नारायणपुर के बालक क्रीड़ा परिसर से जुड़ा एक बड़ा और गंभीर मामला
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लोकेशन: नारायणपुर
ब्यूरो: गणेश वैष्णव
जिला: नारायणपुर
एंकर इंट्रो:
नारायणपुर के बालक क्रीड़ा परिसर से जुड़ा एक बड़ा और गंभीर मामला सामने आया है। आम आदमी पार्टी ने परिसर के नव नियुक्त अधीक्षक पर बच्चों के साथ तानाशाही और मनमानी का आरोप लगाते हुए तत्काल हटाने की मांग की है।
आम आदमी पार्टी के बस्तर लोकसभा अध्यक्ष नरेन्द्र नाग ने जारी कर बालक क्रीड़ा परिसर नारायणपुर के अधीक्षक पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
नाग का कहना है कि शीतकालीन अवकाश के नाम पर बच्चों को जबरन घर भेजा गया, परिसर में ताला लगाने की धमकी दी गई और खेल प्रतिभाओं पर मानसिक दबाव बनाया गया, जो पूरी तरह गैर-जिम्मेदाराना और तानाशाही रवैया है।
नरेन्द्र नाग ने सवाल उठाया कि जब छत्तीसगढ़ सरकार स्वयं सांसद खेल महोत्सव का आयोजन कर रही है और इसी परिसर के बच्चे उसमें हिस्सा ले रहे हैं, तो ऐसे समय में बच्चों को परिसर खाली कराने का फैसला किस नियम के तहत लिया गया?
आप नेता ने कहा कि बालक क्रीड़ा परिसर कोई निजी जागीर नहीं, बल्कि आदिवासी और गरीब बच्चों के खेल भविष्य को संवारने का शासकीय केंद्र है।
परिसर के कर्मचारियों ने स्वयं स्पष्ट किया है कि बच्चे यहां 12 महीने रहकर प्रशिक्षण ले सकते हैं, इसके बावजूद अधीक्षक द्वारा लिया गया फैसला नियमों के खिलाफ और बच्चों के हितों के विरुद्ध है।
आम आदमी पार्टी ने इस पूरे घटनाक्रम की कड़ी निंदा करते हुए चार प्रमुख मांगें रखी हैं—
अधीक्षक को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए
बच्चों को तुरंत परिसर में वापस बुलाया जाए
पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो
भविष्य में बच्चों के साथ ऐसी मनमानी पर पूर्ण रोक लगे
नरेन्द्र नाग ने चेतावनी दी है कि यदि बच्चों के भविष्य से इस तरह का खिलवाड़ बंद नहीं हुआ, तो आम आदमी पार्टी सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होगी।
वीओ/ग्राउंड लाइन:
मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है और राजनीतिक दबाव बढ़ने के साथ प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।