भाजपा मैं सक्रिय कार्यकर्ता होने के बावजूद ग्राम कृष्णगढ़ में हुई भ्रष्टाचार की शिकायत करने के बाद भी नहीं हुई कोई कार्यवाही कार्यवाही न होने पर नाराज़ जनपद सदस्य ने दिया इस्तीफा*
*भाजपा मैं सक्रिय कार्यकर्ता होने के बावजूद ग्राम कृष्णगढ़ में हुई भ्रष्टाचार की शिकायत करने के बाद भी नहीं हुई कोई कार्यवाही कार्यवाही न होने पर नाराज़ जनपद सदस्य ने दिया इस्तीफा*
*वार्ड क्रमांक 18 से जनपद सदस्य कमलेश तिवारी ने ग्राम पंचायत कृष्णगढ़ में भ्रष्टाचार के लगाए गंभीर आरोप*
*रिपोर्टर – एम पी सी जी Sky इंडिया टीवी से एमपी हेड मोहम्मद शमीम अहमद खान की रिपोर्ट*
एंकर –
पन्ना जिले की पवई तहसील अंतर्गत वार्ड क्रमांक 18 से जनपद सदस्य पद पर निर्वाचित भाजपा नेता ने पार्टी और प्रशासन से नाराज होकर अपना इस्तीफा जनपद पंचायत पवई के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को सौंप दिया। इस्तीफे में उन्होंने ग्राम पंचायत कृष्णगढ़ में लगातार हो रहे भ्रष्टाचार, प्रशासनिक लापरवाही और जनहित की अनदेखी को मुख्य कारण बताया है।
जनपद सदस्य ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत कृष्णगढ़ में कई वर्षों से गंभीर अनियमिताएं चल रही हैं। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया के माध्यम से लगातार भ्रष्टाचार की खबरें प्रकाशित होती रही हैं तथा उनके द्वारा भी कई बार लिखित शिकायतें की गईं, लेकिन शासन-प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
उन्होंने कहा कि सरपंच और सचिव पर गंभीर आरोप सिद्ध होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। पंचायत संचालन में भारी लापरवाही बरती जा रही है और शासन की राशि का मनमाने तरीके से उपयोग किया जा रहा है, जिससे आम जनता और हितग्राहियों में भारी असंतोष व्याप्त है।
अपने इस्तीफे में जनपद सदस्य ने कई महत्वपूर्ण बिंदु उठाए हैं। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत मे निर्मित 16 दुकानों में से कई पिछले चार वर्षों से बंद पड़ी हैं, जिससे पंचायत को प्रतिमाह लगभग 30 हजार रुपये का नुकसान हो रहा है।
गांव के बस स्टैंड, स्कूल परिसर और सार्वजनिक स्थान पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले एक वर्ष से ग्राम रोजगार सहायक की नियुक्ति नहीं होने के कारण मनरेगा के कार्य निजी व्यक्तियों से कराए जा रहे हैं, जिससे लाखों रुपये के भ्रष्टाचार की आशंका है। साथ ही, सचिव की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए जनपद पंचायत द्वारा प्रस्ताव पारित होने के बावजूद आज तक कार्रवाई नहीं की गई।
जनपद सदस्य ने यह भी कहा कि उनके द्वारा जिला पंचायत सीईओ को दिए गए शिकायत पत्रों और जांच आवेदनों पर अब तक सुनवाई नहीं हुई है। वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में कराए गए मनरेगा कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए उन्होंने लगभग एक करोड़ रुपये के गबन की आशंका जताई है।
उन्होंने पूर्व में बनाए गए नाली निर्माण कार्य को अनुपयोगी बताते हुए शासन की राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाया। साथ ही पुराने स्कूल भवनों को गिराने के बाद निकली लाखों रुपये कीमत की सामग्री के गायब होने और बिना नीलामी प्रक्रिया के उपयोग किए जाने पर भी सवाल उठाए।
इस्तीफे में यह भी उल्लेख किया गया कि ग्राम पंचायत में बिना ग्राम सभा और पंचायत बैठक के ही विकास कार्यों में शासन की राशि खर्च की जा रही है। जनपद सदस्य ने आरोप लगाया कि सरपंच और सचिव दबंगई के साथ मनमाने तरीके से कार्य कर रहे हैं।
गंगासागर मोहल्ले में लगभग 400 लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। वहां न तो हैंडपंप है और न ही कुआं, जिसके कारण ग्रामीणों को करीब एक किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता है।
इसके अलावा गांव में बिना ग्राम सभा प्रस्ताव के नई शराब दुकान खोले जाने का भी विरोध किया गया। जनपद सदस्य ने कहा कि लगातार मुद्दे उठाने और शिकायतें करने के बावजूद अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे जनता का विश्वास कमजोर हो रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्षों तक भाजपा में कार्य करने के बावजूद पार्टी और प्रशासन ने उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया। इसी कारण मजबूर होकर उन्होंने अपना इस्तीफा सौंपने का निर्णय लिया।
