नेपाल में भोटेकोशी बाढ़ के बाद 600 स्कूली बच्चे लापता, 12 स्कूल पूरी तरह तबाह
26 अगस्त को आई भीषण भोटेकोशी बाढ़ के बाद रसुवा और नुवाकोट जिलों में करीब 600 बच्चों के लापता होने की जानकारी सामने आई है. कई बस्तियां बाढ़ की चपेट में आईं और 12 स्कूल पूरी तरह तबाह हो गए.

# नेपाल में भोटेकोशी बाढ़ के बाद 600 बच्चे लापता, 12 स्कूल पूरी तरह तबाह
**काठमांडू:** नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण भोटेकोशी बाढ़ के बाद हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। बाढ़ की तबाही के बाद रसुवा और नुवाकोट जिलों से करीब 600 स्कूली बच्चों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। स्थानीय स्तर पर बच्चों के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन बाढ़ के बाद संचार व्यवस्था प्रभावित होने से राहत और खोज अभियान में मुश्किलें आ रही हैं।
भोटेकोशी नदी में आई अचानक और भीषण बाढ़ ने कई बस्तियों को अपनी चपेट में ले लिया था। बाढ़ का पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। नदी के आसपास बसे इलाकों में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है और कई परिवार प्रभावित हुए हैं।
## 26 अगस्त की बाढ़ ने मचाई भारी तबाही
26 अगस्त की सुबह भोटेकोशी नदी में अचानक भीषण बाढ़ आई। तेज बहाव ने रास्ते में आने वाली बस्तियों और आसपास के इलाकों को प्रभावित किया। बाढ़ के कारण कई घरों और अन्य इमारतों को नुकसान पहुंचा। नदी के आसपास मौजूद स्कूल भी इसकी चपेट में आ गए।
बाढ़ के बाद जब स्थानीय स्तर पर स्कूलों और बच्चों की स्थिति का पता लगाने की कोशिश की गई, तब करीब 600 बच्चों के बारे में जानकारी नहीं मिल सकी। प्रशासन और स्थानीय लोग इन बच्चों का पता लगाने के लिए जानकारी जुटाने में लगे हैं।
हालांकि, बाढ़ के कारण संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। ऐसे में कई इलाकों से सही और तत्काल जानकारी हासिल करना चुनौती बना हुआ है।
## पूरी तरह तबाह हुए 12 स्कूल
बाढ़ से शिक्षा व्यवस्था को भी भारी नुकसान पहुंचा है। जानकारी के मुताबिक कई स्कूल बाढ़ की चपेट में आए हैं, जबकि 12 स्कूल पूरी तरह तबाह हो गए हैं। स्कूलों के क्षतिग्रस्त होने से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई है।
शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से नुकसान का आकलन किया जा रहा है। स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों और शिक्षकों से जुड़ी जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितने लोग सुरक्षित हैं और कितने अभी भी संपर्क से बाहर हैं।
## संचार व्यवस्था प्रभावित, बढ़ी मुश्किल
बाढ़ के बाद कई इलाकों में संचार व्यवस्था बाधित होने से लापता बच्चों की सही संख्या और उनके ठिकाने की जानकारी जुटाने में परेशानी हो रही है। स्थानीय प्रशासन और अन्य एजेंसियां अलग-अलग माध्यमों से प्रभावित परिवारों और स्कूलों से संपर्क करने की कोशिश कर रही हैं।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य भी जारी हैं। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती दूरदराज के इलाकों तक पहुंचना और वहां फंसे लोगों की स्थिति का पता लगाना है।
## बाढ़ के 9 दिन बाद सुरंग से मिली इंसानी आवाज
नेपाल में हालिया बाढ़ और आपदा के बीच एक अन्य घटना ने भी लोगों का ध्यान खींचा। तबाही के करीब 9 दिन बाद एक सुरंग के भीतर से इंसानी आवाज सुनाई देने की सूचना मिली। इसके बाद रेस्क्यू टीम ने अभियान चलाकर सुरंग के अंदर से दो लोगों को बाहर निकाला।
इस घटना ने राहत और बचाव टीमों की उम्मीद बढ़ाई है कि आपदा के बाद अब भी कुछ लोगों को सुरक्षित निकाला जा सकता है। इसके चलते प्रभावित इलाकों में खोज और बचाव अभियान को और तेज किया जा रहा है।
## बच्चों की जानकारी जुटाने में जुटे स्थानीय अधिकारी
रसुवा और नुवाकोट जिलों में लापता बताए जा रहे बच्चों के संबंध में स्थानीय स्तर पर जानकारी एकत्र की जा रही है। स्कूलों, परिवारों और स्थानीय प्रशासन के रिकॉर्ड के आधार पर बच्चों की स्थिति का पता लगाने की कोशिश हो रही है।
फिलहाल करीब 600 बच्चों के लापता होने की जानकारी ने चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, संचार व्यवस्था बाधित होने के कारण यह स्पष्ट नहीं है कि इनमें कितने बच्चे सुरक्षित स्थानों पर पहुंच चुके हैं और कितने अभी भी लापता हैं। प्रशासन की ओर से स्थिति स्पष्ट करने के लिए जानकारी जुटाई जा रही है।
नेपाल में भोटेकोशी बाढ़ ने बड़े पैमाने पर जनजीवन को प्रभावित किया है। बाढ़ से प्रभावित परिवारों के सामने घर, संपर्क मार्ग और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। आने वाले दिनों में राहत और खोज अभियान के साथ लापता बच्चों की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।