सपा नेताओं ने पुलिस पर लगाया मारपीट का आरोप, जांच के आदेश
ललिता गौतम हत्याकांड के प्रदर्शन मामले में आरोपी दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया, एसएसपी ने मामले की जांच के निर्देश दिए

# Meerut News: सपा नेताओं ने पुलिस पर लगाया बर्बरता का आरोप, SSP अविनाश पांडेय हटाए गए
**मेरठ।** उत्तर प्रदेश के मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर हुए प्रदर्शन से जुड़े मामले में नया विवाद सामने आया है। किसान और समाजवादी पार्टी से जुड़े नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव ने पुलिस हिरासत में अपने साथ कथित मारपीट और बर्बरता के गंभीर आरोप लगाए हैं। दोनों नेताओं को मामले में जमानत मिलने के बाद पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया था। इसी दौरान उनके साथ कथित तौर पर मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया।
मामले में दिग्विजय भाटी की आंख पर गंभीर चोट और सूजन के निशान सामने आने के बाद विवाद और बढ़ गया। आरोप है कि उनके साथ मेरठ के तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय के चैंबर और बाद में एसओजी कार्यालय में मारपीट की गई। पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए अलग पक्ष रखा है।
## SSP के चैंबर में मारपीट का आरोप
दिग्विजय भाटी का आरोप है कि उन्हें और मोहित जाटव को जमानत के बाद बातचीत के लिए बुलाया गया था। भाटी के मुताबिक, एसएसपी के चैंबर में उनके साथ गाली-गलौज की गई और करीब डेढ़ घंटे तक जूतों और लात-घूंसों से मारपीट की गई।
इसके बाद दोनों को एसओजी के हवाले किए जाने का आरोप है। भाटी ने दावा किया कि एसओजी कार्यालय में इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ ने उनके साथ भी मारपीट की। आरोप के मुताबिक, उन्हें पैर बांधकर उल्टा लटकाया गया और तलवों, कमर तथा पीठ पर फट्टों और लाठियों से पीटा गया। हालांकि, ये सभी आरोप नेताओं की ओर से लगाए गए हैं और पुलिस ने इन्हें खारिज किया है।
## आंख पर चोट के निशान से बढ़ा विवाद
मुलाकात के दौरान दिग्विजय भाटी की आंख पर भारी सूजन और चोट के निशान दिखाई देने की बात सामने आई। इसके बाद घटना को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी प्रतिक्रिया शुरू हो गई।
मामले में पुलिस का पक्ष अलग है। पुलिस के अनुसार, दोनों को लगी चोट हिरासत में मारपीट के कारण नहीं बल्कि घर जाते समय स्कूटी फिसलने से आई थी। पुलिस ने यह भी कहा कि आरोपियों में से एक हिस्ट्रीशीटर है।
## विवाद के बाद SSP अविनाश पांडेय हटाए गए
घटना को लेकर बढ़े विवाद के बीच मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय को उनके पद से हटा दिया गया। उन्हें लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है। एसएसपी पर लगे आरोपों और उनके खिलाफ हुई कार्रवाई ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
हालांकि, एसएसपी को हटाया जाना अपने आप में आरोपों की पुष्टि नहीं करता। घटना को लेकर लगाए गए आरोपों और पुलिस के स्पष्टीकरण के बीच वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
## सपा और किसान नेताओं ने उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी ने इस पूरे घटनाक्रम को पुलिस की कथित बर्बरता बताया है। किसान नेताओं का दावा है कि दिग्विजय भाटी ललिता गौतम हत्याकांड के प्रदर्शन में शामिल भी नहीं थे, इसके बावजूद उन्हें आरोपी बनाया गया।
किसान नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पुलिस हिरासत में कथित बर्बरता पर सवाल उठाते हुए सरकार से दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
## जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
मेरठ का यह मामला अब पुलिस कार्रवाई, हिरासत में आरोपियों के साथ व्यवहार और पुलिस की जवाबदेही को लेकर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। एक तरफ दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव ने पुलिस अधिकारियों पर गंभीर मारपीट के आरोप लगाए हैं, वहीं पुलिस ने चोट लगने की वजह स्कूटी दुर्घटना बताई है।
ऐसे में पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण होगी, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि दोनों नेताओं को चोट कैसे लगी और पुलिस हिरासत के दौरान वास्तव में क्या हुआ।
