खबर
Trending

इस्तीफे के बाद Universities का रुख, Gen Z से सीधा संवाद

NEET पेपर लीक विवाद के बीच 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री पद छोड़ने के बाद धर्मेंद्र प्रधान लगातार युवाओं और विश्वविद्यालयों के बीच सक्रिय नजर आ रहे हैं।

Dharmendra Pradhan News: इस्तीफे के बाद फिर एक्टिव हुए पूर्व शिक्षा मंत्री, Universities पर फोकस; Gen Z से संवाद

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर हुए छात्रों के बड़े विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री रहे धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया और शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार प्रल्हाद जोशी को सौंपा गया।

मंत्री पद छोड़ने के बाद धर्मेंद्र प्रधान की राजनीतिक सक्रियता कम नहीं हुई है। वह लगातार छात्रों, शिक्षकों और विश्वविद्यालयों से संवाद करते नजर आ रहे हैं। उनके हालिया कार्यक्रमों को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उनका फोकस खासतौर पर Gen Z और युवाओं से सीधे संवाद पर दिखाई दे रहा है।

इस्तीफे के बाद विश्वविद्यालय पहुंचे धर्मेंद्र प्रधान

इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान सबसे पहले 9 अगस्त को ओडिशा की GM University के कार्यक्रम में पहुंचे थे। यहां उन्होंने छात्रों और शिक्षकों को संबोधित किया और पहली बार सार्वजनिक तौर पर अपने इस्तीफे की वजह पर विस्तार से बात की।

प्रधान ने कहा कि NEET पेपर लीक को लेकर हुए विरोध के दौरान कुछ लोगों ने Gen Z को गुमराह करने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस्तीफा देने की पेशकश की थी। उनके मुताबिक, मंत्री पद उनके लिए युवाओं के भविष्य से ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं था।

बोले- Gen Z हमारे बच्चे हैं

GM University में छात्रों को संबोधित करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि Gen Z देश की युवा शक्ति है। उन्होंने कहा कि युवाओं की अपनी आकांक्षाएं हैं और आने वाले समय में यही पीढ़ी भारत को आगे ले जाएगी।

प्रधान ने यह भी कहा कि देश में हर साल करीब दो करोड़ बच्चे जन्म लेते हैं और पिछले एक दशक में लगभग 20 करोड़ बच्चे इस आयु वर्ग में आए हैं। उन्होंने संकेत दिया कि युवाओं की आकांक्षाओं और भविष्य को राजनीति से ऊपर रखना जरूरी है।

मंत्री पद छोड़ने के बाद भी राजनीतिक सक्रियता

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ऐसे समय हुआ था जब NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर देश के कई हिस्सों में छात्रों का आंदोलन चल रहा था। 20 जुलाई को दिल्ली समेत कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए थे और आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में शिक्षा मंत्री का इस्तीफा भी शामिल था।

25 जुलाई को प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। अपने इस्तीफे में उन्होंने युवाओं को देश की ताकत बताया था और छात्रों के भविष्य तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार को प्राथमिकता देने की बात कही थी।

अब Universities पर बढ़ा फोकस

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने भी युवाओं के साथ संवाद बढ़ाने की दिशा में पहल शुरू की है। सरकार ‘One Day, One University’ कार्यक्रम के तहत केंद्रीय मंत्रियों को रोजाना अलग-अलग विश्वविद्यालयों में भेजकर छात्रों से संवाद कराने की योजना पर काम कर रही है।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों की समस्याओं और विचारों को सीधे सुनना तथा उन्हें सरकार की योजनाओं की जानकारी देना बताया गया है। यह पहल NEET पेपर लीक के मुद्दे पर हुए छात्र प्रदर्शनों के बाद सामने आई है।

ओडिशा की राजनीति में भी सक्रिय

केंद्रीय मंत्री का पद छोड़ने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ओडिशा की राजनीति में भी सक्रिय नजर आ रहे हैं। वह छात्रों और युवाओं के कार्यक्रमों में शामिल होने के साथ-साथ राज्य के राजनीतिक मुद्दों पर भी बयान दे रहे हैं।

रैराखोल में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बीजेडी कार्यकर्ताओं के विरोध और ‘गो बैक’ के नारों पर भी प्रतिक्रिया दी थी। प्रधान ने कहा था कि वह किसान के बेटे हैं और विरोध के बावजूद ओडिशा आते-जाते रहेंगे।

क्या है आगे की रणनीति?

धर्मेंद्र प्रधान के लगातार विश्वविद्यालयों और युवाओं के बीच पहुंचने से यह संकेत मिल रहा है कि शिक्षा मंत्री का पद छोड़ने के बावजूद उनका Youth और Gen Z Outreach जारी रहेगा। NEET विवाद के दौरान जिस युवा वर्ग का बड़ा हिस्सा सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरा था, उससे दोबारा संवाद स्थापित करना आने वाले समय में केंद्र और बीजेपी के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

फिलहाल प्रधान ने खुद अपने इस्तीफे को युवाओं के हित और Gen Z को कथित रूप से गुमराह किए जाने के संदर्भ में समझाया है। वहीं, केंद्र सरकार की नई विश्वविद्यालय-केंद्रित पहल भी बताती है कि छात्रों के साथ सीधा संवाद अब राजनीतिक एजेंडे का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button