लखनऊ में बाढ़ से हालात बिगड़े, किचन-बेडरूम तक भरा पानी; छतों पर परिवार, बोट का इंतजार
पानी में डूबे रास्तों के बीच राहत टीमों की मदद का इंतजार, संकरी गलियों में बोट से पहुंचाया जा रहा खाना

# लखनऊ में बाढ़ से बेहाल परिवार, किचन-बेडरूम तक भरा पानी; छतों पर बैठे लोग कर रहे बोट का इंतजार
**लखनऊ।** उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बाढ़ ने कई परिवारों की जिंदगी मुश्किल कर दी है। घर अब रहने की जगह के बजाय इंतजार की जगह बन गए हैं। कई इलाकों में बाढ़ का पानी घरों के किचन, बेडरूम और गैलरी तक पहुंच गया है। पानी से घिरे परिवारों ने जरूरी सामान ऊंची जगहों पर रख दिया है, जबकि कुछ लोग मजबूरी में घर की छतों पर बैठे हुए हैं।
जिन रास्तों से लोग रोजाना अपने घरों तक आते-जाते थे, वे अब पानी में डूब चुके हैं। ऐसे में घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। प्रभावित परिवारों के सामने सबसे बड़ी चिंता खाने-पीने के सामान और जरूरी जरूरतों को लेकर है। कई लोग सुबह से हाथ में ब्रेड और नाश्ते का सामान लिए राहत की बोट आने का इंतजार करते दिखाई दिए।
## किचन से बेडरूम तक पहुंचा बाढ़ का पानी
बाढ़ का पानी घरों के उन हिस्सों तक पहुंच गया है, जहां सामान्य दिनों में परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी चलती थी। कहीं किचन में पानी भरा है तो कहीं बेडरूम तक पानी पहुंच गया है। गैलरी भी जलभराव से अछूती नहीं है।
लोगों ने जरूरी सामान को पानी से बचाने के लिए ऊंची जगहों पर रख दिया है। कुछ परिवारों ने फिलहाल घर की छत को ही अपना ठिकाना बना लिया है। उनके सामने सबसे बड़ी चिंता यह है कि पानी कब कम होगा और वे कब दोबारा अपने घर के कमरों में सामान्य तरीके से रह सकेंगे।
## सुबह से बोट का इंतजार
पानी में डूबे रास्तों के कारण प्रभावित इलाकों में लोगों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित है। कई परिवारों के लिए बाहर निकलने या घर तक जरूरी सामान पहुंचाने का एकमात्र सहारा बोट बन गई है।
कुछ लोग सुबह से बोट का इंतजार करते रहे। उनके लिए यह इंतजार केवल आने-जाने का नहीं है। घर में खाना चाहिए तो बोट का इंतजार करना पड़ रहा है, पीने का पानी या अन्य जरूरी सामान चाहिए तो भी राहत टीम के पहुंचने का इंतजार है।
छतों पर बैठे परिवार बार-बार पानी के बीच आने वाली राहत बोट की तरफ देखते नजर आते हैं। नीचे कमरों में पानी भरा होने और बाहर निकलने का रास्ता जलमग्न होने के कारण उनके पास फिलहाल इंतजार के अलावा कोई आसान विकल्प नहीं है।
## राहत पहुंचाने में जुटी बोट
दूसरी ओर राहत टीमें जलभराव वाले इलाकों में लगातार काम कर रही हैं। संकरी गलियों में बोट के जरिए प्रभावित परिवारों तक खाने-पीने का सामान पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन के मुताबिक बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत के लिए करीब 100 बोट लगाई गई हैं और लगभग 2,000 परिवारों तक मदद पहुंचाई जा रही है।
इलाकों में लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को लगातार जरूरी जानकारी दी जा रही है और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है। प्रशासन की प्राथमिकता पानी से घिरे परिवारों तक भोजन, पानी और दूसरी आवश्यक वस्तुएं पहुंचाना है।
## गोमती के बढ़े जलस्तर से बिगड़े हालात
लखनऊ में बाढ़ की स्थिति गोमती नदी के बढ़े जलस्तर से जुड़ी है। नदी के आसपास के निचले इलाकों में पानी भरने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। इससे पहले प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में नावों के जरिए राहत अभियान तेज किया था और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए थे।
शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन की टीमें प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने में जुटी हैं। वहीं, गोमती के जलस्तर में कमी के संकेत मिलने के बाद बुधवार से हालात में धीरे-धीरे सुधार की उम्मीद भी जताई गई है।
## छत और बोट के बीच अटकी जिंदगी
लखनऊ की बाढ़ की यह तस्वीर केवल पानी से भरी गलियों की नहीं है। कहीं घर का किचन डूबा है, कहीं बेडरूम पानी में है और कहीं परिवार छत पर बैठकर मदद का इंतजार कर रहा है। कई लोगों के लिए राहत बोट ही घर और बाहरी दुनिया के बीच एकमात्र संपर्क का जरिया बनी हुई है।
राहत और बचाव का काम लगातार जारी है। प्रभावित परिवारों की सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि पानी जल्द कम हो और जरूरी मदद समय पर उनके घरों तक पहुंचती रहे।



