रक्षाबंधन पर भाई को इस रंग की बांधें राखी, सुख-समृद्धि के लिए ध्यान रखें ये खास नियम
रक्षाबंधन पर भाई को पीले या लाल रंग की राखी बांधना शुभ माना गया है। राखी बांधते समय भाई का मुख पूर्व दिशा की ओर रखें।

रक्षाबंधन पर भाई को इस रंग की बांधें राखी, जानें पूजा के शुभ नियम
देशभर में आज रक्षाबंधन का पवित्र त्योहार श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार, श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर रक्षाबंधन मनाने की परंपरा है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके स्वस्थ, सुखी और समृद्ध जीवन की कामना करती हैं। वहीं भाई अपनी बहनों की रक्षा और हर परिस्थिति में उनका साथ देने का संकल्प लेते हैं।
ज्योतिषाचार्य पंडित प्रवीण मिश्र के अनुसार, सनातन धर्म में पीले रंग को अत्यंत शुभ माना जाता है। यह रंग भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति से संबंधित माना गया है। इसलिए बहनें रक्षाबंधन के अवसर पर अपने भाई की कलाई पर पीले रंग की राखी बांध सकती हैं। मान्यता है कि इससे जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता आती है।
पीले रंग के अलावा लाल रंग की राखी बांधना भी शुभ माना जाता है। लाल रंग शक्ति, प्रेम और सौभाग्य का प्रतीक है। अगर पीले या लाल रंग की राखी उपलब्ध नहीं हो तो बहनें भाई की कलाई पर लाल रंग का रक्षा सूत्र यानी मौली भी बांध सकती हैं। बाजार में मिलने वाली लाल और पीले रंग के मिश्रण वाली मौली का भी प्रयोग किया जा सकता है।
राखी बांधते समय दिशा का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण बताया गया है। भाई को इस प्रकार बैठाना चाहिए कि उसका मुख पूर्व दिशा की ओर रहे। बहन का मुख पश्चिम दिशा की ओर हो सकता है। पूर्व दिशा को सूर्यदेव और सकारात्मक ऊर्जा की दिशा माना जाता है।
राखी बांधने से पहले बहनें पूजा की थाली में राखी, रोली, अक्षत, मिठाई और दीपक रखें। सबसे पहले भाई के माथे पर रोली और अक्षत से तिलक करें। इसके बाद उसकी कलाई पर राखी बांधें, आरती उतारें और मिठाई खिलाएं। इस दौरान भाई के अच्छे स्वास्थ्य, लंबी आयु और उन्नति की प्रार्थना करें।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रेम और शुभ भावना से बांधा गया रक्षा सूत्र भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करता है। रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि आपसी विश्वास, स्नेह और जीवनभर एक-दूसरे का साथ निभाने का प्रतीक है।

