आमेर किले की जीप सेवा शुरू होते ही बवाल, बाजार बंद कर सड़कों पर उतरे लोग
आमेर किले तक पर्यटकों को ले जाने वाली जीपों का संचालन दोबारा शुरू होते ही स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। बाजार बंद कर लोग सड़कों पर उतरे और जीप संचालन रोकने की मांग की।

### आमेर किले की जीप सेवा शुरू होते ही बवाल, बाजार बंद कर सड़कों पर उतरे लोग
जयपुर के ऐतिहासिक आमेर किले तक पर्यटकों को पहुंचाने वाली जीपों का संचालन दोबारा शुरू होते ही इलाके में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। स्थानीय लोगों ने जीप संचालन बंद करने की मांग को लेकर बाजार बंद कराया और सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग एकजुट नजर आए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आमेर में जीपों का संचालन शुरू होने से पहले सुरक्षा व्यवस्था और उससे जुड़े विवादों का समाधान किया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से जीप संचालन को लेकर स्पष्ट व्यवस्था बनाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की।
### मनीष सोनी की पत्नी ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
विरोध प्रदर्शन के बीच मनीष सोनी की पत्नी पूनम सोनी ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उनके पति के साथ जो घटना हुई, वैसी घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए प्रशासन से मामले में ठोस कदम उठाने की मांग की।
मनीष सोनी की घटना के बाद से ही आमेर में जीप संचालन को लेकर विवाद बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्यटकों की आवाजाही से जुड़े इस कारोबार में सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
### जीप संचालकों के परिवारों की अलग दलील
वहीं, जीप संचालकों के परिवारों का कहना है कि पिछले एक महीने से ज्यादा समय से जीपों का संचालन बंद था। इसके कारण कई परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया था। उनका कहना है कि जीप संचालन उनके लिए आय का मुख्य जरिया है और लंबे समय तक काम बंद रहने से आर्थिक परेशानी बढ़ गई।
जीप संचालक पक्ष का कहना है कि यदि संचालन की अनुमति दी गई है तो उन्हें काम करने का अवसर मिलना चाहिए। साथ ही सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन करने और प्रशासन की ओर से तय शर्तों के अनुसार जीप चलाने की व्यवस्था की जा सकती है।
### आमेर में अब आगे क्या होगा?
आमेर में जीप संचालन को लेकर स्थानीय लोगों और जीप संचालकों के बीच मतभेद सामने आ गए हैं। एक तरफ स्थानीय लोग सुरक्षा के सवालों को लेकर जीप संचालन रोकने की मांग कर रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ जीप संचालकों के परिवार लंबे समय तक काम बंद रहने के बाद दोबारा रोजगार शुरू होने की बात कह रहे हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आमेर किले तक पर्यटकों को ले जाने वाली जीपें आगे किन शर्तों के साथ चलेंगी। साथ ही सुरक्षा को लेकर स्थानीय लोगों की चिंताओं का समाधान किस तरह किया जाएगा। प्रशासन के सामने पर्यटकों की सुविधा, स्थानीय लोगों की सुरक्षा और जीप संचालकों की रोजी-रोटी के बीच संतुलन बनाने की चुनौती है।


