आदित्य उपाध्याय 

SkyIndiaTV 

दिनांक 30.03.2025 को थाना हरसूद पर पंकज पिता विष्णु रघुवंशी निवासी रेल्वे कालोनी चारखेडा ने सूचना दिया था कि एक अज्ञात महिला का शव बोरे में चारखेडा रेल्वे ब्रीज के नीचे बैंक वाटर में तैर रहा है। सूचना पर हरसूद पुलिस व्दारा तत्काल मौके पर जाकर सूचनाकर्ता की सूचना पर मर्ग क्रं. 17/2025 धारा 194 बीएनएसएस कायम कर मर्ग जांच में लेकर अज्ञात महिला उम्र 16 साल के शव का पंचनामा लिया गया तथा पोस्ट मार्टम कराया गया, मर्ग जांच में अज्ञात मृतिका की किसी व्यक्ति व्दारा हत्या कर साक्ष्य छिपाने की नियत से शव को बोरे में भरकर बैक वाटर के पानी में फैकना पाया जाने से अज्ञात आरोपी के विरूद्ध अप.क्रं. 164/2025 धारा 103(1), 238 बीएनएस का कायम कर विवेचना में लिया गया।

                  अज्ञात मृतिका शव की पहचान एवं अज्ञात आरोपी तलाश पतारसी हेतु पुलिस अधीक्षक खण्डवा श्री मनोज कुमार राय एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खण्डवा श्री राजेश रघुवंशी के निर्देशन में एसडीओपी हरसूद श्री लोकेन्द्रसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में थाना स्तर पर टीम गठित की जाकर टीम व्दारा लगातार क्षेत्र में सीसीटीव्ही फुटेज खंगाले गये व अपने तकनिकी संसाधनों व मुखबीर की सूचना पर अज्ञात मृतिका के शव की पहचान काजल पिता लोकेश मीणा उम्र 16 साल निवासी छिपाबड जिला हरदा के रूप में करायी जाकर आरोपी (मृतिका के पिता) लोकेश पिता विष्णुप्रसाद मीणा उम्र 42 साल निवासी छिपाबड व (मृतिका के दादा) आरोपी विष्णुप्रसाद पिता हरिकिशन मीणा उम्र 66 साल निवासी छिपाबड जिला हरदा को आज दिनांक 03.04.2025 को गिरफ्तार किया गया तथा आरोपियो से घटना के संबंध में पूछताछ करने पर उसकी लडकी मृतिका काजल अपनी इच्छा से उसके प्रेमी के साथ शादी करना चाहती थी, मृतिका के पिताजी को रिश्ता पसंद नही था मृतिका पिताजी की बात नही मान रही थी अपनी मर्जी से अपने पसंद के लड़के से शादी करना चाहती थी, इस कारण दिनांक 26.03.25 के रात्रि 08.00 बजे मृतिका को पिताजी ने अपने खेत छिपाबड मे, मृतिका की गला घोंट कर हत्या कर दी व मृतिका के पिता व दादा ने साक्ष्य छिपाने की नियत से मृतिका के शव को बोरे में भरकर मोटर सायकल से चारखेडा लाकर ब्रीज से शव को बैंक वाटर के पानी में फैक दिया।

सराहनीय भूमिका:- निरीक्षक राजकुमार राठौर थाना प्रभारी हरसूद फोर्स उप निरीक्षक चन्द्रशेखर काडे, प्रआर 320 हरिओम मीणा, प्रआर 251 लक्ष्मीनारायण चौरे, आरक्षक 616 दिलीप, आर 421 रघुवीर, आर 748 लक्ष्मीनारायण देवडा, आर. 632 शंशिकांत डावर, सायबर सेल प्रआर जितेन्द्र राठौर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।