*कन्नौज हादसे में शहीद हेड-कांस्टेबल अभिषेक को नम आंखों से दी अंतिम विदाई; छोटे भाई ने दी मुखाग्नि, वरिष्ठ अधिकारियों के न पहुंचने पर नाराजगी*
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*उपेंद्र सिंह ब्यूरो चीफ*
*असोथर /फतेहपुर*कन्नौज में पूर्व भाजपा सांसद सुब्रत पाठक के स्कॉर्ट वाहन हादसे में अपनी जान गंवाने वाले असोथर निवासी हेड कांस्टेबल अभिषेक त्रिपाठी का बुधवार सुबह अंतिम संस्कार कर दिया गया। सुबह लगभग 10:30 बजे नगर पंचायत असोथर स्थित उनके निज निवास के पास, खेतों में बने पूर्वजों के समाधि स्थल पर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हुई। उनके छोटे भाई आशीष त्रिपाठी ने बड़े भाई को मुखाग्नि दी। इस दौरान मौजूद परिजनों, रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों की आंखें नम रहीं।मंगलवार देर रात पहुंचा था पार्थिव शरीरअभिषेक त्रिपाठी के असामयिक निधन से पूरे असोथर कस्बे में शोक की लहर व्याप्त है। उनका पार्थिव शरीर मंगलवार देर रात लगभग 2 बजे कन्नौज से पुलिस की अभिरक्षा में असोथर लाया गया था। बुधवार सुबह अंतिम संस्कार के समय फतेहपुर जिला मुख्यालय से पुलिस की सलामी टीम पहुंची और दिवंगत हेड कांस्टेबल को गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी।सुरक्षा व व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनातअंतिम संस्कार की अवधि के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए असोथर थाना प्रभारी राजीव मिश्रा तथा जरौली चौकी प्रभारी राकेश शर्मा पुलिस टीम के साथ मौजूद रहे।
वरिष्ठ अधिकारियों के न पहुंचने पर जताई नाराजगीअंतिम यात्रा और अंतिम संस्कार के दौरान उपस्थित लोगों ने पुलिस विभाग के प्रति गहरी नाराजगी जताई। स्थानीय लोगों और परिजनों का कहना था कि अभिषेक त्रिपाठी ड्यूटी के दौरान हुए हादसे का शिकार हुए थे। ऐसे में पुलिस विभाग के किसी वरिष्ठ/सक्षम अधिकारी का अंतिम संस्कार में शामिल न होना अत्यंत दुखद है।परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़दिवंगत हेड कांस्टेबल अभिषेक त्रिपाठी अपने पीछे मां, पत्नी, चार वर्ष की मासूम बेटी और अन्य परिजनों को छोड़ गए हैं। उनके अचानक चले जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। स्थानीय लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। बहुत बड़ी खबर बनाओ
