सिद्धार्थनगर में DJ के शोर के बीच नवजात की मौत, परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
बढ़नी में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान नवजात की मौत से परिवार में मातम। परिजनों ने DJ की तेज आवाज पर उठाए सवाल, पोस्टमार्टम में मौत के कारण की पुष्टि नहीं; विसरा जांच जारी।

सिद्धार्थनगर में DJ के शोर के बीच नवजात की मौत, परिवार ने लगाए गंभीर आरोप; पोस्टमार्टम में नहीं हुई पुष्टि
सिद्धार्थनगर, 23 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के बढ़नी कस्बे में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान तेज आवाज में DJ बजने के बीच एक नवजात बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। बच्चे के परिजनों ने आरोप लगाया कि DJ की तेज आवाज और कंपन के दौरान बच्चे की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है। वहीं, पुलिस मामले की जांच कर रही है।
यह मामला ढेबरुआ थाना क्षेत्र के बढ़नी कस्बे के वार्ड नंबर 9 में रामजानकी मंदिर के पास का है। बच्चे के पिता जावेद मनिहार ने DJ की तेज आवाज को लेकर सवाल उठाए और मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
DJ की तेज आवाज से घर में कंपन होने का दावा
बच्चे के पिता जावेद मनिहार के मुताबिक, उनकी पत्नी ने 18 अक्टूबर को बच्चे को जन्म दिया था। जन्म के बाद मां और नवजात को अस्पताल से घर लाया गया था। परिवार का कहना है कि बच्चा घर आने के बाद सामान्य था।
परिजनों के अनुसार, 20 अक्टूबर की रात दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान घर के पास तेज आवाज में DJ बजाया जा रहा था। रात करीब 11 से 11:30 बजे के बीच आवाज इतनी तेज थी कि घर में कंपन महसूस होने लगा।
जावेद का आरोप है कि DJ की तेज आवाज और कंपन के दौरान घर के बाहर लगे छज्जे के प्लास्टर को नुकसान पहुंचा और घर में रखा ड्रम भी हिलने लगा। इसी दौरान नवजात रोने लगा और कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई।
हालांकि, DJ की आवाज और बच्चे की मौत के बीच प्रत्यक्ष संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मां का रो-रोकर बुरा हाल
नवजात की मौत के बाद मां सबरून निशा और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार का कहना है कि बच्चे के जन्म से घर में खुशियां थीं, लेकिन कुछ ही दिनों में यह खुशी मातम में बदल गई।
परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
पहले भी DJ की तेज आवाज को लेकर दी गई थी शिकायत
स्थानीय समाजसेवी उपेंद्र पाण्डेय के अनुसार, क्षेत्र में DJ की तेज आवाज और कंपन को नियंत्रित करने की मांग पहले भी उठाई गई थी। उनका दावा है कि स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और उपजिलाधिकारी को ज्ञापन देकर इस समस्या की ओर ध्यान दिलाया था।
उन्होंने बताया कि दशहरे से पहले हुई पीस कमेटी की बैठक में भी तेज आवाज में DJ बजाने का मुद्दा उठाया गया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि चेतावनी और शिकायतों के बावजूद तेज आवाज पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो सका।
इन आरोपों और पूर्व शिकायतों के संबंध में प्रशासनिक कार्रवाई की विस्तृत स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
पुलिस ने कराया पोस्टमार्टम, फॉरेंसिक जांच जारी
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मामले में मौत के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
आज तक की 23 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, पोस्टमार्टम में बच्चे के दोनों कान के पर्दे सुरक्षित पाए गए और रक्त के थक्के जमने के संकेत नहीं मिले। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में DJ की तेज आवाज से मौत होने की पुष्टि नहीं हुई है।
मौत का सटीक कारण स्पष्ट करने के लिए विसरा सुरक्षित रखकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। इसलिए फिलहाल यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि नवजात की मौत DJ की आवाज के कारण ही हुई।
तेज आवाज पर नियंत्रण को लेकर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद धार्मिक जुलूसों और सार्वजनिक आयोजनों में तेज आवाज वाले DJ के इस्तेमाल पर नियंत्रण को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि ऐसे आयोजनों में निर्धारित ध्वनि सीमाओं और प्रशासनिक निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
सार्वजनिक आयोजनों में ध्वनि नियंत्रण के नियमों का पालन कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। साथ ही, किसी संदिग्ध मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और चिकित्सकीय साक्ष्यों के आधार पर निष्कर्ष निकालना भी जरूरी है।
निष्कर्ष: सिद्धार्थनगर के बढ़नी कस्बे में नवजात की मौत से परिवार सदमे में है। परिजनों ने DJ की तेज आवाज और कंपन को घटना से जोड़ते हुए कार्रवाई की मांग की है, लेकिन पोस्टमार्टम में इस कारण की पुष्टि नहीं हुई। अब फॉरेंसिक जांच और पुलिस की आगे की जांच से मौत के वास्तविक कारण के बारे में स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।



