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अवैध कॉलोनी निर्माण के संबंध में सर्वेक्षण दल गठित करें* *19 जुलाई के पश्चात सड़क पर निराश्रित गौवंश मिलने पर दर्जहोगी एफ आई आर


*कलेक्टर ने टीएल बैठक में विभागवार लंबित प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा कर दिए निर्देश*

*रिपोर्टर -* *एम पी सी जी Sky इंडिया टीवी से एमपी हेड*मोहम्मद शमीम अहमद खान की रिपोर्ट*

पन्ना कलेक्टर सुरेश कुमार ने कहा है कि जिले में भू-माफियाओं के विरूद्ध सख्ती से कार्रवाई की जाए। अवैध कॉलोनी निर्माण के संबंध में सर्वेक्षण दल का गठन भी किया जाए। राजस्व अधिकारी निरंतर रूप से अवैध अतिक्रमण के विरूद्ध कार्रवाई जारी रखें। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में संपन्न हुई टीएल बैठक में जिला कलेक्टर द्वारा उक्ताशय के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर अधिकारियों को स्कूल, छात्रावास, शासकीय उचित मूल्य दुकान एवं स्वास्थ्य केन्द्रांें के नियमित रूप से निरीक्षण के लिए भी निर्देशित किया गया। साथ ही नाला एवं तालाब से अतिक्रमण हटवाने, जलभराव की स्थिति पर रोकथाम तथा हैण्ड पंप एवं बोरिंग स्थल के आसपास गंदे पानी का रिसाव चेक कराने के लिए भी निर्देश दिए गए। साथ ही वर्षा के कारण प्रभावित सड़क व पुलिया के संधारण और निकाय अधिकारियों एवं पीएचई के अधिकारी को दूषित जल की समस्या के निराकरण के लिए यथोचित कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया।
कलेक्टर ने कहा कि जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर रोकथाम और विभिन्न गौवंश एवं पशुओं की सुरक्षा की दृष्टिगत वर्तमान में धारा 163 प्रभावशील है, जिसके तहत निराश्रित गौवंश को अनिवार्य रूप से एक सप्ताह के भीतर गौ शालाओं में शिफ्ट करने की कार्रवाई की जाना थी। इसके बावजूद कतिपय स्थानीय निकायों द्वारा गौवंश को अब तक सड़क से विस्थापित करने की कार्रवाई नहीं की गई है। इसलिए अविलंब गौशालाओं की व्यवस्थाओं का पूर्व अवलोकन कर निराश्रित गौवंश को तत्काल गौशालाओं में शिफ्ट करें। आगामी 19 जुलाई के पश्चात जिले के मुख्य मार्गों अथवा शहरी या ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों पर निराश्रित गौवंश मिलने की स्थिति में संबंधित लोकसेवक के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इसलिए समस्त सचिव, सरपंच, जनपद पंचायत सीईओ एवं नगरीय निकायों के सीएमओ द्वारा समय पूर्व आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि गौशाला से पशुपालकों को गौवंश की वापसी के दौरान अर्थदण्ड वसूलने के साथ ही हिदायत भी दी जाए। साथ ही पुनः निराश्रित गौवंश मिलने पर संबंधित पशुपालक के विरूद्ध आवश्यक कार्रवाई करें। गौशाला में पहंुचे प्रत्येक गौवंश की टैगिंग कराएं। जिला कलेक्टर ने थाना प्रभारियों को भी जिम्मेदारी के साथ तस्दीक उपरांत भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए गए।
*सीएम हेल्पलाइन के निराकरण में लापरवाही पर होगी कार्रवाई*
कलेक्टर ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन मामलों के निराकरण में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। वर्तमान में सी एवं डी श्रेणी के विभाग 20 तारीख के पूर्व शिकायतों के निराकरण के लिए सटीक प्रतिवेदन दर्ज कराएं। प्रमुख रूप से श्रम विभाग की शिकायतों के निराकरण के लिए स्थानीय निकायों के अधिकारी समन्वय के साथ कार्य करें। श्रम विभाग के अधिकारी द्वारा भी निराकरण की स्थिति की समीक्षा की जाए। इस दौरान बीएमओ अजयगढ़ को आकांक्षी विकासखण्ड के संकेतकों के अनुरूप ग्रामवार प्रगति लाने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी तहसीलदार को राजस्व प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही की स्थिति पर एवं खराब रैंक आने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। इसके लिए सभी पटवारियों को ग्रामवार लक्ष्य सौंपकर निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। साथ ही सिविल सर्जन, जिला संयोजक, आरटीओ एवं कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग को भी आगामी पांच दिवसों में सीएम हेल्पलाइन में अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए गए।
जिला कलेक्टर ने मत्स्य पालन विभाग के निरीक्षक को जनपद पंचायत सीईओ पवई से समन्वय कर प्रतिबंधित अवधि में मत्स्याखेट करने वालों के विरूद्ध छापामार कार्यवाही कर मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत सभी राजस्व अधिकारियों को समय सीमा में आवेदनों का तत्परता से निराकरण, टीएल विषय से संबंधित प्रकरणों की विषयवार नस्तियां तैयार करने, स्कूली छात्र-छात्राओं के शेष 9 प्रतिशत छात्रवृत्ति के प्रकरणों में त्वरित भुगतान, निकायवार समग्र ई-केवायसी कार्य में निरंतर कार्यवाही, मध्यान्ह भोजन शाला निरीक्षण और नागरिक आपूर्ति निगम के माध्यम से सभी राशन दुकानों पर समयावधि में खाद्यान्न की उपलब्धता इत्यादि के संबंध में भी निर्देश दिए।
*ई-ऑफिस के क्रियान्वयन में जिला 43वें स्थान पर*
कलेक्टर ने कहा कि वर्तमान में ई-ऑफिस के क्रियान्वयन में पन्ना जिला प्रदेश में 43वें स्थान पर है। यह स्थिति ठीक नहीं है। अब तक 10 विभागों द्वारा ऑनबोर्ड नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जताई और संबंधितजनों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसी तरह एमएलसी एवं पोस्टमॉर्टम की ऑनलाइन रिपोर्ट बड़ी संख्या में लंबित रहने पर संबंधित चिकित्सकों के विरूद्ध भी कार्रवाई के निर्देश दिए। समस्त एसडीएम को छः माह से अधिक अवधि के पंजीबद्ध एवं न्यायालय में दर्ज दाण्डिक प्रकरणों के संबंध में प्रथम चरण में आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया। इसके अलावा आरटीओ को यातायात प्रभारी से समन्वय कर विभिन्न मार्गों की यात्री बसों के रूट और टाइम निर्धारण के लिए जरूरी प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए।
जिला कलेक्टर ने विभागवार स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा कर राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के संविदा मैदानी अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने पर कार्य में सुधार के लिए नोटिस देकर संविदा सेवा समाप्ति के निर्देश भी दिए। टीएल बैठक में राशन मित्र पोर्टल पर केवायसी से वंचित खाद्यान्न हितग्राहियों के संबंध में निराकरण दर्ज कराने तथा नवीन पात्रता पर्ची के संबंध में भी निर्देशित किया गया। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत हितग्राहियों के ऑनलाइन आवेदन पत्रों के निराकरण के लिए पात्रता अनुसार कार्यवाही तथा आवश्यकता होने पर नगरीय निकाय अधिकारियों को एसडीएम से समन्वय कर बसाहट के लिए पट्टा स्थल आवंटित कराने की बात कही।
*एक पेड़ मां के नाम अभियान को सफल बनाएं*
कलेक्टर ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार इस वर्ष भी जिले में एक पेड़ मां के नाम अभियान अंतर्गत वृहद स्तर पर पौधरोपण किया जाना है। गत वर्ष के लक्ष्य मुताबिक ही विभागीय अधिकारियों द्वारा इस संबंध में आगामी कार्यवाही की जाए और इस महत्वाकांक्षी अभियान को सफल बनाएं। वन विभाग के अतिरिक्त अन्य विभागों द्वारा अपनी कार्ययोजना और लक्ष्य मुताबिक चिन्हांकित स्थलों पर पौधरोपण कराया जाए। साथ ही अंकुर एप पर फोटो भी अपलोड करें। टीएल बैठक में केन बेतवा लिंक परियोजना अंतर्गत पुनर्वास पैकेज राशि के विरतण के संबंध में भी कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग को आवश्यक निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि विभाग के अनुविभागीय अधिकारियों से कोई भी पात्र परिवार के पैकेज से वंचित अथवा शेष नहीं होने के संबंध में प्रमाणीकरण प्राप्त किया जाए। इस संबंध में स्पष्ट किया गया कि धारा 11 के नोटिफिकेशन तिथि से पहले महिलाओं के विवाह होकर अन्यत्र स्थान पर जाने की स्थिति में 12 लाख 50 हजार रूपए के पुनर्वास पैकेज की पात्रता नहीं है। इसके लिए जनपद पंचायत सीईओ को वांछित जानकारी से अवगत कराने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि बरसात के बाद विस्थापन कार्यवाही के लिए समय पूर्व सभी आवश्यक तैयारी कर ली जाए। इसी तरह रेलवे के निर्माणाधीन कार्यों की समीक्षा कर एसडीएम पन्ना एवं गुनौर को प्रभावित परिवारों को बैंक खाता संग्रहण और अवार्ड राशि के वितरण के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ उमराव सिंह मरावी, अतिरिक्त सीईओ अशोक कुमार चतुर्वेदी, एसडीएम संजय कुमार नागवंशी एवं संयुक्त कलेक्टर कुशल सिंह गौतम सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

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