संभल में ₹50 करोड़ की जमीन पर बड़ा फैसला, SDM कोर्ट ने आर्य समाज मंदिर के नाम दर्ज की 5 बीघा जमीन
एक साल तक चली सुनवाई के बाद विवादित जमीन पर फैसला, प्रशासन ने पैमाइश में 10 पक्के मकान और एक धार्मिक स्थल पाया; 11 नाम किए गए निरस्त।

# संभल में ₹50 करोड़ की जमीन पर बड़ा फैसला, SDM कोर्ट ने आर्य समाज मंदिर के नाम दर्ज की जमीन
**संभल:** उत्तर प्रदेश के संभल में करीब **₹50 करोड़ की पांच बीघा जमीन** को लेकर चल रहे विवाद में बड़ा फैसला सामने आया है। करीब एक साल तक चली सुनवाई के बाद संभल एसडीएम कोर्ट ने विवादित जमीन को दोबारा **आर्य समाज मंदिर** के नाम दर्ज करने का आदेश दिया है। अदालत के आदेश के बाद तहसील प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और जमीन की पैमाइश की।
प्रशासन की पैमाइश के दौरान करीब **3,350 वर्ग मीटर जमीन पर 10 पक्के मकान और एक धार्मिक स्थल** पाए गए। मामले में राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज 11 नामों को निरस्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।
## 1960 की चकबंदी प्रक्रिया का दिया गया हवाला
मामले की शिकायत करने वाले पक्ष का दावा था कि वर्ष **1960 में हुई चकबंदी प्रक्रिया** के दौरान संबंधित तीनों गाटा संख्या की जमीन आधिकारिक तौर पर ‘आर्य समाज मंदिर’ के नाम दर्ज की गई थी।
बाद में जमीन के रिकॉर्ड में बदलाव और अलग-अलग नाम दर्ज होने को लेकर विवाद खड़ा हुआ। इसी मामले को लेकर शिकायत एसडीएम कोर्ट तक पहुंची और करीब एक साल तक दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं।
## एक साल तक चली SDM कोर्ट में सुनवाई
शिकायत मिलने के बाद मामला संभल के एसडीएम **विकास चंद्र** के न्यायालय में दर्ज हुआ। अदालत में करीब एक साल तक मामले की सुनवाई चली। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से अपने-अपने दावे और दस्तावेज पेश किए गए।
सुनवाई और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर अदालत ने विवादित जमीन को दोबारा आर्य समाज मंदिर के नाम दर्ज करने का आदेश दिया।
## 11 नाम किए गए निरस्त
SDM कोर्ट के फैसले के बाद राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज **11 नामों को निरस्त** किए जाने की जानकारी सामने आई है। आदेश के बाद प्रशासन ने जमीन की वास्तविक स्थिति की जांच और पैमाइश की प्रक्रिया शुरू की।
तहसील प्रशासन की टीम जब मौके पर पहुंची तो भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया। प्रशासन ने जमीन की पैमाइश कर मौके पर मौजूद निर्माण और अन्य स्थिति का जायजा लिया।
## 3,350 वर्ग मीटर जमीन पर मिले मकान
पैमाइश के दौरान करीब **3,350 वर्ग मीटर जमीन पर 10 पक्के मकान और एक धार्मिक स्थल** पाए जाने की बात सामने आई है। प्रशासन अब अदालत के आदेश और राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगा।
अधिकारियों की मौजूदगी में की गई पैमाइश के बाद मौके की स्थिति को रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है।
## लोगों से खुद जमीन खाली न करने की अपील
मामले से जुड़े पक्ष की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे जमीन को लेकर खुद से कोई कार्रवाई न करें। जांच रिपोर्ट के आधार पर SDM कोर्ट ने जमीन को आर्य समाज मंदिर के नाम दर्ज करने का आदेश दिया है।
साथ ही लोगों से कहा गया है कि वे प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन करें और जमीन को लेकर किसी तरह का विवाद या कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा न करें।
## अब प्रशासन की कार्रवाई पर नजर
SDM कोर्ट के आदेश के बाद अब प्रशासन के सामने अदालत के फैसले को राजस्व रिकॉर्ड में लागू कराने और मौके की स्थिति के अनुसार आगे की कार्रवाई की जिम्मेदारी है। जमीन पर बने मकानों और अन्य निर्माण को लेकर भी प्रशासनिक स्तर पर स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
फिलहाल करीब एक साल तक चले जमीन विवाद में SDM कोर्ट का फैसला आने के बाद मामला एक नए चरण में पहुंच गया है। प्रशासन की पैमाइश और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर है।



