यूपी राज्यसभा चुनाव में फिर ‘संजय सेठ मॉडल’ की चर्चा, अखिलेश के सामने 10 सीटों का सियासी गणित
यूपी में 10 राज्यसभा सीटों के लिए सियासी गणित तेज, सपा के अतिरिक्त वोटों और 2024 की क्रॉस वोटिंग पर टिकी नजर

### यूपी राज्यसभा चुनाव में फिर ‘संजय सेठ मॉडल’ की चर्चा, 10वीं सीट के लिए अखिलेश के सामने नंबर गेम
**लखनऊ:** उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया शुरू हो गई है। 29 सितंबर से नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और 6 अक्टूबर तक नामांकन किए जा सकेंगे। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। मतदान 16 अक्टूबर को होगा और इसी दिन मतगणना भी की जाएगी।
इन 10 सीटों के चुनाव में विधानसभा के मौजूदा संख्या बल के आधार पर बीजेपी और समाजवादी पार्टी अपने-अपने उम्मीदवारों को लेकर रणनीति बना रही हैं। सबसे ज्यादा चर्चा उस 10वीं सीट को लेकर है, जहां अतिरिक्त वोटों और दूसरे दलों के विधायकों के समर्थन से मुकाबला दिलचस्प हो सकता है।
### 2024 का ‘संजय सेठ मॉडल’ क्यों चर्चा में?
राज्यसभा चुनाव की मौजूदा रणनीति में 2024 का घटनाक्रम बार-बार सामने आ रहा है। उस चुनाव में बीजेपी ने संजय सेठ को उम्मीदवार बनाया था। रिपोर्ट के मुताबिक, सपा के सात विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी, जिसके बाद संजय सेठ ने सपा उम्मीदवार अलोक रंजन को हरा दिया था।
इस बार विधानसभा की परिस्थितियां 2024 से अलग हैं। इसलिए पिछली बार के आंकड़ों को सीधे वर्तमान चुनाव पर लागू नहीं किया जा सकता। हालांकि, अतिरिक्त वोट और क्रॉस वोटिंग का मुद्दा चुनावी चर्चा में बना हुआ है।
### सपा के सामने तीसरी सीट का गणित
वर्तमान विधानसभा की प्रभावी संख्या 397 है। एक राज्यसभा सीट के लिए करीब 37.9 प्रथम वरीयता वोटों की जरूरत होगी। मौजूदा संख्या बल के आधार पर सपा दो सीटों पर उम्मीदवार जिताने की स्थिति में है। तीसरी सीट के लिए उसे अपने अतिरिक्त वोटों के अलावा करीब 16-17 और विधायकों के समर्थन की जरूरत पड़ सकती है।
यही वजह है कि सपा नेतृत्व छोटे दलों और ऐसे विधायकों के समर्थन को लेकर संभावनाएं तलाश रहा है, जिनका रुख अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
### सुभासपा के विधायकों पर नजर
रिपोर्टों के मुताबिक सपा की नजर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी यानी सुभासपा के कुछ विधायकों पर भी है। सुभासपा के कुछ विधायक 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सपा के संपर्क में बताए जा रहे हैं। ऐसे में अगर सपा तीसरी राज्यसभा सीट के लिए उम्मीदवार उतारती है तो इन विधायकों का समर्थन उसके गणित में महत्वपूर्ण हो सकता है।
इसके अलावा राष्ट्रीय लोक दल से जुड़े कुछ विधायकों और अन्य ऐसे विधायकों पर भी नजर रखी जा रही है, जिनके राजनीतिक समीकरण चुनाव से पहले बदल सकते हैं।
### सपा की बैठक में रणनीति पर चर्चा
राज्यसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने लखनऊ में बैठक की। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी नेताओं के साथ उम्मीदवार चयन और चुनावी रणनीति पर चर्चा की। अखिलेश यादव ने कहा है कि पार्टी राज्यसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी है। रिपोर्टों के मुताबिक, इसी वजह से वह 30 सितंबर को होने वाली विपक्षी दलों की बैठक में शामिल नहीं होंगे और सपा की ओर से दूसरे नेता प्रतिनिधित्व करेंगे।
### बीजेपी ने भी शुरू की तैयारी
बीजेपी की ओर से भी राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव को लेकर उम्मीदवारों पर मंथन जारी है। 29 सितंबर को पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा की गई।
मौजूदा विधानसभा संख्या बल बीजेपी के पक्ष में है। ऐसे में पार्टी का फोकस उम्मीदवारों के चयन के साथ-साथ अपने सहयोगी दलों के विधायकों को साथ रखने और चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने पर है।
### 2024 और 2026 के समीकरण में अंतर
इस बार यूपी विधानसभा की प्रभावी संख्या 397 है। सपा की विधानसभा में संख्या 2024 के मुकाबले कम हुई है। वहीं, कुछ विधायकों के निधन और राजनीतिक पाला बदलने की वजह से बीजेपी और अन्य दलों के आंकड़ों में भी बदलाव आया है। इन बदलावों के कारण इस बार राज्यसभा चुनाव का गणित 2024 से अलग है।
सपा के लिए दो सीटों का गणित अपेक्षाकृत स्पष्ट है, लेकिन तीसरी सीट के लिए उसे अतिरिक्त समर्थन जुटाना होगा। ऐसे में 10वीं सीट पर उम्मीदवार उतारने का अंतिम फैसला और उसके बाद समर्थन जुटाने की रणनीति अहम होगी।
### 16 अक्टूबर को होगा मतदान
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होगा। नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है और नाम वापसी की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर निर्धारित की गई है। मतदान और मतगणना एक ही दिन होगी।
अब नजर इस बात पर है कि बीजेपी और सपा किन उम्मीदवारों को मैदान में उतारती हैं और क्या सपा तीसरी सीट के लिए भी दावा पेश करती है। इसके साथ ही छोटे दलों और अन्य विधायकों का रुख सामने आने के बाद राज्यसभा चुनाव का अंतिम गणित और स्पष्ट होगा।



