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योगी आदित्यनाथ का बड़ा दावा, बोले- 2017 से पहले माफिया के सामने मजबूर थी पुलिस, अब 14 लाख कैमरों से निगरानी

2017 से पहले की कानून-व्यवस्था पर बोले सीएम योगी, माफिया और दंगों का किया जिक्र; सेफ सिटी में 14 लाख से ज्यादा कैमरे लगाए गए

**योगी आदित्यनाथ का बड़ा दावा, बोले- 2017 से पहले माफिया के सामने मजबूर थी पुलिस, अब 14 लाख कैमरों से निगरानी**

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और सड़क सुरक्षा को लेकर 2017 से पहले की स्थिति और मौजूदा व्यवस्था के बीच अंतर का जिक्र किया. उन्होंने पिछली सरकारों के कार्यकाल में माफिया, अपराध और दंगों को लेकर गंभीर आरोप लगाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय पुलिस पर अपराधियों और माफिया का दबाव था, जबकि अब कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के साथ तकनीक का इस्तेमाल भी बढ़ाया गया है.

### 2017 से पहले माफिया का बोलबाला था: योगी

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में माफिया और अपराधियों का बोलबाला था. उनके मुताबिक, कई जगहों पर पुलिस भी अपराधियों के सामने मजबूर नजर आती थी. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उस दौर में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में अपराधी तत्वों का प्रभाव था और आम लोगों में असुरक्षा का माहौल बना रहता था.

योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि उस समय कानून-व्यवस्था की स्थिति ऐसी थी कि दंगे लंबे समय तक चलते थे और कई इलाकों में कर्फ्यू की स्थिति बनी रहती थी. इससे सामान्य जनजीवन प्रभावित होता था.

### सड़क सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था के साथ सड़क और परिवहन व्यवस्था को लेकर भी पिछली सरकारों पर निशाना साधा. उन्होंने दावा किया कि 2017 से पहले सड़क सुरक्षा की स्थिति खराब थी और लोगों को आवागमन के दौरान कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था.

योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में लखनऊ में भारत टैक्सी योजना के शुभारंभ के दौरान भी 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा था कि उस दौर में वाहन और टैक्सी चालकों की सुरक्षा को लेकर भी समस्याएं थीं.

### सेफ सिटी परियोजना के तहत कैमरों का नेटवर्क

मुख्यमंत्री के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में अपराध नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया गया है. उन्होंने बताया कि सेफ सिटी परियोजना के तहत प्रदेश में 14 लाख से अधिक कैमरे लगाए गए हैं.

इन कैमरों के जरिए अपराध की घटनाओं की निगरानी के साथ-साथ ट्रैफिक व्यवस्था पर भी नजर रखी जा रही है. सीसीटीवी नेटवर्क से पुलिस को घटनाओं की निगरानी और जांच में मदद मिलने की बात कही गई है.

उत्तर प्रदेश में सीसीटीवी और निगरानी व्यवस्था के विस्तार की जानकारी राज्य सरकार की ओर से पहले भी दी जाती रही है. 2025 में उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, सेफ सिटी परियोजना के तहत 12.42 लाख से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके थे.

### दंगे और कर्फ्यू को लेकर भी बोले सीएम

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में आए दिन दंगे होते थे और कई स्थानों पर लंबे समय तक कर्फ्यू रहता था. उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में त्योहारों और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर अलग व्यवस्था की गई है.

हालांकि, 2017 से पहले की कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री द्वारा लगाए गए ये आरोप उनके राजनीतिक बयान और सरकार के दृष्टिकोण का हिस्सा हैं. विभिन्न सरकारों के कार्यकाल की तुलना करते समय आधिकारिक अपराध आंकड़ों और संबंधित अवधि के सरकारी रिकॉर्ड को अलग से देखना जरूरी है.

### पुलिस और तकनीक पर जोर

मौजूदा सरकार की ओर से पुलिस आधुनिकीकरण, सीसीटीवी निगरानी, फोरेंसिक जांच और कमिश्नरेट प्रणाली जैसी व्यवस्थाओं को कानून-व्यवस्था सुधारने के उपायों के तौर पर पेश किया गया है. सरकार के अनुसार, 2017 के बाद पुलिस व्यवस्था में तकनीक और निगरानी का इस्तेमाल बढ़ा है.

सीएम योगी ने अपने संबोधन में इसी बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. सेफ सिटी परियोजना के तहत लगाए गए कैमरों को इसी व्यवस्था का हिस्सा बताया गया है.

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कानून-व्यवस्था एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है. ऐसे में मुख्यमंत्री के 2017 से पहले और मौजूदा व्यवस्था की तुलना वाले बयान पर राजनीतिक चर्चा जारी है.

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