बिजनौर में पिंजरे में कैद हुआ गुलदार, कई दिनों से दहशत में थे ग्रामीण
बिजनौर के नहटौर क्षेत्र के सदरुद्दीननगर गांव में कई दिनों से दहशत का कारण बने गुलदार को वन विभाग की टीम ने पिंजरे में कैद कर लिया। गुलदार के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।

# बिजनौर में पिंजरे में कैद हुआ गुलदार, कई दिनों से दहशत में थे ग्रामीण
**बिजनौर।** उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नहटौर क्षेत्र में पिछले कई दिनों से ग्रामीणों के लिए परेशानी और डर का कारण बना गुलदार आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। सदरुद्दीननगर गांव के आसपास लगातार गुलदार की आवाजाही देखे जाने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल था। खासकर खेतों में काम करने वाले किसान काफी परेशान थे।
गुलदार की मौजूदगी के चलते शाम ढलने के बाद ग्रामीण अकेले बाहर निकलने से बच रहे थे। किसान खेतों पर जाने से पहले आसपास का इलाका ध्यान से देखते थे। घरों में भी बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरती जा रही थी।
## कई दिनों से गांव के आसपास दिखाई दे रहा था गुलदार
मामला नहटौर क्षेत्र के सदरुद्दीननगर गांव का है। ग्रामीणों के मुताबिक पिछले कई दिनों से गांव और आसपास के खेतों में गुलदार दिखाई दे रहा था। उसकी लगातार मौजूदगी के कारण लोगों में डर बढ़ता जा रहा था।
गुलदार के दिखाई देने की सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को दी। ग्रामीणों की मांग के बाद वन विभाग ने गांव के आसपास निगरानी बढ़ाई और गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया।
## पांच दिन तक चलता रहा इंतजार
गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग ने गांव के पास पिंजरा लगाया था। इसके बाद टीम लगातार इलाके पर नजर रख रही थी। बताया गया कि करीब पांच दिनों तक इंतजार के बाद आखिरकार गुलदार पिंजरे में फंस गया।
गुलदार को आकर्षित करने के लिए पिंजरे में मुर्गा रखा गया था। शुक्रवार रात गुलदार शिकार की तलाश में पिंजरे तक पहुंचा और उसमें कैद हो गया। शनिवार सुबह खेतों की ओर गए किसानों ने पिंजरे में गुलदार को देखा और इसकी सूचना ग्रामीणों तथा वन विभाग को दी।
## पिंजरे के पास जुटी ग्रामीणों की भीड़
गुलदार के पिंजरे में कैद होने की खबर तेजी से गांव में फैल गई। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लोग उस गुलदार को देखने के लिए जमा हो गए, जिसकी वजह से पिछले कई दिनों से गांव में डर का माहौल बना हुआ था।
मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों को पिंजरे से दूर रहने के लिए कहा। लोगों को पीछे हटाया गया और सुरक्षा व्यवस्था के बीच गुलदार को पिंजरे समेत वन विभाग के कब्जे में ले लिया गया।
## करीब चार साल की मादा गुलदार
वन विभाग की जानकारी के मुताबिक पकड़ी गई गुलदार की उम्र करीब चार वर्ष है और वह मादा है। टीम उसे रेंज कार्यालय ले गई, जहां उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश के अनुसार उसे सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़े जाने की कार्रवाई की जाएगी।
## ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
गुलदार के पकड़े जाने के बाद सदरुद्दीननगर और आसपास के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। कई दिनों से खेतों और गांव के आसपास गुलदार की मौजूदगी के कारण लोग डर के माहौल में रह रहे थे। अब उसके पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद है कि क्षेत्र में सामान्य स्थिति लौटेगी।
हालांकि, वन विभाग ग्रामीणों को लगातार सतर्क रहने की सलाह देता रहा है। गुलदार जैसे वन्यजीवों से दूरी बनाए रखना और उनकी गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग को सूचना देना जरूरी है।



