Telangana High Court: विधायकों को विधानसभा जाने से नहीं रोक सकती पुलिस, हाई कोर्ट के सख्त निर्देश
तेलंगाना हाई कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया है कि विधायकों को विधानसभा में प्रवेश करने से नहीं रोका जाए। यह आदेश BRS विधायकों की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया, जिसमें पुलिस पर विधानसभा जाते समय रोकने का आरोप लगाया गया था।

# Telangana High Court: विधायकों को विधानसभा जाने से न रोकें पुलिस, कोर्ट के सख्त निर्देश
**हैदराबाद:** तेलंगाना हाई कोर्ट ने विधायकों के विधानसभा में प्रवेश को लेकर पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि विधानसभा के निर्वाचित सदस्यों को सदन में जाने से पुलिस नहीं रोक सकती। यह आदेश सोमवार को W.P. नंबर 29752 की सुनवाई के दौरान दिया गया।
मामले में याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि विधानसभा जाते समय पुलिस ने भारत राष्ट्र समिति (BRS) के विधायकों को रोका था। इसके बाद मामला तेलंगाना हाई कोर्ट पहुंचा, जहां अदालत ने विधायकों के विधानसभा में प्रवेश को लेकर पुलिस की भूमिका पर स्पष्ट निर्देश जारी किए।
## BRS विधायकों को रास्ते में रोकने का आरोप
याचिका में आरोप लगाया गया कि BRS के कुछ विधायक विधानसभा की कार्यवाही में शामिल होने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत के सामने यह मुद्दा उठाया गया कि निर्वाचित विधायक विधानसभा के सदस्य हैं और उन्हें सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने के लिए विधानसभा परिसर में प्रवेश करने का अधिकार है।
मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि विधायकों को विधानसभा में प्रवेश करने से नहीं रोका जाना चाहिए।
## विधानसभा के निर्वाचित सदस्यों के अधिकार पर जोर
अदालत का यह निर्देश विधानसभा के निर्वाचित सदस्यों के संवैधानिक और विधायी अधिकारों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हाई कोर्ट ने फिलहाल इस पूरे राजनीतिक विवाद के गुण-दोष पर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है।
अदालत का तत्काल निर्देश मुख्य रूप से इस बात को लेकर है कि विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेने वाले विधायकों को सदन तक पहुंचने से बाधित नहीं किया जाना चाहिए।
इस आदेश के बाद पुलिस की कार्रवाई और विधानसभा जाने वाले विधायकों के साथ व्यवहार को लेकर स्पष्टता आई है।
## कोर्ट ने जांच रिपोर्ट भी देखी
सुनवाई के दौरान अदालत के सामने मामले से संबंधित जांच रिपोर्ट भी रखी गई। कोर्ट ने रिपोर्ट का अवलोकन किया और मामले से जुड़े तथ्यों को ध्यान में रखा।
हालांकि, अदालत ने अभी यह तय नहीं किया है कि पुलिस की कार्रवाई कानून के अनुरूप थी या नहीं। इस मामले में आगे की सुनवाई के दौरान घटनाक्रम और संबंधित रिकॉर्ड पर विस्तार से विचार किया जाएगा।
## 21 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
तेलंगाना हाई कोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर 2026 को करेगा। अगली सुनवाई में मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर अदालत विचार कर सकती है।
फिलहाल कोर्ट ने राजनीतिक विवाद पर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है। अदालत का मौजूदा आदेश विधायकों को विधानसभा में प्रवेश से रोकने के संबंध में है।
## राजनीतिक विवाद के बीच आया आदेश
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब तेलंगाना की राजनीति में सत्तारूढ़ पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों को लेकर टकराव देखने को मिल रहा है। BRS विधायकों की ओर से पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए थे।
वहीं, इस मामले में अदालत के हस्तक्षेप के बाद अब विधानसभा की कार्यवाही में शामिल होने वाले विधायकों के प्रवेश को लेकर पुलिस के लिए स्थिति स्पष्ट हो गई है।
## कोर्ट के आदेश का क्या मतलब है?
हाई कोर्ट के निर्देश का सीधा मतलब है कि पुलिस को केवल अपनी कार्रवाई के आधार पर किसी निर्वाचित विधायक को विधानसभा की कार्यवाही में शामिल होने से रोकने की स्थिति पैदा नहीं करनी चाहिए।
हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि विधायकों को लेकर पुलिस की सभी कानूनी शक्तियां खत्म हो गई हैं। यदि किसी मामले में कानून के तहत कोई कार्रवाई जरूरी हो, तो उसके लिए अलग कानूनी प्रक्रिया लागू हो सकती है। इस मामले में अदालत ने फिलहाल विधानसभा में प्रवेश के अधिकार को लेकर स्पष्ट निर्देश दिया है।
## आगे की सुनवाई पर नजर
अब सभी की नजर 21 सितंबर की अगली सुनवाई पर रहेगी। उस दौरान अदालत मामले से जुड़े रिकॉर्ड, जांच रिपोर्ट और पक्षकारों की दलीलों पर आगे विचार कर सकती है।
फिलहाल तेलंगाना हाई कोर्ट का निर्देश स्पष्ट है कि विधायकों को विधानसभा में जाने से नहीं रोका जाना चाहिए। वहीं, राजनीतिक विवाद पर अंतिम फैसला अभी बाकी है।



