ग्रेटर नोएडा में NCB का बड़ा एक्शन, ड्रग्स बनाने वाली 2 गुप्त लैब पकड़ीं; 45 करोड़ की ड्रग्स का अनुमान
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने गौतम बुद्ध नगर जिले में दो गुप्त ड्रग्स लैब का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई में क्रिस्टल और अर्ध-क्रिस्टलीय सामग्री समेत बड़ी मात्रा में संदिग्ध नशीले पदार्थ व रसायन बरामद किए गए। मामले में एक विदेशी नागरिक और मिजोरम की महिला को गिरफ्तार किया गया है। एजेंसी फंडिंग और सप्लाई नेटवर्क की जांच कर रही है।

# ग्रेटर नोएडा में NCB का बड़ा एक्शन, ड्रग्स बनाने वाली 2 गुप्त लैब पकड़ीं; 45 करोड़ की ड्रग्स का अनुमान
**सबहेडिंग:** नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने गौतम बुद्ध नगर जिले में दो गुप्त ड्रग्स लैब का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई में बड़ी मात्रा में क्रिस्टल, अर्ध-क्रिस्टलीय सामग्री और रसायन बरामद किए गए। मामले में एक विदेशी नागरिक और मिजोरम की महिला को गिरफ्तार किया गया है। एजेंसी अब फंडिंग और सप्लाई नेटवर्क की जांच कर रही है।
## ग्रेटर नोएडा। NCB के ऑपरेशन ‘क्रिस्टल हंट’ में दो गुप्त लैब का खुलासा
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने नशीले पदार्थ बनाने के कथित अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने गौतम बुद्ध नगर जिले के जहांनाबाद क्षेत्र में दो गुप्त लैब का पता लगाकर उन्हें पकड़ा। इस कार्रवाई में बड़ी मात्रा में संदिग्ध नशीले पदार्थों और उन्हें तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को बरामद किया गया।
NCB की इस कार्रवाई को ड्रग्स निर्माण और तस्करी से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एजेंसी के मुताबिक, बरामद सामग्री से करीब 45 करोड़ रुपये मूल्य की ड्रग्स तैयार किए जाने का अनुमान है। हालांकि, यह अनुमान है और अंतिम मूल्यांकन जांच तथा पदार्थों की पुष्टि के आधार पर अलग हो सकता है।
## बड़ी मात्रा में क्रिस्टल और अर्ध-क्रिस्टलीय सामग्री बरामद
NCB के अनुसार, छापेमारी के दौरान 4.260 किलोग्राम क्रिस्टल, 157.700 किलोग्राम अर्ध-क्रिस्टलीय सामग्री और 217.780 किलोग्राम अन्य सामग्री बरामद की गई। एजेंसी इन पदार्थों की प्रकृति, उनकी संभावित उपयोगिता और ड्रग्स निर्माण से उनके संबंध की जांच कर रही है।
अधिकारियों को कार्रवाई के दौरान कई तरह के रसायन भी मिले। बरामद सामग्री की मात्रा और लैब में मिले उपकरणों के आधार पर एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यहां किस स्तर पर नशीले पदार्थ तैयार किए जा रहे थे और इस गतिविधि से कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे।
## लैब से कई रसायन भी मिले
छापेमारी के दौरान हाइड्रोक्लोरिक एसिड, एसीटोन, टोल्यून, सल्फ्यूरिक एसिड और पोटैशियम परमैंगनेट समेत कई रसायन बरामद किए गए। जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि इन रसायनों की खरीद कहां से की गई थी और इन्हें किन उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
इस तरह की गुप्त लैब में इस्तेमाल होने वाले रसायनों का सुरक्षित तरीके से प्रबंधन भी अहम होता है। इसलिए बरामद पदार्थों और उपकरणों की जांच के साथ-साथ एजेंसी उनकी आपूर्ति और भंडारण से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।
## विदेशी नागरिक और मिजोरम की महिला गिरफ्तार
NCB ने इस मामले में डेस्टिनी अब्राहम डंबिरी और ललमजुआली उर्फ ओलिविया लालछाविमावी को गिरफ्तार किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में एक विदेशी नागरिक और मिजोरम की एक महिला शामिल हैं।
एजेंसी दोनों से पूछताछ कर रही है, ताकि कथित ड्रग्स निर्माण गतिविधियों में उनकी भूमिका का पता लगाया जा सके। जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि लैब का संचालन कौन कर रहा था और इसके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय था या नहीं।
गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच जारी है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों और उनकी भूमिका का अंतिम निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
## फंडिंग और सप्लाई नेटवर्क की जांच जारी
दोनों लैब का खुलासा होने के बाद NCB अब इस पूरे नेटवर्क की आर्थिक और आपूर्ति संबंधी कड़ियों की जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि लैब चलाने के लिए पैसा कहां से आ रहा था, रसायनों की खरीद कौन कर रहा था और तैयार नशीले पदार्थों की सप्लाई कहां की जानी थी।
जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि क्या इस गतिविधि से जुड़े अन्य लोग या संगठन भी सक्रिय थे। एजेंसी वित्तीय लेन-देन, रसायनों की आपूर्ति और संभावित वितरण नेटवर्क से जुड़े सुरागों की पड़ताल कर रही है।
## ड्रग्स तस्करी के खिलाफ कार्रवाई में अहम खुलासा
ग्रेटर नोएडा में दो गुप्त लैब पकड़े जाने से नशीले पदार्थों के कथित अवैध निर्माण से जुड़े नेटवर्क की जांच को नई दिशा मिली है। बड़ी मात्रा में बरामद सामग्री, रसायनों और उपकरणों की जांच के आधार पर एजेंसी इस मामले की पूरी कड़ी जोड़ने की कोशिश कर रही है।
फिलहाल NCB का ध्यान फंडिंग, रसायनों की खरीद, लैब के संचालन और संभावित सप्लाई नेटवर्क का पता लगाने पर है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका और ड्रग्स की संभावित मंजिल को लेकर और जानकारी सामने आ सकती है।
**नोट:** करीब 45 करोड़ रुपये की कीमत ड्रग्स तैयार किए जाने के अनुमान पर आधारित है। बरामद सामग्री की अंतिम प्रकृति, मात्रा और आरोपियों की भूमिका के संबंध में जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।


