागिता से जल गंगा संवर्धन अभियान को सफल बनाने के लिए कहा।
इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक पन्ना बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि पन्ना जिले में नदियों के उद्गम स्थल पर पूजन और प्राचीन जल स्रोतों के जीर्णोद्धार कार्य का वृहद स्तर पर कार्यक्रम आयोजन का यह पहला शुभ अवसर है। उन्होंने पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री द्वारा पवित्र नर्मदा नदी की पद यात्रा के माध्यम से 2700 किलोमीटर की परिक्रमा को प्रेरणास्पद बताया और उनके कुशल नेतृत्व, प्रशासनिक क्षमता, दूरदृष्टि सोच, स्पष्टवादी विचार और व्यक्तित्व की सराहना की। उन्होंने पन्ना नगर को पानी उपलब्ध कराने और प्रमाणी संप्रदाय के लिए ऐतिहासिक महत्व की किलकिला नदी के पुनरुद्धार के संबंध में जरूरी सहयोग की अपेक्षा की। साथ ही इसके माध्यम से छोटे तालाबों में जल संचयन के बारे में अवगत करते हुए राम वन पथ गमन स्थल के बीच बाघिन नदी के उद्गम स्थल बंदरखोह तक पहुंच मार्ग के निर्माण की आवश्यकता भी बताई। उन्होंने क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध स्थल वृहस्पति कुंड की महत्ता के बारे में भी अवगत कराया तथा कहा कि विकासपरक सोच व प्रतिबद्धता से अब क्षेत्र के विकास का नया आयाम स्थापित होगा। गुनौर विधायक डॉ. राजेश वर्मा ने प्रदेशव्यापी जल गंगा संवर्धन अभियान में जनता के सहयोग से प्राचीन जल स्रोतों के पुनर्जीवन कार्य को सराहनीय बताया और इसके लिए संचालित विभिन्न गतिविधियों व जागरूकता कार्यक्रमों इत्यादि के बारे में जानकारी दी। जिला पंचायत अध्यक्ष मीना राजे द्वारा भी कार्यक्रम को संबोधित किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष संतोष सिंह यादव, नगर पालिका अध्यक्ष मीना पाण्डेय, जिला सहकारी प्रेस के पूर्व अध्यक्ष व वरिष्ठ पत्रकार बृजेन्द्र गर्ग एवं अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर सुरेश कुमार, पुलिस अधीक्षक साईं कृष्ण एस थोटा, जिला पंचायत सीईओ उमराव सिंह मरावी, सीएमओ शशिकपूर गढ़पाले, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग सतीश शर्मा भी उपस्थित रहे। ग्राम पंचायत इटवांखास की सरपंच उर्मिला पटेल द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।
*किलकिला नदी के उद्गम स्थल पर किया पूजन*
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने पन्ना शहर के निकट स्थित किलकिला नदी के उद्गम स्थल पहुंचकर पूजन किया। जल गंगा संवर्धन आभियान अंतर्गत ग्राम पंचायत जनवार के छापर गांव में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने किलकिला नदी के विकास और पुनरुद्धार कार्यों की जानकारी भी ली। साथ ही उपस्थित ग्रामीणजनों की समस्याएं सुनकर तत्काल निराकरण के निर्देश अधिकारियों को दिए। इस दौरान उन्होंने जल कलश में नदी का जल अर्पण कर जल संरक्षण का संकल्प भी दिलाया। मंत्री श्री पटेल के आगमन पर महिलाओं ने कलश यात्रा निकलकर जल संरक्षण का संदेश दिया। जनप्रतिनिधि और अधिकारियों द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री का आत्मीय स्वागत किया गया।
*निर्माणाधीन अटल ग्राम सेवा सदन बिलखुरा का किया निरीक्षण*
कैबिनेट मंत्री ने ग्राम पंचायत बिलखुरा के निर्माणाधीन पंचायत भवन अटल ग्राम सेवा सदन का निरीक्षण भी किया। इस दौरान कार्याें की गुणवत्ता व अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी लेकर सर्वसुविधायुक्त भवन बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने पंचायत भवन का नक्शा और डिजाइन भी देखी। साथ ही यहां विकसित की जाने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। नवीन अटल ग्राम सेवा सदन का निर्माण साढ़े 37 लाख रूपए की लागत से किया जा रहा है।

