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*पन्ना जिले में राजश्री की कीमत में लगी आग, शौकीनों की पॉकेट पर डाका*

*पन्ना जिले में राजश्री की कीमत में लगी आग, शौकीनों की पॉकेट पर डाका*

*नापतोल विभाग की मिली भगत से डीलर हुए बेखौफ, मनमाने दामों पर बेचा जा रहा राजश्री गुटखा*

*थोक व्यापारियों को फुटकर दुकानदार को यह कहते हुए सुना गया कि जहां शिकायत करना है कर दो हमारा कुछ नहीं बिगड़ेगा हमारी हर जगह सेटिंग है*

*रिपोर्टर – एम पी सी जी Sky इंडिया टीवी से एमपी हेड मोहम्मद शमीम अहमद खान की रिपोर्ट*

पन्ना जिले मे राजश्री गुटखा की सप्लाई और कीमतों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पवई, अमानगंज, गुनौर, अजयगढ़ सहित पन्ना जिले के अन्य तहसीलों में एवं क्षेत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार प्रिंट रेट से अधिक कीमत पर माल बेचे जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
फुटकर दुकानदारों का आरोप है कि ₹10 का पाउच ₹15 में, ₹20 का ₹25 में और ₹40 का पाउच ₹45 या उससे अधिक में बेचना उनकी मजबूरी बना दी गई है। उनका कहना है कि खुदरा मूल ₹33 है उसके बाद भी पहले ही प्रिंट रेट से ज्यादा बेची जा रही थी अब और ज्यादा रेट बढ़ जाने से छोटे दुकानदारों को डीलरों द्वारा ऊंचे दाम पर माल थमा रहे हैं और विरोध करने पर साफ शब्दों में कह देते हैं—“जहां शिकायत करनी है कर दो।”
कई दुकानदारों ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर दावा किया है कि यह पूरा खेल सप्लाई चेन के ऊपरी स्तर से संचालित होता है और कृत्रिम कमी पैदा कर बाजार में रेट बढ़वाए जाते हैं। इस संबंध में नापतोल विभाग पन्ना की मिली भगत स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है क्योंकि राजश्री गुटखा में जिस तरह से आग लगी है वह सीधे तौर पर गुटखा के शौकीनों के पॉकेट पर खुले रूप से डाका डाला जा रहा है

*उठते सवाल*

क्या प्रिंट रेट से ऊपर बिक्री पर ठोस कार्रवाई होगी?
क्या थोक गोदामों की जांच की जाएगी?
क्या सप्लाई चेन और कंपनी की भूमिका की निष्पक्ष जांच होगी?
उपभोक्ताओं को राहत कब मिलेगी?
फिलहाल थोक व्यापारी कथित रूप से लाभ में हैं, फुटकर दुकानदार दबाव में हैं और उपभोक्ता अधिक कीमत चुका रहे हैं। अब निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।
*मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संगठन देगा ज्ञापन*
उपरोक्त नापतोल विभाग एवं डीलरों की मिली भगत से तथाकथित लूट के विरोध में मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ पन्ना जिला इकाई मुख्यमंत्री के नाम पन्ना कलेक्टर को विज्ञापन सोपा जाएगा क्योंकि पन्ना जिले में न केवल गुटखा का कालाबाजारी का बाजार गर्म है बल्कि नकली 717 बीड़ी भी खुले रूप से बाजारों में दी जा रही है जिसके लिए खाद्य अधिकारी भी अपनी आंखों में पट्टी लगाए हुए देखना यह है कि प्रशासन इस दिशा में क्या कर रहा है

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