पीलीभीत में केले के खेत की रखवाली कर रहे किसान पर बाघ का हमला, मौत के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम की
60 वर्षीय किसान मुंशी प्रसाद की बाघ के हमले में मौत, घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने मुआवजे और बाघ को पकड़ने की मांग को लेकर रामनगर तिराहे पर लगाया जाम

# पीलीभीत में केले के खेत की रखवाली कर रहे किसान पर बाघ का हमला, मौत के बाद ग्रामीणों ने किया सड़क जाम
**पीलीभीत, 29 अगस्त 2026।** उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में जंगली जानवर के हमले में 60 वर्षीय किसान की मौत हो गई। घटना के बाद आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। किसान की मौत से नाराज ग्रामीणों ने सड़क पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने के साथ-साथ इलाके में घूम रहे बाघ को पकड़ने की मांग की।
## केले के खेत की रखवाली के दौरान हुआ हमला
पुलिस के मुताबिक, शांतिनगर गांव निवासी **मुंशी प्रसाद** मंगलवार रात करीब 8 बजे अपने केले के खेत की रखवाली कर रहे थे। इसी दौरान एक जंगली जानवर ने उन पर हमला कर दिया। हमले में किसान गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उन्हें बचाने की कोशिश की।
बताया जा रहा है कि हमले के बाद किसान की हालत गंभीर थी। बाद में उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी फैलते ही आसपास के इलाकों में भी भय का माहौल बन गया।
## ग्रामीणों ने बाघ और तेंदुए की गतिविधियों का लगाया आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से बाघ और तेंदुए की गतिविधियां देखी जा रही हैं। लोगों के मुताबिक, जंगली जानवरों की मौजूदगी के कारण किसान और ग्रामीण खेतों में जाने से भी डरने लगे हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में जंगली जानवरों की गतिविधियों की जानकारी कई बार वन विभाग को दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते वन विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई की जाती तो इस तरह की घटना को रोका जा सकता था।
## किसान की मौत से भड़का ग्रामीणों का गुस्सा
मुंशी प्रसाद की मौत की खबर मिलने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए ग्रामीणों ने किसान के शव को **रामनगर तिराहे** पर रखकर सड़क जाम कर दी। प्रदर्शन के कारण सड़क पर यातायात प्रभावित हुआ और मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए।
ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग रखी। इसके अलावा लोगों ने इलाके में लगातार दिखाई दे रहे बाघ और अन्य जंगली जानवरों को पकड़ने के लिए तत्काल अभियान चलाने की मांग की।
## वन विभाग से कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में लगातार जंगली जानवरों की मौजूदगी से लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। खासकर खेतों में काम करने वाले किसानों को बाघ और तेंदुए का डर बना हुआ है।
लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने, जंगली जानवरों की गतिविधियों पर नजर रखने और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
किसान की मौत के बाद अब प्रशासन और वन विभाग के सामने ग्रामीणों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने की चुनौती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक इलाके में घूम रहे जंगली जानवरों को पकड़ा नहीं जाता, तब तक ग्रामीणों में डर बना रहेगा।

