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अंकिता भंडारी हत्याकांड: राहुल गांधी ने राष्ट्रपति मुर्मु को लिखा पत्र, दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति पर उठाए सवाल

अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को लिखा पत्र, दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति पर दोबारा विचार करने की अपील

# अंकिता भंडारी हत्याकांड: राहुल गांधी ने राष्ट्रपति मुर्मु को लिखा पत्र, दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति पर उठाए सवाल

**नई दिल्ली:** उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर सियासी बहस तेज हो गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को पत्र लिखकर बीजेपी नेता दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर दोबारा विचार करने की अपील की है। राहुल गांधी ने मांग की है कि जब तक अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी एंगल की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक दुष्यंत गौतम को राज्यपाल का पदभार ग्रहण करने से रोका जाए।

राहुल गांधी का यह कदम अंकिता के माता-पिता के विरोध प्रदर्शन और मामले की जांच को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सामने आया है। अंकिता का परिवार लंबे समय से अपनी बेटी को न्याय दिलाने और मामले में कथित वीआईपी की भूमिका की जांच की मांग कर रहा है।

## राष्ट्रपति को पत्र लिखकर की नियुक्ति पर पुनर्विचार की मांग

राहुल गांधी ने अपने पत्र में दुष्यंत गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति को लेकर हैरानी जताई। उनका कहना है कि जब मामले के कथित वीआईपी एंगल की जांच अभी जारी है, तब इस तरह की नियुक्ति पर दोबारा विचार किया जाना चाहिए।

राहुल गांधी ने राष्ट्रपति से अपील की कि वह केंद्र सरकार को नियुक्ति पर पुनर्विचार करने के लिए कहें। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को राज्यपाल का पदभार संभालने से रोका जाए।

राहुल गांधी ने अपने पत्र में संविधान के अनुच्छेद 361 का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्यपाल को पद पर रहते हुए कुछ कानूनी संरक्षण प्राप्त होते हैं। उनके मुताबिक, इस वजह से जांच और संभावित कानूनी कार्रवाई प्रभावित होने की आशंका है।

उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 74(1) का भी हवाला दिया, जिसके तहत राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद की सलाह पर एक बार पुनर्विचार करने के लिए कह सकते हैं। राहुल गांधी ने राष्ट्रपति से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है।

## इंडिया गेट पर अंकिता के माता-पिता से मिले राहुल और प्रियंका

इससे पहले 14 अक्टूबर को राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने दिल्ली के इंडिया गेट पर अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की थी। अंकिता के माता-पिता दुष्यंत गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति के विरोध में धरने पर बैठे थे।

परिवार की मांग है कि जब तक केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) कथित वीआईपी एंगल की जांच पूरी नहीं कर लेता, तब तक नियुक्ति पर रोक लगाई जाए।

राहुल गांधी ने परिवार के प्रति समर्थन जताते हुए न्याय की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने भी मामले की निष्पक्ष जांच और परिवार की मांगों पर विचार किए जाने की बात कही।

## अंकिता के माता-पिता ने सरकार को दिया अल्टीमेटम

अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग करते हुए सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर उत्तराखंड समेत देश के अन्य हिस्सों में विरोध प्रदर्शन तेज किए जाएंगे।

अंकिता की मां सोनी देवी ने भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से अपील की कि सीबीआई जांच पूरी होने तक नियुक्ति की प्रक्रिया आगे न बढ़ाई जाए।

15 अक्टूबर की सुबह दिल्ली पुलिस ने इंडिया गेट के पास प्रदर्शन कर रहे अंकिता के माता-पिता और कुछ कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया था। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। इस कार्रवाई को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी हुई।

## क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?

19 वर्षीय अंकिता भंडारी उत्तराखंड के पौड़ी जिले के ऋषिकेश के पास स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनकी हत्या कर दी गई थी। उनका शव चिल्ला नहर से बरामद हुआ था।

इस मामले में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो सहयोगियों सौरभ भास्कर तथा अंकित गुप्ता को अदालत ने दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

हालांकि, मामले में एक कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे हैं। अंकिता के परिवार ने इस पहलू की जांच कराने और संबंधित व्यक्ति की पहचान सार्वजनिक करने की मांग की है।

दुष्यंत कुमार गौतम का नाम भी इस विवाद के संदर्भ में सामने आया है। हालांकि, उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित हुआ तथ्य नहीं माना जा सकता। गौतम ने आरोपों से इनकार किया है और आरोप लगाने वालों के खिलाफ मानहानि की कानूनी कार्रवाई भी की है।

## सीबीआई जांच और राजनीतिक विवाद

अंकिता भंडारी मामले में कथित वीआईपी एंगल की जांच को लेकर परिवार की मांग के बाद सीबीआई जांच का आदेश दिया गया था। परिवार चाहता है कि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी हो और मामले से जुड़े सभी सवालों के जवाब सामने आएं।

राहुल गांधी के राष्ट्रपति को पत्र लिखने के बाद इस मामले ने फिर राष्ट्रीय राजनीति में जगह बना ली है। कांग्रेस ने नियुक्ति पर पुनर्विचार की मांग की है, जबकि मामले में लगाए गए आरोपों और जांच के निष्कर्षों के बीच अंतर करना जरूरी है।

फिलहाल, राहुल गांधी की अपील पर राष्ट्रपति या केंद्र सरकार की ओर से नियुक्ति को लेकर किसी नए फैसले की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि अंकिता भंडारी मामले की जांच आगे क्या निष्कर्ष देती है और परिवार की मांगों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।

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