मां स्कंदमाता की आराधना के बाद CM योगी का विपक्ष पर हमला, महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण पर गिनाईं उपलब्धियां
नवरात्रि के पांचवें दिन सीएम योगी आदित्यनाथ ने मां स्कंदमाता की पूजा-अर्चना कर महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और सशक्तिकरण के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा।

# मां स्कंदमाता की आराधना के बाद सीएम योगी का विपक्ष पर हमला, महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण पर गिनाईं उपलब्धियां
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की आराधना की। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और सशक्तिकरण को लेकर अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। साथ ही, उन्होंने पिछली सरकारों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए विपक्ष पर निशाना साधा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता किसी भी समाज के विकास के महत्वपूर्ण आधार हैं। सरकार महिलाओं को सुरक्षित वातावरण देने के साथ-साथ उन्हें शिक्षा, रोजगार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
## 2017 से पहले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल
सीएम योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति अच्छी नहीं थी। अस्पतालों में सुविधाओं की कमी, दवाओं की अनुपलब्धता और कमजोर स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
उन्होंने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को समय पर उपचार, स्वास्थ्य सेवाएं और जरूरी सुविधाएं मिलना बेहद महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को महिलाओं के जीवन और परिवारों की सुरक्षा से जोड़ते हुए अपनी सरकार के प्रयासों का उल्लेख किया। हालांकि, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर से संबंधित विभिन्न दावों का आकलन आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर किया जाना जरूरी है।
## महिला सुरक्षा को लेकर सरकार का दावा
महिला सुरक्षा के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2016 के बाद महिला पुलिसकर्मियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 44 हजार के पार पहुंच चुकी है।
सीएम योगी के मुताबिक, पुलिस बल में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से महिला सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिली है। महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती से महिलाओं को अपनी शिकायतें दर्ज कराने और पुलिस से सहायता प्राप्त करने में भी सहूलियत मिल सकती है।
उन्होंने महिला सुरक्षा को सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए कहा कि महिलाओं को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी व्यवस्था जरूरी है।
## महिला सशक्तिकरण पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण को सामाजिक और आर्थिक विकास से जोड़ते हुए कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलने चाहिए। शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता महिलाओं की स्थिति मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने सरकार की नीतियों और योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही। नवरात्र के अवसर पर मां स्कंदमाता की आराधना के साथ महिला सम्मान और सशक्तिकरण का संदेश भी राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बना।
## यूपी की राजनीति में महिला सुरक्षा का मुद्दा अहम
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और कल्याणकारी योजनाएं राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मुद्दे बने हुए हैं। सत्तारूढ़ बीजेपी इन क्षेत्रों में अपने कार्यों को उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है, जबकि विपक्ष सरकार के दावों और जमीनी स्थिति पर सवाल उठा सकता है।
सीएम योगी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब प्रदेश में चुनावी तैयारियों और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर धीरे-धीरे तेज हो रहा है। महिला मतदाताओं की भूमिका को देखते हुए सुरक्षा और कल्याण से जुड़े मुद्दे आने वाले समय में भी चर्चा के केंद्र में रह सकते हैं।
फिलहाल, मुख्यमंत्री के संदेश का मुख्य केंद्र महिलाओं की सुरक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और सशक्तिकरण रहा। वहीं, वर्ष 2017 से पहले की व्यवस्था को लेकर उनके आरोपों ने प्रदेश की राजनीति में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बहस को फिर से तेज करने के संकेत दिए हैं।



