देश

अमेरिका-ईरान संघर्ष में अमेरिकी एयरक्राफ्ट को भारी नुकसान, 47 रीपर ड्रोन तक नष्ट होने का दावा

अमेरिका-ईरान संघर्ष में अमेरिकी एयरक्राफ्ट को भारी नुकसान, MQ-9 रीपर ड्रोन सबसे ज्यादा प्रभावित

# अमेरिका-ईरान संघर्ष में अमेरिकी एयरक्राफ्ट को भारी नुकसान, 47 रीपर ड्रोन तक नष्ट होने का दावा

**नई दिल्ली:** अमेरिका और ईरान के बीच फरवरी 2026 से जारी संघर्ष में अमेरिकी वायु संपत्तियों को हुए नुकसान का पैमाना अब सामने आया है। अमेरिकी सरकार की रिपोर्टों और ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस को मिलाकर तैयार की गई *द वॉर जोन* की विजुअलाइजेशन रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी विमानों और ड्रोन को संघर्ष के दौरान काफी नुकसान हुआ है। रिपोर्ट में MQ-9 रीपर ड्रोन सबसे अधिक प्रभावित प्लेटफॉर्म के रूप में सामने आए हैं।

## MQ-9 रीपर ड्रोन को सबसे ज्यादा नुकसान

*द वॉर जोन* के मुताबिक अमेरिकी MQ-9A रीपर ड्रोन बेड़े को सबसे बड़ा नुकसान हुआ है। पेंटागन के इंस्पेक्टर जनरल की रिपोर्ट में 30 तक MQ-9A रीपर के नष्ट होने की जानकारी दी गई थी। वहीं, अगस्त में *वॉशिंगटन पोस्ट* ने तीन अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कम से कम 45 रीपर ड्रोन के नष्ट होने, दुर्घटनाग्रस्त होने या जमीन पर तबाह होने की बात कही थी।

इसके बाद ओपन-सोर्स जानकारी के आधार पर *द वॉर जोन* ने कुल संख्या 47 तक पहुंचने का अनुमान लगाया है। यह संख्या केवल ईरान में हुए नुकसान तक सीमित नहीं है, बल्कि मध्य पूर्व में ऑपरेशन से जुड़े अन्य नुकसान भी इसमें शामिल हैं। इसलिए 47 का आंकड़ा आधिकारिक पेंटागन की अंतिम संख्या नहीं, बल्कि उपलब्ध रिपोर्टों और ओपन-सोर्स ट्रैकिंग पर आधारित आकलन है।

## रीपर क्यों है अहम?

MQ-9 रीपर लंबी दूरी तक उड़ान भरने वाला सशस्त्र ड्रोन है। इसका इस्तेमाल निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने और सटीक हमलों के लिए किया जाता है। अमेरिकी वायुसेना प्रमुख जनरल केनेथ विल्सबैक ने मई में ईरान अभियान में MQ-9 को बेहद महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बताया था।

रीपर ड्रोन की बड़ी संख्या में क्षति से अमेरिकी वायुसेना को अपने ड्रोन बेड़े की उपलब्धता पर दबाव का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिकी वायुसेना अब कम लागत वाले और अधिक आसानी से बदले जा सकने वाले नए ड्रोन प्लेटफॉर्म की दिशा में काम तेज कर रही है।

## KC-135 टैंकर भी प्रभावित

अमेरिकी विमानों में KC-135 टैंकर भी नुकसान से प्रभावित हुए हैं। अमेरिकी रक्षा विभाग के इंस्पेक्टर जनरल की रिपोर्ट के मुताबिक सात KC-135 रिफ्यूलिंग विमानों को नुकसान पहुंचा या वे नष्ट हुए। इनमें से पांच को सऊदी अरब में जमीन पर ईरानी हमलों के दौरान नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

KC-135 जैसे हवा में ईंधन भरने वाले टैंकर लंबी दूरी के हवाई अभियानों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। इनके नुकसान से किसी अभियान की अवधि और विमानों की ऑपरेशनल पहुंच पर असर पड़ सकता है।

## F-15E, F-35 और अन्य विमान भी प्रभावित

रिपोर्ट में चालक दल वाले विमानों को हुए नुकसान का भी उल्लेख किया गया है। संघर्ष के दौरान F-15E स्ट्राइक ईगल से जुड़े नुकसान सामने आए। एक F-35A भी ईरानी हवाई क्षेत्र में क्षतिग्रस्त हुआ था, हालांकि पायलट सुरक्षित रूप से आपात लैंडिंग करने में सफल रहा।

इसके अलावा E-3G Sentry एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल विमान को भी गंभीर नुकसान हुआ। यह विमान सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर हमले में प्रभावित हुआ था। CBO के आकलन में इसकी जगह लेने की अनुमानित लागत करीब 50 करोड़ डॉलर बताई गई है।

## एक रेस्क्यू मिशन में भी कई विमान खोए

ईरान में दो F-15E क्रू सदस्यों को बचाने के लिए चलाए गए कॉम्बैट सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन में भी कई अमेरिकी विमान नष्ट हुए। *द वॉर जोन* के मुताबिक इस अभियान में दो MC-130J कमांडो II और चार MH-6 लिटिल बर्ड हेलिकॉप्टर नष्ट हुए। रिपोर्ट के अनुसार यह अमेरिकी विमान इन्वेंट्री के लिहाज से संघर्ष के सबसे महंगे एकल अभियानों में से एक रहा।

## ड्रोन और निगरानी प्लेटफॉर्म पर दबाव

अमेरिकी नुकसान से यह संकेत मिलता है कि लंबे समय तक चले इस संघर्ष में ड्रोन, हवा में ईंधन भरने वाले टैंकर और निगरानी प्लेटफॉर्म लगातार ऑपरेशनल दबाव में रहे हैं। पेंटागन की आधिकारिक रिपोर्ट में 28 फरवरी से 30 जून तक के नुकसान का आकलन किया गया था, जबकि *द वॉर जोन* ने बाद की घटनाओं को जोड़ते हुए सितंबर तक का व्यापक आकलन तैयार किया।

## अमेरिका के सामने नए ड्रोन की जरूरत

MQ-9A रीपर का उत्पादन 2025 में बंद हो चुका है। ऐसे में बड़ी संख्या में विमानों के नुकसान की भरपाई आसान नहीं है। अमेरिकी वायुसेना ने रीपर के विकल्प के तौर पर कम लागत वाले नए प्लेटफॉर्म विकसित करने की प्रक्रिया तेज की है। अधिकारियों के मुताबिक नए कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे विमान तैयार करना है जिन्हें बड़ी संख्या में इस्तेमाल किया जा सके और जरूरत पड़ने पर नुकसान की भरपाई अपेक्षाकृत आसानी से हो सके।

### 47 रीपर का आंकड़ा कितना पक्का है?

यहां आंकड़ों में अंतर समझना जरूरी है। पेंटागन के इंस्पेक्टर जनरल की आधिकारिक रिपोर्ट में जून के अंत तक **30 तक MQ-9A रीपर** के नष्ट होने की बात थी। अगस्त में अमेरिकी अधिकारियों ने *वॉशिंगटन पोस्ट* को **कम से कम 45** रीपर के नुकसान की जानकारी दी। सितंबर में *द वॉर जोन* ने ओपन-सोर्स जानकारी के आधार पर यह संख्या **47** तक बताई है। इसलिए 47 का आंकड़ा एक अपडेटेड स्वतंत्र आकलन है, न कि इस तारीख तक जारी कोई अंतिम आधिकारिक अमेरिकी आंकड़ा।

अमेरिका-ईरान संघर्ष में हवाई संपत्तियों का यह नुकसान आधुनिक युद्ध में ड्रोन और अन्य सपोर्ट प्लेटफॉर्म की भूमिका तथा उनकी बड़ी संख्या में उपलब्धता की अहमियत को सामने लाता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button