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सपा में शामिल होने के बाद शायान मसूद का बड़ा बयान, बोले- BJP को रोकने के लिए अखिलेश ही मजबूत विकल्प

कांग्रेस छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल हुए शायान मसूद ने कहा कि यूपी में BJP को हराने के लिए फिलहाल सपा सबसे मजबूत विकल्प है। उन्होंने अखिलेश यादव पर भरोसा जताते हुए 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति बताई।

कांग्रेस छोड़कर सपा में क्यों गए शायान मसूद? बोले- BJP को रोकने के लिए अखिलेश ही मजबूत विकल्प

उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले दल-बदल का दौर तेज हो गया है। इसी बीच सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के दामाद शायान मसूद ने कांग्रेस छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है। 20 अगस्त 2026 को लखनऊ में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई।

सपा में शामिल होने के बाद शायान मसूद सहारनपुर पहुंचे, जहां उन्होंने कांग्रेस छोड़ने और सपा में जाने की वजह खुलकर बताई। उन्होंने कहा कि उनका फैसला किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि विचारधारा और राजनीतिक सोच के आधार पर है।

BJP को रोकने के लिए सपा सबसे मजबूत विकल्प

शायान मसूद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को रोकने के लिए मौजूदा समय में समाजवादी पार्टी सबसे मजबूत विकल्प है। उन्होंने अखिलेश यादव के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में BJP के खिलाफ प्रभावी लड़ाई के लिए विपक्ष को मजबूत होना जरूरी है।

उनका कहना है कि वह मानते हैं कि अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा BJP का मुकाबला करने की क्षमता रखती है।

‘इमरान मसूद की विचारधारा से सहमत नहीं’

सपा में शामिल होने के बाद शायान ने अपने ससुर और कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के राजनीतिक रुख पर भी बात की। उन्होंने साफ कहा कि वह इमरान मसूद की विचारधारा से सहमत नहीं हैं।

शायान ने यह भी संकेत दिया कि राजनीति में रिश्तों से ज्यादा विचारधारा महत्वपूर्ण होती है। उनके इस बयान को इमरान मसूद और शायान के बीच राजनीतिक मतभेद के तौर पर देखा जा रहा है।

इमरान मसूद के लिए बड़ा राजनीतिक झटका

शायान मसूद का सपा में जाना इमरान मसूद के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इमरान खुद कांग्रेस में हैं और हाल के दिनों में सहारनपुर में सपा के साथ उनके मतभेद खुलकर सामने आए हैं।

कुछ दिन पहले सहारनपुर में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक के दौरान इमरान मसूद और सपा विधायक आशु मलिक के बीच तीखी बहस भी हुई थी। इस घटनाक्रम के बाद विपक्षी गठबंधन के भीतर तालमेल को लेकर सवाल उठे थे।

ऐसे समय में इमरान मसूद के दामाद का सपा में जाना पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में खासा अहम माना जा रहा है।

पहले भी सपा से जुड़ चुके हैं शायान

शायान मसूद का समाजवादी पार्टी से पुराना राजनीतिक रिश्ता रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, वह सपा सरकार के दौरान दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इसके बाद 2019 से वह कांग्रेस से जुड़े और 2024 के लोकसभा चुनाव में इमरान मसूद के चुनाव प्रचार में भी सक्रिय रहे।

शायान दिवंगत काजी रशीद मसूद के परिवार से भी जुड़े हैं। काजी रशीद मसूद का पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा प्रभाव रहा है और उनका समाजवादी पार्टी से पुराना संबंध रहा है। ऐसे में शायान की सपा में वापसी को पुराने राजनीतिक रिश्तों की वापसी के तौर पर भी देखा जा रहा है।

2027 चुनाव से पहले बदल रहे सियासी समीकरण

उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में सभी प्रमुख दल अपने संगठन को मजबूत करने और नए राजनीतिक चेहरों को अपने साथ जोड़ने में जुटे हैं।

शायान मसूद का कांग्रेस छोड़कर सपा में जाना खास तौर पर पश्चिमी यूपी में महत्वपूर्ण है। सहारनपुर लंबे समय से कांग्रेस, सपा और अन्य दलों की राजनीति का अहम केंद्र रहा है। शायान के कदम से यहां सपा की राजनीतिक गतिविधियों को और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

हालांकि, शायान के सपा में शामिल होने का असर 2027 के चुनाव में कितना दिखाई देगा, यह आने वाले महीनों में साफ होगा। फिलहाल उनका यह कदम कांग्रेस और इमरान मसूद दोनों के लिए बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।

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