उत्तर प्रदेश

बरेली में फर्जी डॉक्टर बनकर Instagram पर बेचते थे नकली दवा, 2 गिरफ्तार

बरेली में Instagram पर ‘Herbal and Jari Booti’ नाम से चला रहे थे कथित फर्जी क्लीनिक, दो गिरफ्तार और एक आरोपी फरार

# बरेली में Instagram पर फर्जी डॉक्टर बनकर बेच रहे थे नकली दवाएं, दो गिरफ्तार

**बरेली:** सोशल मीडिया पर किसी बीमारी का इलाज तलाशते समय खुद को डॉक्टर या विशेषज्ञ बताकर दवा बेचने वाले लोगों से सावधान रहने की जरूरत है। उत्तर प्रदेश के बरेली में पुलिस ने कथित तौर पर फर्जी तरीके से शक्तिवर्धक दवाएं तैयार कर ऑनलाइन बेचने वाले एक गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक गिरोह के सदस्य Instagram पर ‘Herbal and Jari Booti’ नाम से पहचान बनाकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे और खुद को डॉक्टर तथा पारंपरिक चिकित्सा विशेषज्ञ बताकर दवाएं बेचते थे। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी मौके से फरार हो गया।

## Instagram पर बनाते थे डॉक्टर की पहचान

पुलिस जांच के अनुसार आरोपी सोशल मीडिया पर विज्ञापन के जरिए ग्राहकों तक पहुंचते थे। Instagram पर ‘Herbal and Jari Booti’ नाम से प्रोफाइल बनाकर पुरुषों की यौन कमजोरी दूर करने और शक्तिवर्धक दवाओं से जुड़े दावे किए जाते थे। ग्राहक जब विज्ञापन देखकर संपर्क करते तो फोन पर उनसे बातचीत की जाती थी। पुलिस का आरोप है कि इस दौरान आरोपी खुद को डॉक्टर या वरिष्ठ पारंपरिक चिकित्सा विशेषज्ञ बताते थे।

पुलिस के मुताबिक गिरोह का कथित सरगना समीरुद्दीन महज आठवीं कक्षा तक पढ़ा है। इसके बावजूद वह फोन पर ग्राहकों से डॉक्टर की तरह बातचीत करता और उनकी समस्याएं सुनने के बाद दवा लेने की सलाह देता था।

## 250 से 300 रुपये में लिया जाता था ऑर्डर

पुलिस के अनुसार ग्राहकों से एक ऑर्डर के बदले करीब 250 से 300 रुपये या उससे अधिक रकम UPI के जरिए बैंक खातों में मंगाई जाती थी। ऑर्डर ऑनलाइन लिया जाता और इसके बाद कथित दवाओं को पैकेट के रूप में ग्राहकों के पते पर भेजा जाता था।

पुलिस का कहना है कि यह पूरा काम एक कॉल सेंटर की तरह संचालित किया जा रहा था। ग्राहकों के मोबाइल नंबर और अन्य जानकारी कंप्यूटर पर दर्ज की जाती थी। इसके बाद फोन के जरिए उनसे संपर्क कर ऑर्डर और भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाती थी। गिरोह करीब एक साल से इस गतिविधि में सक्रिय होने का दावा पुलिस ने किया है।

## राजीव एन्क्लेव के मकान में चल रहा था कथित कॉल सेंटर

पुलिस को सूचना मिलने के बाद इज्जतनगर थाना क्षेत्र की राजीव एन्क्लेव कॉलोनी स्थित एक मकान पर छापा मारा गया। पुलिस के मुताबिक मौके पर एक व्यक्ति कंप्यूटर और मोबाइल के जरिए ग्राहकों का डेटा संभाल रहा था, जबकि दूसरे कमरे में खाली कैप्सूल में पाउडर भरकर उन्हें छोटी डिब्बियों में पैक किया जा रहा था।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने समीरुद्दीन और यूसुफ को गिरफ्तार किया। यूसुफ का भाई इलियास खान मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान समीरुद्दीन (24) और यूसुफ (25) के रूप में हुई है।

## छह कंप्यूटर, 12 मोबाइल और 85 पैकेट बरामद

पुलिस ने मौके से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और पैकिंग सामग्री बरामद करने का दावा किया है। इनमें छह कंप्यूटर, आठ मॉनिटर, एक लैपटॉप, तीन प्रिंटर, एक स्कैनर और 12 मोबाइल फोन शामिल हैं। इसके अलावा कथित नकली दवाओं के करीब 85 पैकेट भी बरामद किए गए।

पुलिस के अनुसार मौके से 1.99 लाख रुपये नकद, छह चेकबुक, 14 ATM कार्ड और अन्य दस्तावेज भी मिले हैं। पुलिस इन बैंक खातों और लेनदेन की जांच कर रही है ताकि कथित ऑनलाइन कारोबार से जुड़े अन्य लोगों और सप्लायरों का पता लगाया जा सके।

## सहारनपुर और मुरादाबाद से लाते थे कच्चा माल

पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को कथित तौर पर बताया कि वे सहारनपुर और मुरादाबाद के खुले बाजारों से पाउडर और अन्य कच्चा माल खरीदकर लाते थे। इसके बाद उसे खाली कैप्सूल में भरकर पैक किया जाता था। पुलिस के मुताबिक इन उत्पादों को फर्जी फर्म के नाम से पैक करके ऑनलाइन ग्राहकों को भेजा जाता था।

## कार्रवाई से बचने के लिए बनाया था फर्जी लाइसेंस

पुलिस ने यह भी दावा किया है कि गिरोह के पास दवाओं के निर्माण और बिक्री को वैध दिखाने के लिए कथित तौर पर फर्जी मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस था। पुलिस के अनुसार इस दस्तावेज को जांच या चेकिंग के दौरान दिखाकर कार्रवाई से बचने की कोशिश की जाती थी।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर तैयार की जा रही दवाओं में कौन-कौन से पदार्थ इस्तेमाल होते थे और उनसे किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचा या नहीं। इस संबंध में जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

## बैंक खातों और नेटवर्क की जांच जारी

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों के बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की जांच की जा रही है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि गिरोह ने कितने लोगों से रकम ली और इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे। पुलिस कथित सप्लायरों और फरार आरोपी इलियास खान की भी तलाश कर रही है।

पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

### सोशल मीडिया पर दवा खरीदते समय सावधानी जरूरी

यह मामला सोशल मीडिया के जरिए स्वास्थ्य संबंधी उत्पाद खरीदने में सावधानी बरतने की जरूरत भी दिखाता है। किसी व्यक्ति के खुद को डॉक्टर या विशेषज्ञ बताने मात्र से उसकी योग्यता या दवा की वैधता प्रमाणित नहीं होती। स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर प्रमाणित चिकित्सक से सलाह लेना और बिना वैध जानकारी के ऑनलाइन दवाएं खरीदने से बचना जरूरी है।

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