N Chandrasekaran Resigns as Tata Sons Chairman After 40 Years at Tata Group
N Chandrasekaran steps down as Tata Sons Chairman after four decades with Tata Group; leadership transition begins

टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है। इसके साथ ही टाटा ग्रुप के साथ उनका करीब चार दशक लंबा सफर एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच गया है। चंद्रशेखरन ने टाटा संस बोर्ड को अपने फैसले की जानकारी दी और स्पष्ट किया कि वह अपने मौजूदा कार्यकाल के बाद चेयरमैन पद के लिए दोबारा नियुक्ति की इच्छा नहीं रखते हैं।
एन चंद्रशेखरन ने अपने बयान में कहा कि टाटा ग्रुप के साथ उनका 40 साल का जुड़ाव उनके लिए बेहद खास और सम्मानजनक अनुभव रहा है। उन्होंने कहा कि टाटा संस का नेतृत्व करना उनके लिए गर्व और बड़ी जिम्मेदारी का विषय रहा। उन्होंने समूह की परंपराओं, मूल्यों और भविष्य की योजनाओं के साथ काम करने को अपने करियर की बड़ी उपलब्धि बताया।
चंद्रशेखरन का टाटा ग्रुप के साथ सफर एक इंटर्न के रूप में शुरू हुआ था। अपनी मेहनत, नेतृत्व क्षमता और कारोबारी समझ के दम पर वह धीरे-धीरे समूह के शीर्ष पद तक पहुंचे। साल 2017 में उन्हें टाटा संस का चेयरमैन नियुक्त किया गया था। इसके बाद उन्होंने समूह को कई नए क्षेत्रों में आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
उनके कार्यकाल के दौरान टाटा ग्रुप ने डिजिटल बिजनेस, ऑटोमोबाइल, एयरलाइन, तकनीक और नए निवेश के क्षेत्रों में कई बड़े फैसले लिए। उनके नेतृत्व में समूह ने अपनी कई कंपनियों के विस्तार और आधुनिकीकरण पर ध्यान दिया।
बताया जा रहा है कि एन चंद्रशेखरन का मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 तक जारी रहेगा। उन्होंने टाटा संस बोर्ड से नए चेयरमैन के चयन की प्रक्रिया जल्द शुरू करने का अनुरोध किया है, ताकि कंपनी में नेतृत्व परिवर्तन व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जा सके।
चंद्रशेखरन के इस्तीफे के बाद अब टाटा ग्रुप के नए चेयरमैन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। देश के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित कारोबारी समूहों में शामिल टाटा ग्रुप के लिए यह बदलाव आने वाले समय में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नए नेतृत्व के सामने समूह की विरासत को आगे बढ़ाने और भविष्य की चुनौतियों से निपटने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।


