Anant Singh JDU Expulsion: पार्टी से निकाले जाने पर अनंत सिंह का बड़ा बयान, नीतीश कुमार से रिश्तों और नई पार्टी बनाने पर कही ये बात
JDU से निष्कासन के बाद अनंत सिंह का पहला बयान, बोले—पार्टी से निकाले जाने का कोई दुख नहीं, नीतीश कुमार से रिश्तों में दूरी से किया इनकार; जेडीयू के मौजूदा नेतृत्व और कार्यशैली पर उठाए सवाल, दूसरी पार्टी में जाने की संभावना नकारते हुए अपनी नई पार्टी बनाने के दिए संकेत

# Anant Singh JDU Expulsion: पार्टी से निकाले जाने पर अनंत सिंह का बड़ा बयान, नीतीश कुमार से रिश्तों और नई पार्टी बनाने पर कही ये बात
**बिहार की राजनीति में जनता दल यूनाइटेड (JDU) से निष्कासित किए जाने के बाद मोकामा विधायक अनंत सिंह का पहला बयान सामने आया है। उन्होंने पार्टी की कार्रवाई पर नाराजगी जताने के बजाय कहा कि उन्हें निष्कासन का कोई दुख नहीं है। अनंत सिंह ने जेडीयू की मौजूदा कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अपने संबंधों में किसी तरह की दूरी होने से इनकार किया। साथ ही उन्होंने नई राजनीतिक पार्टी बनाने की संभावना के संकेत भी दिए हैं।**
**पटना, 25 अक्टूबर 2026।** बिहार की सियासत में जनता दल यूनाइटेड से निष्कासन के बाद मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया देकर राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है। पार्टी से बाहर किए जाने के फैसले पर उन्होंने कहा कि उन्हें इस कार्रवाई से कोई परेशानी नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने जेडीयू के मौजूदा स्वरूप और पार्टी के भीतर लिए जा रहे फैसलों पर सवाल खड़े किए।
अनंत सिंह ने स्पष्ट किया कि पार्टी से निष्कासन का अर्थ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके व्यक्तिगत संबंधों का समाप्त होना नहीं है। उन्होंने दूसरी पार्टी में शामिल होने की संभावनाओं को भी खारिज किया और भविष्य में अपनी अलग राजनीतिक पार्टी बनाने की संभावना जताई।
उनके इस बयान के बाद बिहार में नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
## JDU से निष्कासन पर अनंत सिंह का पहला बयान
जनता दल यूनाइटेड से निकाले जाने के बाद अनंत सिंह ने मीडिया से बातचीत में पार्टी की कार्रवाई पर खुलकर प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि उन्हें जेडीयू से बाहर किए जाने का कोई दुख नहीं है। उन्होंने इस फैसले को लेकर किसी तरह की निराशा व्यक्त नहीं की।
अनंत सिंह ने पार्टी की कार्रवाई को लेकर कहा कि जो फैसला लिया गया है, उससे उन्हें कोई परेशानी नहीं है।
उनकी प्रतिक्रिया से यह संकेत मिला कि वह निष्कासन के बाद भी अपनी राजनीतिक गतिविधियां जारी रखने के इरादे में हैं।
हालांकि, उन्होंने अपने भविष्य की पूरी राजनीतिक रणनीति का औपचारिक ऐलान नहीं किया है।
## नीतीश कुमार से संबंधों में दूरी से किया इनकार
अनंत सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ अपने संबंधों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की।
उन्होंने कहा कि जेडीयू से निकाले जाने के बावजूद नीतीश कुमार से उनके रिश्तों में कोई दूरी नहीं आई है।
अनंत सिंह लंबे समय से बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार के साथ अपने संबंधों को लेकर चर्चा में रहे हैं।
पार्टी से निष्कासन के बाद राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठ रहा था कि क्या अब अनंत सिंह और मुख्यमंत्री के बीच भी दूरियां बढ़ेंगी।
लेकिन अपने बयान में उन्होंने इस तरह की अटकलों को खारिज कर दिया।
## जेडीयू की मौजूदा कार्यशैली पर उठाए सवाल
अनंत सिंह ने जनता दल यूनाइटेड की वर्तमान स्थिति को लेकर भी टिप्पणी की।
उन्होंने कहा कि आज की जेडीयू पहले जैसी नहीं रह गई है। उनके अनुसार, लगभग 18 साल पहले पार्टी की जो स्थिति थी, अब उसमें काफी बदलाव आ चुका है।
अनंत सिंह के इस बयान को पार्टी के भीतर संगठनात्मक बदलाव और निर्णय लेने की प्रक्रिया पर उनकी असहमति के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि, पार्टी नेतृत्व की ओर से उनके इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी गई है, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
## दूसरी पार्टी में शामिल होने से इनकार
निष्कासन के बाद अनंत सिंह के राजनीतिक भविष्य को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
ऐसी संभावना जताई जा रही थी कि वह किसी दूसरे राजनीतिक दल में शामिल हो सकते हैं।
लेकिन अनंत सिंह ने फिलहाल किसी अन्य पार्टी का दामन थामने से इनकार किया है।
उन्होंने संकेत दिया कि वह अपने राजनीतिक भविष्य के लिए स्वतंत्र रास्ता भी चुन सकते हैं।
इस बयान के बाद उनकी अगली रणनीति को लेकर राजनीतिक दिलचस्पी बढ़ गई है।
## क्या अनंत सिंह बनाएंगे अपनी नई पार्टी?
अनंत सिंह ने बातचीत के दौरान अपनी अलग राजनीतिक पार्टी बनाने की संभावना से इनकार नहीं किया।
उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसा हो सकता है कि वह अपनी नई पार्टी का गठन करें।
हालांकि, उन्होंने इसके लिए किसी तारीख, पार्टी के नाम या संगठनात्मक योजना की घोषणा नहीं की है।
ऐसे में नई पार्टी बनाने की बात को फिलहाल एक संभावना के रूप में ही देखा जा रहा है।
यदि अनंत सिंह भविष्य में अलग राजनीतिक संगठन बनाते हैं, तो उसका प्रभाव विशेष रूप से मोकामा और आसपास के क्षेत्रों की राजनीति पर पड़ सकता है।
## आखिर क्यों हुई अनंत सिंह पर कार्रवाई?
अनंत सिंह के खिलाफ जेडीयू की कार्रवाई बिहार विधान परिषद चुनाव से जुड़े घटनाक्रम के बाद सामने आई।
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में जेडीयू ने नीरज कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया था।
वहीं, अनंत सिंह ने पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के बजाय अनुज सिंह का समर्थन किया।
पार्टी लाइन से अलग जाकर चुनावी गतिविधियों में हिस्सा लेने के कारण उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।
जेडीयू ने अनंत सिंह को छह वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित करने का फैसला लिया।
इस कार्रवाई के तहत उनकी पत्नी नीलम देवी को भी पार्टी से बाहर किए जाने की खबर सामने आई थी।
## विधान परिषद चुनाव के बीच बढ़ा राजनीतिक विवाद
बिहार विधान परिषद के पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था।
इस चुनाव में जेडीयू ने नीरज कुमार को मैदान में उतारा, जबकि अनंत सिंह ने अनुज सिंह के पक्ष में प्रचार किया।
चुनाव परिणाम आने से पहले ही पार्टी के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए।
मतगणना 27 अक्टूबर को निर्धारित है।
ऐसे में चुनाव परिणाम से पहले हुई इस कार्रवाई ने राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया है।
## मोकामा में समर्थकों की प्रतिक्रिया भी चर्चा में
अनंत सिंह के निष्कासन के बाद मोकामा में उनके समर्थकों की प्रतिक्रिया भी चर्चा का विषय बनी।
खबरों के अनुसार, पार्टी से निकाले जाने के बाद कुछ समर्थकों ने पटाखे फोड़कर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
इस घटनाक्रम से यह संकेत मिला कि उनके समर्थकों का एक वर्ग पार्टी की कार्रवाई को अलग नजरिए से देख रहा है।
हालांकि, समर्थकों की प्रतिक्रिया को पूरे क्षेत्र के मतदाताओं की राय नहीं माना जा सकता।
## मोकामा की राजनीति में अनंत सिंह का प्रभाव
अनंत सिंह बिहार के मोकामा विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं।
उनकी राजनीतिक पहचान मुख्य रूप से मोकामा और आसपास के क्षेत्रों से जुड़ी रही है।
विभिन्न राजनीतिक परिस्थितियों के बावजूद वह क्षेत्रीय राजनीति में एक चर्चित चेहरा बने रहे हैं।
जेडीयू से निष्कासन के बाद अब सवाल यह है कि वह अपने समर्थकों के साथ किस राजनीतिक दिशा में आगे बढ़ेंगे।
यदि वह स्वतंत्र रूप से राजनीति करने या नई पार्टी बनाने का फैसला लेते हैं, तो स्थानीय राजनीतिक समीकरणों में बदलाव संभव है।
## नीतीश कुमार और अनंत सिंह के संबंधों पर नजर
अनंत सिंह ने भले ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से दूरी होने की बात खारिज कर दी हो, लेकिन जेडीयू से निष्कासन के बाद दोनों के राजनीतिक संबंधों को लेकर सवाल बने हुए हैं।
पार्टी का अनुशासनात्मक फैसला और अनंत सिंह का व्यक्तिगत संबंधों को लेकर दिया गया बयान दो अलग पहलू हैं।
आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि क्या दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक संवाद जारी रहता है या अनंत सिंह पूरी तरह स्वतंत्र राजनीतिक रास्ता चुनते हैं।
फिलहाल उनके बयान ने यह साफ कर दिया है कि वह पार्टी से निष्कासन को अपनी राजनीति का अंत नहीं मान रहे हैं।
## बिहार की राजनीति में आगे क्या होगा?
जेडीयू से निष्कासन के बाद अनंत सिंह के सामने कई राजनीतिक विकल्प हो सकते हैं।
वह स्वतंत्र राजनीतिक गतिविधियां जारी रख सकते हैं या भविष्य में नया संगठन बनाने की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।
हालांकि, उन्होंने किसी नई पार्टी के गठन की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
दूसरी ओर, पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव परिणाम भी राजनीतिक चर्चा का विषय बने हुए हैं।
27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना के बाद चुनावी तस्वीर स्पष्ट होगी।
**अनंत सिंह के निष्कासन और उसके बाद आए बयान ने बिहार की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने जेडीयू से बाहर किए जाने पर दुख नहीं जताया, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से संबंधों में दूरी से इनकार किया और अपनी अलग पार्टी बनाने की संभावना के संकेत दिए। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि वह आने वाले दिनों में कौन सा राजनीतिक रास्ता चुनते हैं।**

