दिल्ली एयरपोर्ट पर SpiceJet की 5 फ्लाइट लेट, 500 से ज्यादा यात्री प्रभावित
दिल्ली एयरपोर्ट से स्पाइसजेट की चार घरेलू और एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान में देरी हुई, जिससे 500 से ज्यादा यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। एयरलाइन ने देरी की वजह परिचालन संबंधी कारण बताई है।

दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर शनिवार सुबह स्पाइसजेट की कई उड़ानों में परिचालन संबंधी दिक्कत के चलते देरी हुई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक दिल्ली से रवाना होने वाली चार घरेलू और एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान प्रभावित हुईं, जिससे 500 से ज्यादा यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दिल्ली एयरपोर्ट ने भी कुछ स्पाइसजेट उड़ानों में परिचालन संबंधी व्यवधान की पुष्टि करते हुए कहा कि यात्रियों की सहायता के लिए एयरलाइन और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, रात करीब 2:30 बजे IGI एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर लेह जाने वाली उड़ानों के यात्रियों का चेक-इन शुरू होना था। इसके लिए स्पाइसजेट का चेक-इन स्टाफ भी पहुंचा, लेकिन परिचालन संबंधी समस्या के कारण यात्रियों को अपनी उड़ानों के लिए इंतजार करना पड़ा।
प्रभावित उड़ानों में दिल्ली से लेह जाने वाली SG121 और SG127 तथा दिल्ली से जम्मू जाने वाली SG2160 शामिल थीं। उपलब्ध फ्लाइट ट्रैकिंग जानकारी के अनुसार SG127 को निर्धारित समय से करीब चार घंटे की देरी से रवाना किया गया।
स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने कहा कि SG121, SG127 और SG2160 उड़ानें परिचालन कारणों से देरी से चलीं। एयरलाइन ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद जताया और कहा कि यात्रियों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
दिल्ली एयरपोर्ट की ओर से भी यात्रियों को आश्वस्त किया गया कि उसकी टीमें स्पाइसजेट और अन्य संबंधित पक्षों के साथ मिलकर स्थिति को संभाल रही हैं। एयरपोर्ट प्रशासन ने परिचालन व्यवधान के कारण यात्रियों को हुई परेशानी पर खेद जताया है।
सुबह के समय उड़ानों में हुई देरी के कारण यात्रियों को एयरपोर्ट पर लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। खास तौर पर लेह और जम्मू जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। फ्लाइट शेड्यूल और वास्तविक प्रस्थान समय में बदलाव की स्थिति में यात्रियों को एयरलाइन तथा एयरपोर्ट से ताजा जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
स्पाइसजेट की ओर से देरी को तकनीकी खराबी के बजाय परिचालन संबंधी कारणों से जोड़ा गया है। हालांकि, प्रभावित यात्रियों की संख्या और सभी उड़ानों के वास्तविक देरी समय में आगे बदलाव संभव है।



