ग्राम पंचायत जुगरवारा में लाखों रुपए की वित्तीय धांधली का मामला।*

*जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जिले और जनपद के अधिकारियों को सौंपे ज्ञापन।*
*ग्राम रोजगार सहायक पर लंबे समय से वित्तीय धांधली और फर्जीवाड़ा करने के आरोप।*
*रिपोर्टर -एम पी सी जी Sky इंडिया टीवी से एमपी हेड मोहम्मद शमीम अहमद खान की रिपोर्ट*
*** जनपद पंचायत शाहनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत जुगरवारा के रोजगार सहायक पन्नालाल चौधरी पर मनमाने जॉबकार्ड और फर्जी मस्टर रोल के सहारे लाखों रुपए की धांधली किए जाने के आरोप सामने आए हैं। विभिन्न मामलों को लेकर हाल ही में ग्राम पंचायत के सरपंच और ग्रामीणों ने कलेक्टर, जिला पंचायत और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कार्यवाही किए जाने की मांग की है।
रोजगार सहायक द्वारा अपनी पत्नी के नाम से दो जॉबकार्ड और भाई के नाम के जॉबकार्ड जारी कर लिए गए जबकि शासकीय आदेश के तहत शासकीय कर्मचारी के परिजनों के जॉबकार्ड जारी होना अवैध है। मामला सामने आने के बाद रोजगार सहायक द्वारा कुछ समय पहले ही अपनी पत्नी और भाई के जॉबकार्ड पोर्टल से डिलीट कर दिए गए हैं। लेकिन उन्हीं जॉबकार्ड के सहारे 2021 से 2024 तक मनरेगा कार्यों से लगभग एक लाख रुपए का आहरण किया गया है। इतना ही नहीं ग्रामीणों के अनुसार रोजगार सहायक द्वारा अपने अन्य हितैषियों के लगभग एक दर्जन जॉब कार्ड के माध्यम से भी लाखों रुपए की मनरेगा राशि आहरित की गई है जबकि उन जॉब कार्डधारियों द्वारा कोई मजदूरी कार्य नहीं किया जाता है। रोजगार सहायक पर मनमाने तौर पर मस्टर रोल जारी करने और कार्यरत मजदूरों के स्थान पर दूसरे व्यक्तियों के नाम मस्टर चलाने के भी आरोप हैं जिस कारण कई श्रमिकों का भुगतान नहीं हो सका है। ज्ञापन के साथ धांधली से संबंधित दस्तावेज भी संलग्न किए गए हैं। ग्रामीणों ने पीएम आवास स्वीकृत होने पर रोजगार सहायक द्वारा अधिकारियों के नाम पर घूस लेने के आरोप भी लगाए हैं।
ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर किनकी सह पर रोजगार सहायक लंबे समय से बिना किसी भय के धांधली कर रहा है। साथ ही देखना होगा कि ऐसे आरोपों के बाद प्रशासन द्वारा किस तरह से कार्यवाही की जाएगी।