Flydubai अटैक में घायल भारतीय कैप्टन स्मित मछार की ऐसे बची जान, 45 मिनट तक डेंटिस्ट ने किया इलाज
Flydubai हमले में घायल भारतीय कैप्टन स्मित मछार को 45 मिनट तक बचाने की जद्दोजहद, डेंटिस्ट ने टी-शर्ट से रोका खून

**Flydubai अटैक में घायल भारतीय कैप्टन स्मित मछार की ऐसे बची जान, 45 मिनट तक डेंटिस्ट ने किया इलाज**
**नई दिल्ली।** दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai की फ्लाइट में हुए हमले के दौरान भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार की जान बचाने में एक यात्री और डेंटिस्ट डॉ. शोता मुसाएव की अहम भूमिका रही। हमले में गंभीर रूप से घायल कैप्टन मछार के सिर और बाएं हाथ से काफी खून बह रहा था। डॉ. मुसाएव ने करीब 45 मिनट तक उनके घावों पर दबाव बनाए रखा और उनकी हालत पर लगातार नजर रखी।
### सिर और हाथ से बह रहा था बहुत ज्यादा खून
इजरायल में रहने वाले जॉर्जियाई डेंटिस्ट डॉ. शोता मुसाएव भी Flydubai की इस फ्लाइट में यात्री के तौर पर सवार थे। विमान में अचानक अफरा-तफरी मचने और मदद के लिए आवाज सुनने के बाद वह आगे पहुंचे। वहां उन्होंने कैप्टन स्मित मछार को गंभीर रूप से घायल अवस्था में देखा।
डॉ. मुसाएव के मुताबिक, कैप्टन के सिर और बाएं हाथ में गहरे घाव थे और काफी तेजी से खून बह रहा था। उन्होंने घावों को दबाने के लिए टी-शर्ट का इस्तेमाल किया, लेकिन खून बहना जारी रहा। इसके बाद उन्होंने फ्लाइट स्टाफ से बर्फ मंगवाई और टी-शर्ट तथा आइस पैक की मदद से रक्तस्राव को नियंत्रित करने की कोशिश की।
### ‘सोना मत, हमें आपकी जरूरत है’
कैप्टन मछार को होश में बनाए रखने के लिए डॉ. मुसाएव लगातार उनसे बातचीत करते रहे। उन्होंने उनसे कहा कि वह सोएं नहीं, क्योंकि सभी को उनकी जरूरत है। उन्होंने कैप्टन से उनके बच्चों के बारे में पूछा और उन्हें भरोसा दिलाया कि वह जल्द अपने परिवार के पास पहुंचेंगे।
कैप्टन मछार ने अपना नाम और उम्र बताई। उन्होंने बताया कि वह भारत से हैं और दुबई में रहते हैं। दर्द से परेशान कैप्टन ने मदद की गुहार लगाई और कहा कि वह मरना नहीं चाहते। डॉ. मुसाएव ने उन्हें शांत रखने की कोशिश की और लगातार उनकी स्थिति पर नजर रखी।
### कई बार गिरने लगी नब्ज
डॉ. मुसाएव ने बताया कि इलाज के दौरान कैप्टन मछार की नब्ज कई बार काफी नीचे चली गई। ऐसी स्थिति में उन्होंने कैप्टन के पैरों को ऊपर किया, जिसके बाद उनकी पल्स वापस आई।
उन्होंने कैप्टन की सांस, बातचीत करने की क्षमता, नब्ज और होंठों के रंग जैसे संकेतों पर लगातार नजर रखी। एक समय जब कैप्टन के होंठ नीले पड़ने लगे तो उन्होंने क्रू से जल्द से जल्द विमान उतारने की बात कही।
### कॉकपिट में हमले के बाद मची थी अफरा-तफरी
रिपोर्टों के मुताबिक, फ्लाइट FZ1073 में कथित तौर पर सह-पायलट ने कॉकपिट में कैप्टन मछार पर हमला किया था। हमले के बाद विमान तेजी से नीचे जाने लगा। कैप्टन ने अपनी बची हुई ताकत का इस्तेमाल करते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद कुछ यात्रियों ने अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने में मदद की। दो रिजर्व पायलट भी कॉकपिट में पहुंचे और विमान को नियंत्रित करने में मदद की।
विमान को बाद में सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया। हमले में घायल कैप्टन मछार को पहले सऊदी अरब में इलाज मिला और बाद में उन्हें संयुक्त अरब अमीरात के अस्पताल में स्थानांतरित किया गया।
### डेंटिस्ट ने बताया- कैप्टन ने कहा, ‘मैं जीना चाहता हूं’
डॉ. मुसाएव ने बताया कि गंभीर चोटों के बावजूद कैप्टन मछार लगातार जागते रहने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कैप्टन ने उनसे मदद मांगी और अपनी जान बचाने की इच्छा जताई।
करीब 45 मिनट तक डॉ. मुसाएव ने उनके घावों पर दबाव बनाए रखा और रक्तस्राव को नियंत्रित करने की कोशिश की। उन्होंने दर्द की दवा देने से भी परहेज किया, क्योंकि उन्हें डर था कि कैप्टन को हिलाने या दवा देने से दोबारा ज्यादा रक्तस्राव हो सकता है।
### कैप्टन की सूझबूझ से बची यात्रियों की जान
हमले के दौरान कैप्टन मछार खुद गंभीर रूप से घायल थे, लेकिन उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलकर यात्रियों को अंदर पहुंचने का मौका दिया। इसके बाद यात्रियों ने कथित हमलावर को काबू किया और विमान को सुरक्षित उतारने में मदद की। इस घटना में कैप्टन की सूझबूझ और यात्रियों की त्वरित प्रतिक्रिया को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
डॉ. मुसाएव ने भी कैप्टन मछार की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने यात्रियों की जान बचाने के लिए अपनी तरफ से पूरी कोशिश की। घटना की जांच जारी है और सह-पायलट को हिरासत में लिया गया है।



