दिव्या मित्तल की राजनीति में एंट्री पर ओमप्रकाश राजभर का तंज, बोले- IAS बनना आसान, विधायक बनना मुश्किल
पूर्व IAS दिव्या मित्तल के राजनीति में आने के ऐलान पर ओमप्रकाश राजभर की प्रतिक्रिया, बोले- IAS बनना आसान लेकिन विधायक बनना मुश्किल

### दिव्या मित्तल की राजनीति में एंट्री पर ओमप्रकाश राजभर का तंज, बोले- IAS बनना आसान, विधायक बनना मुश्किल
**लखनऊ:** उत्तर प्रदेश कैडर की पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल के राजनीति में आने के ऐलान के बाद प्रदेश की सियासत में इस पर प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। यूपी सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने दिव्या मित्तल के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि IAS बनना आसान है, लेकिन विधायक बनना आसान नहीं है। उन्होंने विपक्षी दलों पर भी टिप्पणी की।
दिव्या मित्तल ने 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद अगस्त 2026 में इस्तीफा दिया था। उनका इस्तीफा 15 सितंबर से प्रभावी हुआ। इसके बाद उन्होंने 29 सितंबर को राजनीति में आने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि वह किसी राजनीतिक दल के साथ जुड़ने के बजाय आम लोगों के साथ मिलकर एक स्वतंत्र राजनीतिक मंच तैयार करेंगी।
### ओमप्रकाश राजभर ने क्या कहा?
दिव्या मित्तल के राजनीति में आने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए ओमप्रकाश राजभर ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने ‘इंडिया’ ब्लॉक को लेकर कहा कि उसमें ‘दगे कारतूस’ हैं। राजभर ने यह भी कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी अगर सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ लें, तब भी उनके लिए चुनावी नतीजे आसान नहीं होंगे। ये राजभर की राजनीतिक टिप्पणी है, जिसे इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
राजभर ने दिव्या मित्तल के प्रशासनिक अनुभव और राजनीति के बीच अंतर का जिक्र करते हुए कहा कि चुनावी राजनीति में विधायक बनना अलग तरह की चुनौती है। उनके बयान के बाद दिव्या मित्तल की राजनीतिक एंट्री को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।
### दिव्या मित्तल ने क्यों छोड़ी IAS की नौकरी?
दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त 2026 को IAS से इस्तीफा देने की जानकारी सार्वजनिक की थी। उन्होंने अपने इस्तीफे को व्यक्तिगत कारणों, पारिवारिक प्राथमिकताओं और जीवन के नए लक्ष्यों से जोड़ा था। करीब 13 साल की सेवा के बाद उन्होंने प्रशासनिक करियर को विराम दिया।
दिव्या मित्तल 2013 बैच की यूपी कैडर की IAS अधिकारी थीं। उन्होंने संत कबीरनगर, मिर्जापुर और देवरिया की जिलाधिकारी के रूप में काम किया। मई 2026 में उन्हें देवरिया के जिलाधिकारी पद से हटाकर राजस्व विभाग में विशेष सचिव बनाया गया था। इसी पद पर रहते हुए उन्होंने इस्तीफा दिया।
### अब किसी पार्टी के साथ नहीं जाएंगी
राजनीति में आने का ऐलान करते हुए दिव्या मित्तल ने कहा है कि वह फिलहाल किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगी। उनका कहना है कि वह आम लोगों के साथ मिलकर ऐसा मंच बनाना चाहती हैं, जिसमें जनता की समस्याओं और उनके समाधान को प्राथमिकता मिले। उन्होंने राजनीति में इरादे, न्याय, संवेदनशीलता और दूरदर्शिता जैसे मुद्दों को महत्व देने की बात कही है।
उन्होंने अपने प्रशासनिक अनुभवों का जिक्र करते हुए बताया कि कई बार सरकारी योजनाओं और मंजूरियों के बावजूद जमीन पर काम पूरा नहीं हो पाता। एक भूमिहीन परिवार से जुड़े अनुभव का उल्लेख करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि जब नियम, पैसा और मंजूरी मौजूद हों, तो किसी जरूरी परियोजना का काम वर्षों तक क्यों अटका रहता है।
### शिक्षा और विदेश की नौकरी से IAS तक का सफर
दिव्या मित्तल ने IIT दिल्ली से पढ़ाई की और इसके बाद IIM बेंगलुरु से MBA किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने लंदन में नौकरी की, लेकिन बाद में भारत लौटकर UPSC की तैयारी की और IAS बनीं। उनके प्रशासनिक करियर का बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश में रहा।
अब प्रशासनिक सेवा के बाद उन्होंने राजनीति को अपना अगला क्षेत्र चुना है। हालांकि उन्होंने किसी राजनीतिक दल से जुड़ने के बजाय स्वतंत्र मंच के जरिए काम करने की बात कही है। आने वाले समय में उनके मंच का स्वरूप, संगठन और चुनावी भूमिका किस तरह सामने आती है, इस पर नजर रहेगी।



