नेपाल PM बालेन्द्र शाह की पहली भारत यात्रा नवंबर में, PM मोदी से मुलाकात में रेल-ऊर्जा समेत इन मुद्दों पर चर्चा
नेपाल के PM बालेन्द्र शाह की नवंबर में पहली भारत यात्रा प्रस्तावित, कनेक्टिविटी और ऊर्जा समेत कई मुद्दों पर होगी चर्चा

# नेपाल PM बालेन्द्र शाह की पहली भारत यात्रा नवंबर में, रेल-ऊर्जा समेत कई मुद्दों पर होगी चर्चा
**नई दिल्ली:** नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह की भारत यात्रा की तैयारियां तेज हो गई हैं। भारत और नेपाल के अधिकारी नवंबर के दूसरे हिस्से में उनकी प्रस्तावित द्विपक्षीय यात्रा की तारीखों पर काम कर रहे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, यह बालेन्द्र शाह की प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली औपचारिक द्विपक्षीय विदेश यात्रा होगी।
शाह ने पहले अपने कार्यकाल के शुरुआती एक साल में विदेश यात्रा नहीं करने की बात कही थी, लेकिन नेपाल में हालिया बाढ़ से हुए बड़े नुकसान और भारत के साथ आर्थिक एवं मानवीय सहयोग को देखते हुए अब भारत दौरे की तैयारी आगे बढ़ी है। नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले की हालिया भारत यात्रा को भी इस प्रस्तावित दौरे की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
## कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर रहेगा फोकस
बालेन्द्र शाह के भारत दौरे के एजेंडे में सीमा पार कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर अहम मुद्दे हो सकते हैं। भारत और नेपाल के बीच रेल संपर्क, सड़क नेटवर्क और ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर को आगे बढ़ाने पर चर्चा की संभावना है। दोनों देशों ने हाल के वर्षों में सीमा पार संपर्क परियोजनाओं को बढ़ाने पर जोर दिया है।
रक्सौल-काठमांडू रेल लिंक भी संभावित एजेंडे में महत्वपूर्ण परियोजना हो सकती है। इसके अलावा दोनों देशों के बीच पहले से संचालित सीमा पार रेल सेवाओं और इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट जैसी व्यवस्थाओं को और मजबूत करने पर भी चर्चा हो सकती है।
## ऊर्जा सहयोग भी अहम मुद्दा
भारत और नेपाल के रिश्तों में बिजली और जलविद्युत सहयोग लगातार महत्वपूर्ण रहा है। नेपाल अपनी विशाल जलविद्युत क्षमता का इस्तेमाल बढ़ाने और बिजली के निर्यात को विस्तार देने की दिशा में काम कर रहा है।
नेपाल ने अगले वर्षों में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बड़े स्तर पर बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। भारत के साथ बिजली व्यापार, नई जलविद्युत परियोजनाओं और सीमा पार ट्रांसमिशन लाइनों पर सहयोग इस दौरे के प्रमुख मुद्दों में शामिल हो सकता है।
नेपाल और भारत के बीच 2022 में बिजली क्षेत्र में सहयोग को लेकर संयुक्त विजन डॉक्यूमेंट पर सहमति बनी थी। इसमें जलविद्युत परियोजनाओं, सीमा पार ट्रांसमिशन लाइनों, बिजली व्यापार और दोनों देशों के ग्रिड के समन्वित संचालन जैसे विषय शामिल हैं।
## पश्चिम सेती और सेती नदी-6 परियोजनाओं पर नजर
नेपाल की जलविद्युत क्षमता को देखते हुए पश्चिम सेती और सेती नदी-6 जैसी परियोजनाएं भी भारत-नेपाल ऊर्जा सहयोग के संदर्भ में महत्वपूर्ण हैं। नेपाल को अपनी ऊर्जा परियोजनाओं के लिए निवेश और बाजार की जरूरत है, जबकि भारत सीमा पार बिजली व्यापार को बढ़ाने में रुचि रखता है।
हालिया बातचीत में नेपाल ने भारत से ऊर्जा क्षेत्र में निवेश और सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई है। नेपाल का लक्ष्य आने वाले वर्षों में अपनी स्वच्छ ऊर्जा क्षमता को बड़े स्तर पर बढ़ाना है।
## बाढ़ के बाद पुनर्निर्माण पर भी होगी चर्चा
26 अगस्त 2026 को नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद पुनर्निर्माण और राहत भी भारत-नेपाल बातचीत का अहम हिस्सा बन सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाढ़ के बाद बालेन्द्र शाह से फोन पर बात कर संवेदना व्यक्त की थी और भारत की ओर से मानवीय सहायता का भरोसा दिया था।
नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले की भारत यात्रा के दौरान भी बाढ़ से हुए नुकसान, आर्थिक पुनर्बहाली और पुनर्निर्माण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई थी। नेपाल को बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के नुकसान के बाद पुनर्निर्माण के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत है।
## व्यापार समझौते में बदलाव पर भी बातचीत
भारत और नेपाल के बीच व्यापार संबंध भी प्रस्तावित दौरे के एजेंडे में रह सकते हैं। दोनों पक्ष मौजूदा व्यापार संधि को व्यापक बनाने पर चर्चा कर रहे हैं। इसमें सेवाओं, निवेश संरक्षण, मुनाफे की वापसी और औद्योगिक पुर्जों की आवाजाही जैसे विषय शामिल किए जाने की संभावना है।
भारत नेपाल का सबसे बड़ा व्यापारिक और निवेश साझेदार है। वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार करीब 9.38 अरब डॉलर रहा, जो नेपाल के कुल बाहरी वस्तु व्यापार का 60 प्रतिशत से अधिक था।
## भारत ने पहले ही भेजा था आधिकारिक निमंत्रण
भारत ने जुलाई 2026 में बालेन्द्र शाह को आधिकारिक भारत यात्रा के लिए निमंत्रण दिए जाने की पुष्टि की थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि नेपाल के प्रधानमंत्री को भारत आने का निमंत्रण दिया गया है।
अब दोनों देशों के बीच नवंबर में संभावित यात्रा को लेकर तैयारियां चल रही हैं। हालांकि, यात्रा की अंतिम तारीख और विस्तृत कार्यक्रम को आधिकारिक रूप से घोषित किया जाना बाकी है।
## भारत-नेपाल संबंधों के लिए अहम दौरा
बालेन्द्र शाह की प्रस्तावित भारत यात्रा ऐसे समय हो रही है जब नेपाल नई सरकार के तहत आर्थिक विकास, ऊर्जा उत्पादन और बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता दे रहा है। दूसरी ओर, भारत पड़ोसी देशों के साथ कनेक्टिविटी, ऊर्जा और व्यापार सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दे रहा है।
ऐसे में शाह की पहली औपचारिक द्विपक्षीय भारत यात्रा में **कनेक्टिविटी, जलविद्युत, बिजली व्यापार, निवेश, व्यापार समझौता और बाढ़ के बाद पुनर्निर्माण** जैसे मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है। यात्रा का अंतिम कार्यक्रम और आधिकारिक एजेंडा दोनों सरकारों की ओर से जारी होने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगा।



