*समन्वित प्रयास कर स्वास्थ्य एवं पोषण की स्थिति में लाएं सुधार: कलेक्टर* *स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्रियान्वित कार्यों की हुई समीक्षा*
*समन्वित प्रयास कर स्वास्थ्य एवं पोषण की स्थिति में लाएं सुधार: कलेक्टर*
*स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्रियान्वित कार्यों की हुई समीक्षा*
*रिपोर्टर – एम पी सी जी Sky इंडिया टीवी से एमपी हेड मोहम्मद शमीम अहमद खान की रिपोर्ट*
कलेक्टर ऊषा परमार ने कहा है कि स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं योजनाओं का लाभ जनसामान्य को प्रभावी रूप से समय पर प्रदान करना सुनिश्चित किया जाए। सतत् निगरानी और मॉनिटरिंग के जरिए समन्वित प्रयास कर स्वास्थ्य व पोषण की स्थिति में सुधार के लिए अपेक्षित कार्रवाई करें। एक सप्ताह की समयावधि में यह परिलक्षित भी हो। दायित्वों के प्रति लापरवाही पर एएनएम एवं सीएचओ सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही का प्रस्ताव भेजें। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में संपन्न हुई स्वास्थ्य विभाग कीे समीक्षा बैठक में जिला कलेक्टर ने उक्त निर्देश दिए। इस मौके पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.पी. तिवारी एवं सिविल सर्जन डॉ. आलोक गुप्ता सहित समस्त बीएमओ और विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के नोडल अधिकारी भी उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्रीमती परमार ने कहा कि विभाग द्वारा उपलब्ध संसाधन का बेहतर प्रबंधन किया जाए। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य व मृत्यु दर में कमी के हरसंभव प्रयास करें। सभी गर्भवती माताओं का पंजीयन और समय पर आवश्यक जांच की व्यवस्था को भी बेहतर रूप से प्रभावी बनाया जाए। इस दौरान गत कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में विभाग के बिन्दुओं तथा परिपालन के संबंध में चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि बीमार व्यक्तियों को समय पर सही व समुचित उपचार मिले। हाईरिस्क प्रेगनेंसी एवं सीवियर एनीमिया जैसे मामलों पर भी गंभीरतापूर्वक कार्यवाही की जाए। सभी मैदानी अधिकारी-कर्मचारियों को अपनी कार्यशैली में बदलाव लाकर सभी चिन्हांकित मरीजों के बेहतर उपचार सहित स्वयं के स्तर पर प्रगति का रिव्यू कर पोर्टल पर तत्काल डाटा एंट्री के निर्देश भी दिए गए। बैठक में सीएचओ एवं एएनएम को घर-घर संपर्क के लिए निर्देशित करने तथा टीकाकरण व एएनसी जांच सहित अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए निर्देशित किया गया। बैठक में एनसीडी कार्यक्रम के तहत हाईपरटेंशन एवं डायबिटीज के पुनः परीक्षण तथा जिला अस्पताल में अविलंब पैथालॉजिस्ट की नियुक्ति के लिए भी कहा। इसके अलावा 15 दिवस का विशेष जागरूकता अभियान संचालित करने, रक्तदान शिविर के आयोजन तथा शहर के निजी डीटी अस्पताल में भी सोनोग्राफी व्यवस्था की उपलब्धता के संबंध में चर्चा की गई।