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Nagpur Dating App Crime: डेटिंग ऐप से दोस्ती, झूठे केस में फंसाकर 3 करोड़ की वसूली की साजिश का खुलासा, आगरा से आरोपी गिरफ्तार

नागपुर में डेटिंग ऐप के जरिए दोस्ती कर एक व्यक्ति को झूठे केस में फंसाने और 3 करोड़ रुपये वसूलने की कथित साजिश सामने आई, पुलिस ने आरोपी आदित्य गुप्ता को आगरा से गिरफ्तार किया; अदालत ने पुलिस हिरासत में भेजा।

# Nagpur Dating App Crime: डेटिंग ऐप से दोस्ती, झूठे केस में फंसाकर 3 करोड़ वसूलने की साजिश का खुलासा, आगरा से आरोपी गिरफ्तार

**नागपुर में डेटिंग ऐप के जरिए दोस्ती और ब्लैकमेलिंग के कथित रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस के मुताबिक, राजस्थान के एक व्यक्ति को झूठे आपराधिक मामले में फंसाकर 3 करोड़ रुपये वसूलने की साजिश रची गई थी। इसके लिए 19 वर्षीय युवती को 5 लाख रुपये देने का लालच दिया गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी आदित्य गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है।**

**नागपुर, 25 अक्टूबर 2026।** महाराष्ट्र के नागपुर में डेटिंग ऐप के जरिए लोगों को जाल में फंसाकर करोड़ों रुपये वसूलने की कथित साजिश सामने आई है। नागपुर पुलिस ने इस मामले में उत्तर प्रदेश के आगरा निवासी आदित्य सुरेशचंद्र गुप्ता को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने एक 19 वर्षीय युवती को राजस्थान के एक व्यक्ति के खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराने के लिए कथित तौर पर 5 लाख रुपये देने का लालच दिया था।

जांच में सामने आए आरोपों के अनुसार, इस साजिश का उद्देश्य राजस्थान निवासी इरफान अली को आपराधिक मामले में फंसाकर उस पर दबाव बनाना और उससे 3 करोड़ रुपये वसूलना था। पुलिस ने युवती के बयान में विरोधाभास मिलने के बाद पूरे मामले की गहराई से जांच शुरू की, जिसके बाद कथित साजिश का खुलासा हुआ।

## डेटिंग ऐप से शुरू हुई दोस्ती, फिर सामने आया ब्लैकमेलिंग का मामला

नागपुर पुलिस के मुताबिक, 19 वर्षीय युवती शहर के मोमिनपुरा इलाके में रहती है। वह सोशल मीडिया पर मनोरंजन और शिक्षा से जुड़े वीडियो तथा रील बनाती है।

युवती की पहचान डेटिंग ऐप के माध्यम से आदित्य सुरेशचंद्र गुप्ता से हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच संपर्क बढ़ा।

कुछ समय बाद युवती ने राजस्थान निवासी इरफान अली के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उसने आरोप लगाया कि इरफान ने नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उससे संपर्क बढ़ाया और उसके आपत्तिजनक वीडियो हासिल कर लिए।

युवती ने दावा किया था कि इन वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल किया जा रहा था।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने इरफान सहित चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।

## पुलिस पूछताछ में बदल गई युवती की कहानी

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने शिकायतकर्ता युवती से मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्यों से जुड़ी जानकारी मांगी।

पुलिस ने उसे बयान दर्ज कराने के लिए थाने बुलाया। इस दौरान आदित्य गुप्ता भी युवती के साथ थाने पहुंचा।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आदित्य बार-बार युवती से पूछे जा रहे सवालों के जवाब खुद देने लगा। उसने राजनीतिक और कॉर्पोरेट क्षेत्र में अपने प्रभावशाली संपर्क होने की बात भी कही।

आदित्य की लगातार दखलअंदाजी से पुलिस अधिकारियों को संदेह हुआ। इसके बाद पुलिस ने युवती से अलग से पूछताछ करने का फैसला किया।

## युवती ने कहा- इरफान को जानती तक नहीं

पुलिस के अनुसार, अलग से पूछताछ किए जाने पर युवती के बयान में बड़ा बदलाव सामने आया।

युवती ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह राजस्थान निवासी इरफान अली को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानती और डेटिंग ऐप या सोशल मीडिया पर उससे उसकी कोई बातचीत नहीं हुई थी।

उसने पुलिस को बताया कि इरफान के खिलाफ शिकायत आदित्य गुप्ता के कहने पर दर्ज कराई गई थी।

इस खुलासे के बाद पुलिस ने मामले की जांच की दिशा बदल दी और आदित्य की भूमिका की पड़ताल शुरू कर दी।

## 5 लाख रुपये का लालच देकर शिकायत कराने का आरोप

पुलिस जांच में आरोप सामने आया कि आदित्य गुप्ता ने युवती को इरफान अली के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के बदले 5 लाख रुपये देने का प्रस्ताव दिया था।

जांचकर्ताओं के अनुसार, कथित योजना यह थी कि इरफान के खिलाफ गंभीर आपराधिक आरोप लगाकर उसे कानूनी कार्रवाई के दबाव में लाया जाए।

इसके बाद मामला निपटाने के नाम पर उससे 3 करोड़ रुपये की रकम मांगी जानी थी।

हालांकि, इस कथित रकम की वास्तव में कितनी वसूली हुई, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।

## आगरा से आरोपी आदित्य गुप्ता गिरफ्तार

नागपुर पुलिस की तहसील थाना टीम ने जांच के दौरान आदित्य गुप्ता की तलाश शुरू की।

पुलिस ने उसे उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस कथित साजिश में आदित्य के अलावा और कितने लोग शामिल थे।

साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इसी तरीके से दूसरे लोगों को भी निशाना बनाया गया था।

## आरोपी के मोबाइल में 400 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो मिलने का दावा

इस मामले में पुलिस जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है।

रिपोर्टों के अनुसार, आदित्य गुप्ता के मोबाइल फोन से 400 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो मिलने का दावा किया गया है।

पुलिस इन वीडियो की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन्हें किन परिस्थितियों में बनाया गया था और क्या इनका इस्तेमाल किसी व्यक्ति को ब्लैकमेल करने के लिए किया गया।

फिलहाल केवल वीडियो मिलने के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि उनमें दिखाई देने वाले सभी लोग किसी अपराध के शिकार हुए हैं।

## दिल्ली और पुणे से भी जुड़ सकते हैं मामले के तार

नागपुर पुलिस के डीसीपी जोन-3 राहुल मदने के अनुसार, आरोपी के खिलाफ दिल्ली और पुणे में भी इसी तरह के मामलों की जानकारी सामने आई है।

पुलिस अब इन मामलों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या आदित्य गुप्ता किसी बड़े संगठित नेटवर्क का हिस्सा था या कथित तौर पर अलग-अलग शहरों में इसी तरीके से लोगों को निशाना बना रहा था।

पुलिस संभावित सहयोगियों और अन्य शिकायतों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।

## प्रभावशाली लोगों से संपर्क होने का दावा करता था आरोपी

जांच में यह भी सामने आया है कि आदित्य कथित तौर पर राजनीतिक नेताओं, अधिकारियों और कॉर्पोरेट क्षेत्र में अपने संपर्क होने का दावा करता था।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान भी उसने अपने प्रभावशाली संपर्कों का हवाला दिया था।

उसके इस व्यवहार से जांच अधिकारियों को संदेह हुआ, जिसके बाद शिकायतकर्ता युवती से अलग पूछताछ की गई।

पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपी के ऐसे दावों में कितनी सच्चाई थी और क्या उनका इस्तेमाल लोगों पर दबाव बनाने के लिए किया जाता था।

## डिजिटल साक्ष्यों से खुलेगी साजिश की पूरी परत

इस मामले में मोबाइल फोन, डेटिंग ऐप पर हुई बातचीत, डिजिटल रिकॉर्ड और शिकायतकर्ता के बयान महत्वपूर्ण साक्ष्य माने जा रहे हैं।

पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवती और आदित्य के बीच क्या बातचीत हुई थी तथा कथित तौर पर 5 लाख रुपये देने का प्रस्ताव किस माध्यम से रखा गया था।

इसके अलावा इरफान अली से 3 करोड़ रुपये की मांग कैसे की जानी थी और क्या इस संबंध में कोई संपर्क या लेनदेन हुआ था, इसकी भी जांच जारी है।

जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही कथित साजिश की पूरी परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।

## डेटिंग ऐप के जरिए ब्लैकमेलिंग से बचने के लिए सतर्कता जरूरी

यह मामला ऑनलाइन डेटिंग प्लेटफॉर्म पर व्यक्तिगत जानकारी और निजी वीडियो साझा करने से जुड़े जोखिमों की ओर भी ध्यान दिलाता है।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ आम तौर पर अनजान व्यक्तियों के साथ निजी तस्वीरें, वीडियो और संवेदनशील जानकारी साझा करने में सावधानी बरतने की सलाह देते हैं।

यदि कोई व्यक्ति निजी सामग्री सार्वजनिक करने की धमकी देकर पैसे मांगता है, तो पीड़ित को संबंधित बातचीत और डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखते हुए पुलिस या साइबर अपराध प्राधिकरण से संपर्क करना चाहिए।

भारत में साइबर अपराध की शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से भी की जा सकती है।

## पुलिस जांच जारी, अन्य आरोपियों की तलाश

नागपुर पुलिस अब पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है। अधिकारियों का ध्यान कथित वसूली की योजना, डिजिटल साक्ष्यों और संभावित सहयोगियों की पहचान पर केंद्रित है।

यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी ने पहले कितने लोगों के खिलाफ इस तरह की शिकायतें दर्ज करवाई थीं और क्या इन मामलों में पैसों की मांग की गई थी।

**नागपुर का यह मामला एक 19 वर्षीय युवती की शिकायत की जांच से शुरू होकर 3 करोड़ रुपये की कथित वसूली की साजिश तक पहुंच गया। पुलिस ने आदित्य गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य संभावित मामलों की पड़ताल जारी है। हालांकि, आरोपी पर लगे आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।**

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