
# राजस्थान में मिलावटखोरों पर बड़ी कार्रवाई, 6900 लीटर मूंगफली तेल जब्त, 1150 किलो खाद्य सामग्री नष्ट
राजस्थान में मिलावटखोरी के खिलाफ चलाए जा रहे **‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’** अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग ने शनिवार को प्रदेशभर में सघन कार्रवाई की। अलग-अलग जिलों में खाद्य प्रतिष्ठानों, दुकानों और कारोबारियों के यहां निरीक्षण और सैंपलिंग की गई। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में संदिग्ध और मिलावटी खाद्य पदार्थ जब्त किए गए।
विभाग की कार्रवाई में करीब **6900 लीटर मूंगफली का तेल जब्त** किया गया, जबकि लगभग **1150 किलो खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट कराया गया**। अधिकारियों ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए कई नमूने भी लिए हैं। इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेजा जाएगा।
## मिलावटखोरों के खिलाफ प्रदेशभर में अभियान
राजस्थान सरकार की ओर से खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। ‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। इसी अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने प्रदेश के कई हिस्सों में निरीक्षण और छापेमारी की।
कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, निर्माण प्रक्रिया, भंडारण और बिक्री से जुड़े नियमों की जांच की। जहां खाद्य सामग्री संदिग्ध या मानकों के अनुरूप नहीं मिली, वहां नियमानुसार कार्रवाई की गई।
## 6900 लीटर मूंगफली तेल जब्त
अभियान के दौरान सबसे बड़ी कार्रवाई मूंगफली तेल को लेकर सामने आई। विभागीय टीमों ने करीब **6900 लीटर मूंगफली का तेल जब्त** किया। अधिकारियों ने तेल के नमूने लेकर उनकी जांच शुरू कराई है।
खाद्य सुरक्षा विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि जब्त किया गया तेल खाद्य सुरक्षा मानकों पर कितना खरा उतरता है। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
## 1150 किलो खाद्य सामग्री नष्ट
कार्रवाई के दौरान करीब **1150 किलो खाद्य सामग्री को नष्ट** कराया गया। अधिकारियों के मुताबिक, ऐसी खाद्य सामग्री जो मानव स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित नहीं थी या जिसके खराब होने की आशंका थी, उसे मौके पर ही नष्ट कराया गया।
विभाग की टीमों ने कारोबारियों को खाद्य पदार्थों के रखरखाव और गुणवत्ता को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। अधिकारियों ने साफ किया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट या मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
## जनस्वास्थ्य से समझौता नहीं: गायत्री राठौड़
प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य **गायत्री राठौड़** ने कहा कि जनस्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ प्रभावी और निरंतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि आम लोगों को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
## लिए गए खाद्य पदार्थों के सैंपल
अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा टीमों ने विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने भी लिए। इन नमूनों को जांच के लिए संबंधित प्रयोगशालाओं में भेजा जाएगा। रिपोर्ट में यदि किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट या निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से कारोबारियों को भी चेतावनी दी गई है कि वे खाद्य पदार्थों की खरीद, बिक्री और भंडारण में निर्धारित मानकों का पालन करें।
## मिलावट के खिलाफ आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
राज्य सरकार और खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि ‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान के तहत इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। अधिकारियों का लक्ष्य मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के साथ-साथ आम लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
प्रदेशभर में हुई इस कार्रवाई में हजारों लीटर तेल और बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री की जब्ती और नष्ट किए जाने से साफ है कि विभाग मिलावटखोरी के खिलाफ सख्त रुख अपना रहा है। आने वाले दिनों में भी खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच और सैंपलिंग का अभियान जारी रहने की संभावना है।
**इनपुट: आजतक**


