राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ आरोप पर मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी का पलटवार, नेहरू का किया जिक्र
राहुल गांधी के 'वोट चोरी' के आरोपों पर मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी का पलटवार, नेहरू के प्रधानमंत्री बनने और पुराने चुनावों का किया जिक्र

बिहार सरकार में मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर पलटवार किया है. उन्होंने राहुल गांधी के आरोपों पर सवाल उठाते हुए जवाहरलाल नेहरू के प्रधानमंत्री बनने और देश के पुराने चुनावों का जिक्र किया. चंद्रवंशी ने दावा किया कि अगर उस समय वोट चोरी नहीं हुई होती तो देश के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की जगह सरदार वल्लभभाई पटेल होते.
मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी का यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस और विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं. राहुल गांधी ने हाल में ‘वोट चोरी’ को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. दूसरी ओर, सत्ता पक्ष के नेता इन आरोपों पर लगातार पलटवार कर रहे हैं.
### राहुल गांधी के आरोपों पर क्या बोले चंद्रवंशी?
राहुल गांधी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रमोद चंद्रवंशी ने कहा कि उन्हें यह पता ही नहीं है कि जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री कैसे बने थे. मंत्री ने दावा किया कि यदि उस समय वोट चोरी नहीं हुई होती तो प्रधानमंत्री सरदार पटेल होते और नेहरू प्रधानमंत्री नहीं बनते. उन्होंने कांग्रेस पर भी चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए.
हालांकि, ये बातें मंत्री के राजनीतिक आरोप और दावे हैं. इन्हें स्थापित तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि उनके बयान के रूप में देखा जाना चाहिए.
### INDIA गठबंधन की बैठक पर भी निशाना
प्रमोद चंद्रवंशी ने INDIA गठबंधन की बैठक को लेकर भी विपक्ष पर निशाना साधा. बैठक के बारे में सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अगर गठबंधन का नेता ही कमजोर है और उसके बयान लोगों की समझ में नहीं आते कि वह क्या कह रहा है, तो ऐसी बैठक में जाने का क्या मतलब है.
मंत्री का यह बयान 30 सितंबर को हुई विपक्षी दलों की बैठक के संदर्भ में आया. इस बैठक में चुनावी मुद्दों और विपक्षी एकजुटता को लेकर चर्चा हुई थी. वहीं, विभिन्न विपक्षी दलों के बीच गठबंधन की रणनीति को लेकर अलग-अलग रुख भी सामने आए हैं.
### पुराने चुनावों में बूथ लूट का किया जिक्र
बिहार के पुराने चुनावों का जिक्र करते हुए चंद्रवंशी ने कहा कि पहले के दौर में खुलेआम बूथ लूट और हिंसा की घटनाएं होती थीं. उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय गरीब लोगों को मतदान केंद्र तक पहुंचने से रोका जाता था. उन्होंने चुनावी व्यवस्था से जुड़े मौजूदा विवादों को पुराने चुनावी दौर से जोड़ते हुए विपक्ष पर निशाना साधा.
### ‘वोट चोरी’ को लेकर जारी है राजनीतिक बहस
वोटर लिस्ट और चुनावी प्रक्रिया को लेकर राहुल गांधी और विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं. हाल में दिल्ली के बेला एस्टेट इलाके में मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर भी विवाद सामने आया. राहुल गांधी ने इसे ‘वोट चोरी’ से जोड़ा, जबकि चुनाव अधिकारियों की ओर से नाम हटाए जाने के कारणों के संबंध में अलग स्पष्टीकरण दिया गया है.
इस पूरे मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी है. एक तरफ विपक्ष चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग कर रहा है, वहीं सरकार और उसके समर्थक विपक्ष के आरोपों को चुनौती दे रहे हैं.
प्रमोद चंद्रवंशी के ताजा बयान ने बिहार की राजनीति में ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर चल रही बहस को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है.



