उत्तर प्रदेश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एल मुरुगन का इस्तीफा किया मंजूर, तमिलनाडु की राजनीति में लौटेंगे बीजेपी नेता

एल मुरुगन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर दिया था इस्तीफा, तमिलनाडु की राजनीति में सक्रिय होने की तैयारी

# राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एल मुरुगन का इस्तीफा किया मंजूर, तमिलनाडु में बीजेपी को मजबूत करने पर करेंगे फोकस

**नई दिल्ली:** राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को जारी जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर मुरुगन का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से मंजूर किया गया। वह केंद्र सरकार में सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री के पद पर कार्यरत थे।

## पीएम मोदी को पत्र लिखकर दिया था इस्तीफा

एल. मुरुगन ने मंगलवार, 13 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मंत्री पद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी। उन्होंने अपने पत्र में कहा था कि अब वह तमिलनाडु लौटकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को मजबूत करने के लिए पूरी तरह से काम करना चाहते हैं।

मुरुगन ने वर्ष 2029 में होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर पार्टी संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ काम करने की इच्छा जताई थी। उनका मानना है कि तमिलनाडु में पार्टी के विस्तार के लिए उन्हें अपना पूरा समय संगठनात्मक गतिविधियों में लगाना चाहिए।

## राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने का भी किया ऐलान

एल. मुरुगन ने केवल मंत्री पद ही नहीं, बल्कि राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने की भी घोषणा की थी। वह सितंबर 2021 से राज्यसभा के सदस्य थे। अप्रैल 2024 में वह मध्य प्रदेश से दोबारा उच्च सदन के लिए चुने गए थे। उनका राज्यसभा कार्यकाल अप्रैल 2030 तक था।

मुरुगन ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार में काम करने का अवसर मिलने को अपने जीवन का बड़ा सम्मान बताया था। उन्होंने अपने साधारण पारिवारिक परिवेश का जिक्र करते हुए कहा कि दिहाड़ी मजदूरों के परिवार से निकलकर केंद्रीय मंत्रिपरिषद तक पहुंचना उनके लिए गर्व की बात रही है।

## छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर

एल. मुरुगन ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत कॉलेज के दिनों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़कर की थी। इसके बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में विभिन्न भूमिकाओं में काम किया। करीब तीन दशक तक संगठन से जुड़े रहने के बाद वह केंद्र सरकार में मंत्री बने।

उन्होंने अपने संदेश में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ जमीनी स्तर पर काम करने और तमिलनाडु में बीजेपी के संगठनात्मक विस्तार को प्राथमिकता देने की बात कही थी।

## कैबिनेट में फेरबदल की अटकलें तेज

एल. मुरुगन का इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब केंद्र सरकार में संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि, उनके इस्तीफे को लेकर सामने आई जानकारी में तमिलनाडु में पार्टी को मजबूत करने की उनकी इच्छा प्रमुख वजह बताई गई है। मंत्रिमंडल में आगे क्या बदलाव होंगे, इसे लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद एल. मुरुगन की केंद्रीय मंत्रिपरिषद में भूमिका समाप्त हो गई है। अब उनका ध्यान तमिलनाडु में बीजेपी के संगठन को मजबूत करने और आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों पर रहने की उम्मीद है।

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