हर परिस्थिति में कश्मीर के लोगों के साथ है केंद्रीय बल: डीजी जीपी सिंह
संजीव कुमार
हर परिस्थिति में कश्मीर के लोगों के साथ है केंद्रीय बल: डीजी जीपी सिं
लाल चौक से हाई-एल्टीट्यूड महिला बाइक अभियान के तीसरे संस्करण को किया रवाना
जम्मू, 23 सितम्बर (संजीव): केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के महानिदेशक (डीजी) जीपी सिंह ने मंगलवार को कहा कि सीआरपीएफ हर परिस्थिति में कश्मीर के लोगों के साथ खड़ी है।
डीजी ने श्रीनगर के ऐतिहासिक लाल चौक से “यशस्विनी हाई-एल्टीट्यूड सीआरपीएफ बाइक अभियान 2025” के तीसरे संस्करण को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
2001 की संसद हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए डीजी सिंह ने कहा, “मैं शहीदों और अशोक चक्र से सम्मानित वीरों को नमन करता हूँ, जो राष्ट्र का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है।”
उन्होंने सभी महिला बाइक सवारों का अभिवादन किया, जो सात दिन के हाई-एल्टीट्यूड अभियान पर रवाना हुईं। यह यात्रा लाल चौक से पैंगोंग झील तक और वापस होगी, जिसमें लगभग 1,400 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी और खारदुंग ला (लद्दाख क्षेत्र का उच्च पर्वतीय दर्रा) से होकर गुजरेगी।
सिंह ने कहा, “मैं आप सभी को साहस के साथ आगे बढ़ने पर बधाई देता हूँ। आप सीआरपीएफ की ध्वजवाहक हैं और विशेष प्रशंसा व आभार की पात्र हैं।”
अभियान का नेतृत्व कर रहे अधिकारियों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, “डीआईजी बलव शर्मा, ब्रिगेडियर एसपी राय और डीके सिंह इस टीम का मार्गदर्शन कर रहे हैं। यात्रा लगभग 18,000 फीट की ऊंचाई तक पहुंचेगी, शून्य से नीचे तापमान और कठिन जीवन परिस्थितियों का सामना करना होगा। इन चुनौतियों के बावजूद टीम आगे बढ़ रही है और मैं सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देता हूँ।”
अभियान के प्रतीकात्मक महत्व का उल्लेख करते हुए सिंह ने कहा, “यह हाई-एल्टीट्यूड मिशन बीते छियासठ वर्षों में भारत की आंतरिक सुरक्षा में सीआरपीएफ के योगदान को दर्शाता है। इसे कश्मीर के ऐतिहासिक लाल चौक से शुरू करना मेरे लिए अपार खुशी, गर्व और सम्मान की बात है।”
उन्होंने वहां मौजूद नागरिकों, विशेषकर लाल चौक के स्थानीय लोगों का आभार जताते हुए कहा, “आपका उत्साह हमें प्रेरित करता है और सेवा व सुरक्षा के संकल्प को और मजबूत करता है।”
यह उल्लेखनीय है कि यशस्विनी हाई-एल्टीट्यूड सीआरपीएफ बाइक अभियान 2025 महिला बाइक अभियानों की विशेष श्रृंखला का तीसरा संस्करण है, जिसका उद्देश्य गर्व की भावना जागृत करना और शारीरिक व मानसिक सहनशक्ति की परीक्षा लेना है।
गौरतलब है कि पहला संस्करण मार्च 2023 में दिल्ली से जगदलपुर तक आयोजित हुआ था, जबकि दूसरा संस्करण सितम्बर 2023 में श्रीनगर, शिलांग और कन्याकुमारी से केवड़िया तक निकाला गया था।