गुरु कृपा से महका गोटेगांव – जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज का वर्धापन महोत्सव शुभारंभ*
*गुरु कृपा से महका गोटेगांव – जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज का वर्धापन महोत्सव शुभारंभ
*‘रामा गौशाला’ का लोकार्पण, भजन संध्या में भावों की गंगा, हजारों गुरु भक्तों ने लिया आशीर्वाद*
गोटेगांव।
गोटेगांव की पावन धरती रविवार को अध्यात्म, भक्ति और सेवा के अद्भुत संगम की साक्षी बनी, जब परम पूज्य द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज का वर्धापन महोत्सव विधिवत रूप से प्रारंभ हुआ।
महोत्सव के प्रथम दिवस पर पूज्य महाराजश्री ने अपने पूज्य गुरुदेव ब्रह्मलीन जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज के भव्य तेल चित्र का पूजन-अर्चन एवं दीप प्रज्वलन कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके पश्चात गौ माता का पूजन करते हुए उन्होंने ‘रामा गौशाला’ (पूर्व में मणि दीप गौशाला) का लोकार्पण किया।
गौ सेवा को बताया धर्म, संस्कृति और करुणा का संगम
अपने आशीर्वचन में शंकराचार्य जी महाराज ने कहा— “गौ माता सम्पूर्ण
सृष्टि की जननी हैं
उनके अंग-अंग में
देवताओं का वास है
उन्हें प्रतिदिन एक
रोटी खिलाना भी
महान पुण्य है, जो
जीवन से संकटों को
हर लेता है और घर में
सुख-समृद्धि का वास
कराता है। गौ सेवा
केवल धार्मिक कर्तव्य
नहीं, बल्कि यह हमारे
संस्कार और मानवीय
संवेदना का परिचय
है।”
उन्होंने सभी को गौ पालन, गौशालाओं की देखरेख और गोचर भूमि संरक्षण का संकल्प दिलाया।
इस अवसर पर शंकराचार्य जी महाराज के निजी सचिव ब्रह्मचारी सुबुद्धानंद जी महाराज ब्रह्मचारी अचलानंद जी, ऑस्ट्रेलिया निवासी मंजुला राव विशेष रूप से उपस्थित रहे।
भजनों की मधुर लहरियों में डूबा जन-जन
दोपहर 1 बजे से सुप्रसिद्ध भजन गायिका संजो बघेल ने भक्ति की ऐसी अमृत धारा बहाई कि हजारों की भीड़ भाव-विभोर हो उठी। “गौ माता की जय”, “भारत माता की जय” और गुरु वंदना के जयकारों से पूरा परिसर गूंजता रहा।
अंत में पूज्य शंकराचार्य जी महाराज ने सभी गुरु भक्तों को शुभाशीष देते हुए कहा
“यह महोत्सव केवल
उत्सव नहीं, बल्कि
गुरु-शिष्य परंपरा,
सेवा और संस्कृति
को जीवंत रखने का
संकल्प है। गुरु भक्ति
में जुड़ा प्रत्येक क्षण
जीवन को पवित्र और
सार्थक बनाता है।”
गोटेगांव के लिए यह दिन आध्यात्मिक इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज हो गया।